क्या बच्चों को शतावरी देना चाहिए? जानें बच्चों को कब दें शतावरी और इसके फायदे

Asparagus For Infants : शतावरी बच्चों के लिए काफी हेल्दी हो सकता है। हालांकि, उन्हें 10 माह के बाद शतावरी दें। यह शतावरी देने की सही उम्र होती है। 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jul 13, 2022Updated at: Jul 13, 2022
क्या बच्चों को शतावरी देना चाहिए? जानें बच्चों को कब दें शतावरी और इसके फायदे

Asparagus Benefits For Infants: बच्चों को क्या खिलाएं और क्या न खिलाएं, ये पेरेंट्स के लिए एक  मुश्किल भरा टास्क होता है। खासतौर पर अगर आपका बच्चा काफी छोटा है, तो आप इस बात से अक्सर कंफ्यूज रहते हैं। क्या आपने कभी अपने बच्चे को शतावरी खिलाने के बारे में सोचा है? अगर नहीं, तो आज से उनकी डाइट लिस्ट में शतावरी को जरूर एड करें। जी हां, बच्चों के लिए शतावरी काफी हेल्दी होता है। इससे उनके शरीर को कई लाभ मिलते हैं। शतावरी का आयुर्वेद में भी खास महत्व है। आप बच्चों को सब्जी के रूप में शतावरी का सेवन करा सकते हैं। आज हम इस लेख में बच्चों के लिए शतावरी के फायदों के बारे में जानेंगे।

बच्चों को कब से दे सकते हैं शतावरी?

नोएडा के बाल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विकास अग्रवाल का कहना है कि शुरुआती अवस्था (6 माह से पहले) में बच्चों को शतावरी देना सही विकल्प नहीं हो सकता है। इस दौरान शिशु को सिर्फ मां का दूध देना ही आहार का बेहतर विकल्प होता है। क्योंकि इस दौरान बच्चों का पेट विकासशील अवस्था में होता है, ऐसे में शतावरी को पचाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा 6 माह  शुरू होते ही उन्हें शतावरी न दें। जब बच्चे की पाचन शक्ति थोड़ी मजबूत होने लगे, तो आप उन्हें शतावरी दे सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि 8 से 10 महीने की आयु के बाद बच्चों को (When Can Babies Eat Asparagus) शतावरी दें।

बच्चों को शतावरी देने के फायदे - Asparagus Benefits for Infants

बच्चों को शतावरी देने से कई लाभ हो सकते हैं। यह उनके पाचन को सुधार करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है। इसके अलावा शतावरी के कई लाभ हो सकते हैं। 

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पाचन में करे सुधार

शतावरी में बड़ी मात्रा में प्रोबायोटिक्स  पाए जाते हैं, जो बच्चे के पेट को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। इसके सेवन से पाचन में सुधार किया जा सकता है। शतावरी बच्चों को होने वाली अपच और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में प्रभावी हो सकते हैं।

मस्तिष्क के विकास को बढ़ावा 

शतावरी में फोलेट भरपूर रूप से मौजूद होता है, जो आपके बच्चों के लिए काफी हेल्दी होता है। इससे मस्तिष्क का विकास काफी अच्छे से होता है। 

मूत्रवर्धक गुण

शतावरी में प्राकृतिक रूप से मूत्रवर्धक गुण पाया जाता है। इसका यह मतलब है कि इसके सेवन से शरीर में  यूरिन की मात्र बढ़ती है। ऐसे में शतावरी शरीर में मौजूद गंदगी को बाहर निकालने में असरदार होता है क्योंकि इसके सेवन से मूत्र के माध्यम से गंदगी बाहर निकल सकती है। इससे यूरीनरी  ट्रैक्ट में होने वाले संक्रमण की समस्या को भी रोका जा सकता है। 

फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को करता है कम

शरीर का मेटाबॉलिज्म फ्री रेडिकल्स उत्पन्न करता है, जिसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। शतावरी में मौजूद ग्लूटाथियोन (glutathione) एक डिटॉक्सिफाइंग यौगिक है, जो कोशिकाओं को इन हानिकारक फ्री-रेडिकल्स से सुरक्षित रखने में मददगार हो  सकता है। ऐसे में यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हेल्दी हो सकता है।

इम्यूनिटी को बढ़ावा

बड़ों की तुलना में बच्चे संक्रमण और एलर्जी की चपेट में अधिक आते हैं। ऐसे में उनके लिए शतावरी काफी हेल्दी हो सकता है। इससे उनकी इम्यूनिटी बू्स्ट होती है। दरअसल, शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन ए, सी, ई काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकते हैं। शतावरी में मौजूद पोषक तत्व प्रतिरक्षा कोशिकाओं के उत्पादन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

शतावरी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी हेल्दी होता है। हालांकि 8 माह से कम उम्र के बच्चों को शतावरी देने से बचें, क्योंकि इस दौरान बच्चों का पाचन तंत्र अच्छे से विकसित नहीं होता है। इसलिए उन्हें हल्का आहार देने की सलाह दी जाती है। वहीं अगर आप पहली बार बच्चों को शतावरी दे रहे हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। 

 
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