शरीर की इन अनचाही 6 जगहों पर भी होता है कैंसर, जानें कौन-कौन से अंग होते हैं शिकार

भारत में कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारतीय पुरुषों में आमतौर पर मुंह का कैंसर, जीभ का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि प्रमुख रूप से पाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर के इन हिस्सों पर भी कैंसर हो सक

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 11, 2019Updated at: Jul 11, 2019
 शरीर की इन अनचाही 6 जगहों पर भी होता है कैंसर, जानें कौन-कौन से अंग होते हैं शिकार

भारत में कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। आमतौर पर मुंह का कैंसर, जीभ का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि प्रमुख रूप से देखा जाता है। शुरुआत में अगर कैंसर का पता लग जाए तो इसका इलाज आसान हो जाता है। कैंसर एक गंभीर रोग है, जो वक्त के साथ-साथ घातक साबित हो सकता है। कैंसर के शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं लेकिन अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर के अनचाहे हिस्सों पर कैंसर हो सकता है। अगर नहीं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कि शरीर के किन-किन हिस्सों पर कैंसर हो सकता है।

नाखून के नीचे (Under a Fingernail)

जी हां, अगर आप इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते लेकिन कैंसर आपकी नाखून के निचले में भी हो सकता है। अंगूठे और पैर के अंगूठे सबसे आम हिस्से हैं, जहां कैंसर हो सकता है लेकिन होता है यह नाखून के अंदर ही है। यह आमतौर पर सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से नहीं होता बल्कि पुरानी चोट इसका संभावित कारण हो सकती है। अगर आप अपने नाखून के भीतर बिना किसी वजह के काला धब्बा पाते हैं तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से बात करें।

पांव के तले में  (Soles of the Feet)

यह भी आपकी उंगलियों के भीतर पाए जाने वाले कैंसर के समान होता है। दूसरे देशों के मुकाबले एशिया और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों में यह कैंसर मुख्य रूप में पाया जाता है। आमतौर पर  यह एक सपाट गहरे पैच के रूप में शुरू होता है और इसके चारों ओर की त्वचा स्पष्ट रूप से अलग  दिखाई देती है। यह कभी-कभी लाल या नारंगी रंग का हो सकता है। इस कैंसर को शरीर से अलग करने के लिए सर्जरी कराने की जरूरत होती है और इसके बाद आपको कीमोथेरेपी का भी प्रयोग करना पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ेंः फेफड़ों के कैंसर से जुड़े ये 5 झूठ, जिनकी सच्चाई जानना आपके लिए है बेहद जरूरी

हाथों की हथेलियां (Palms of the Hands)

मेलानोमा के शरीर के उन हिस्सों में होने की संभावना अधिक होती है, जो सूरज की रोशनी के संपर्क में नहीं आ पाते जैसे हाथों की हथेलियां और पैरों का तला। और यह कैंसर उन लोगों में अधिक होता है, जिनका रंग डार्क होता है। केवल 2 फीसदी मामलों में ही यह गोरी त्वचा वाले लोगों को होता है। यह अन्य कैंसर की तुलना में अधिक गंभीर होता है क्योंकि लोग तब तक इसे नहीं पहचान पाते जब तक इसका उपचार मुश्किल नहीं हो जाता।

पलकों पर  (Eyelid)

सूरज की किरणों के बहुत अधिक संपर्क में रहने से अक्सर इस प्रकार का त्वचा कैंसर हो सकता है। आप इसे सर्जरी के जरिए हटा सकते हैं और अगर आमतौर पर इसका उपचार जल्दी किया जाए तो यह उतना गंभीर साबित नहीं होता। यह कैंसर त्वचा की ऊपरी परत (एपिडर्मिस) में शुरू होता है। इस प्रकार का कैंसर अधिक तेजी से बढ़ता है और आस-पास के ऊतकों में आसानी से फैल जाता है।

इसे भी पढ़ेंः पोषण की कमी से भी होती है कैंसर रोगियों की मौत, जानें क्या करें जिसे न रहे कमी

सिर की त्वचा (Scalp)

सिर की त्वचा में इसका बढ़ना या ट्यूमर का होना सामान्य है लेकिन हर बार यह कैंसर नहीं होता। कैंसर के कुल मामलों में केवल 13 फीसदी ही इस प्रकार के कैंसर होते हैं। अगर आपको अपने सिर पर मस्से जैसा दिखाई देता है तो डॉक्टर से बात करिए। अगर यह कैंसर हुआ तो यह छोटा या फिर नरम हो सकता है, जिसके फटने और खून बहने की संभावना अधिक होती है।

कान के अंदर (Inside Your Ear)

अगर इसका  उपचार न किया जाए तो कान के बाहर होने वाला कैंसर कान के भीतर भी फैल सकता है। इसमें कान के भीतर के आस-पास वाली जगह शामिल होती है, जो आपके कान के बाहरी हिस्से से आपके कान के मध्य की छोटी हड्डियों से लेकर कान की नसों तक जाती है। यह नसें आपके मस्तिष्क को संकेत भेजती है, जिसके कारण आपको कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Read More Articles On Cancer In Hindi 

Disclaimer