स्ट्रोक से एक महीने पहले ही शरीर देने लगता है ये 6 संकेत, रहें सावधान

जब दिमाग के किसी खास हिस्से में खून की सप्लाई कम हो जाती है या बिल्कुल बंद हो जाती है, तो उसे स्ट्रोक कहते हैं। खून की सप्लाई न होने के कारण दिमाग तक ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे 1-2 मिनट के अंदर ही मस्तिष्क की कोशिकाएं (ब

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Apr 25, 2019 15:38 IST
स्ट्रोक से एक महीने पहले ही शरीर देने लगता है ये 6 संकेत, रहें सावधान

3rd Edition of HealthCare Heroes Awards 2023

जब दिमाग के किसी खास हिस्से में खून की सप्लाई कम हो जाती है या बिल्कुल बंद हो जाती है, तो उसे स्ट्रोक कहते हैं। खून की सप्लाई न होने के कारण दिमाग तक ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते हैं, जिससे 1-2 मिनट के अंदर ही मस्तिष्क की कोशिकाएं (ब्रेन सेल्स) मरने लगती हैं। स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति माना जाता है। कई बार 10-20 सेकंड की देरी भी व्यक्ति को जीवनभर के लिए दिव्यांग बना सकती है या उसकी जान ले ले सकती है। इसलिए स्ट्रोक आने पर तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

स्ट्रोक से लगभग एक महीने पहले ही शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है। अगर आप इन संकेतों को समझकर सही समय पर डॉक्टर से मिलें और जरूरी सावधानियां बरतें, तो इससे बचा जा सकता है। सही समय पर इलाज कराने पर स्ट्रोक को पूरी तरह रोका और ठीक किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं कौन से लक्षण हैं आपके लिए खतरे का संकेत।

स्ट्रोक से पहले ही दिखने लगते हैं लक्षण

स्ट्रोक के ज्यादातर मरीजों को वास्तविक स्ट्रोक से कुछ दिनों पहले से ही स्ट्रोक जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। मेडिकल भाषा में इसे मिनी स्ट्रोक कहा जाता है। आमतौर पर ये लक्षण 4-5 मिनट के लिए दिखते हैं और फिर व्यक्ति सामान्य हो जाता है। मगर इनके दिखने पर ही आपको सावधान हो जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें:- स्ट्रोक के ये 10 लक्षण दिखने पर तुरंत करें मरीज की मदद, बच सकती है जान

बोलने में परेशानी होना

बोलते-बोलते अचानक रुक जाना या प्रयास के बावजूद न बोल पाना, ये दोनों ही लक्षण स्ट्रोक का संकेत हो सकते हैं। हमारे बोलने की क्षमता का हमारे मस्तिष्क से सीधा संबंध है। ऐसे में जब मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो व्यक्ति के बोलने की क्षमता अचानक चली जाती है।

अचानक आंखों के आगे अंधेरा छाना

स्ट्रोक का दूसरा सबसे मुख्य लक्षण आंखों के आगे अंधेरा छाना है। कई बार आपको अचानक से ऐसा महसूस हो सकता है कि आपकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया है और आपको धुंधला दिखने लगा है। ये समस्या एक आंख में भी हो सकता है और दोनों आंखों में भी हो सकती है।

चक्कर आना, बैलेंस बिगड़ना और चलने में परेशानी

आपके मस्तिष्क में ऑक्सीजन ठीक से न पहुंच पाने के कारण स्ट्रोक से कुछ दिन पहले ही आपको छोटे-छोटे झटके महसूस होने लगेंगे, जैसे- चलते-चलते अचाकन गिर जाना और चलने में परेशानी होना, चक्कर आना और गिर जाना, शरीर का बैलेंस बिगड़ जाना आदि।

शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होना

स्ट्रोक आमतौर पर आपके सिर के किसी एक हिस्से को ही प्रभावित करता है। यही कारण है कि इसके कारण दिखने वाले ज्यादातर लक्षण आपको शरीर के किसी एक हिस्से (दाएं या बाएं) में देखने को मिलेंगे। हाथ, पैर या चेहरे का सुन्न हो जाना, भारी थकान महसूस होना, हाथ-पैर और चेहरे में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना आदि मिनी स्ट्रोक के लक्षण हैं।

बिना कारण तेज सिर दर्द होना

स्ट्रोक से पहले बहुत सारे लोगों को बिना वजह तेज सिर दर्द की शिकायत होती है, जो कुछ मिनटों में ही ठीक हो जाता है। सिर दर्द के साथ-साथ चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी और चेतना खोने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:- कैसे पहचानें स्ट्रोक के लक्षण, ध्यान दें ये 6 जरूरी बातें

कंफ्यूजन की स्थिति

अगर आपको अचानक ऐसा महसूस हो कि आपकी सोचने-समझने की शक्ति चली गई है और आप कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं, तो ये भी स्ट्रोक का शुरुआती संकेत हो सकता है। मिनी स्ट्रोक में अक्सर व्यक्ति कंफ्यूज हो जाता है।

कैसे पता करें स्ट्रोक है या नहीं?

अगर आपको खुद में या किसी अन्य में ये लक्षण नजर आते हैं, तो आप एक छोटा सा टेस्ट करके पता कर सकते हैं कि ये स्ट्रोक की स्थिति है या नहीं। जिस भी व्यक्ति में स्ट्रोक जैसे लक्षण नजर आएं, उसे मुस्कुराने की कोशिश करनी चाहिए। अगर मुस्कुराने के दौरान एक तरफ का चेहरा लटक रहा है, तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति को स्ट्रोक हुआ है। इसके अलावा दूसरा टेस्ट यह है कि व्यक्ति को अपने दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहें। अगर वो व्यक्ति अपने दोनों हाथ या एक हाथ पूरा-पूरा ऊपर नहीं उठा पा रहा है, तो ये स्ट्रोक हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना एक मिनट की देरी किए नजदीकी अस्पताल तक पहुंचना चाहिए।

Read More Articles On Other Diseases in Hindi

Disclaimer