World Alzheimer's Day 2019: अल्जाइमर के खतरे को कम करने में मददगार हैं ये 5 टिप्स, आप भी जानें

अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है और दुर्भाग्यवश यह बीमारी अच्छे से अच्छे व्यक्ति को हो सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है, जो इस बीमारी को और अधिक गंभीर बना देता ह

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: May 06, 2019Updated at: Sep 20, 2019
 World Alzheimer's Day 2019: अल्जाइमर के खतरे को कम करने में मददगार हैं ये 5 टिप्स, आप भी जानें

अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है और दुर्भाग्यवश यह बीमारी अच्छे से अच्छे व्यक्ति को हो सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है, जो इस बीमारी को और अधिक गंभीर बना देता है। अल्जाइमर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को होती है। इस बीमारी का कोई संकेत भी नहीं है। हालांकि कुछ चीजें ऐसी हैं, जो इस बीमारी के विकास के जोखिमों को रोकने में काम आ सकती हैं। आप अपनी जीवनशैली में कुछ साधारण बदलाव कर अल्जाइमर के जोखिम को कम कर सकते हैं।

शारीरिक व्यायाम बेहद आवश्यक

आपने यह कहावत अवश्य सुनी होगी कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। अपनी दिनचर्या में शारीरिक व्यायाम शामिल करने के महत्व पर पर्याप्त जोर दें। एब्स बनाने के अलावा शारीरिक व्यायाम आपके मूड को बेहतर बनाने और आपकी सेक्स लाइफ को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित वर्कआउट करने से भविष्य में अल्जाइमर के निदान के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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आध्यात्म का सहारा लें

योग और ध्यान आध्यात्मिक रूप से खुद को जीवित महसूस कराने के तरीके हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आध्यात्म आपके दिमाग को सक्रिय रखने में मदद करता है और अल्जाइमर के खतरे को कम भी कर सकता है।

धूम्रपान और शराब से दूर रहें

आप चाहें एक सिगरेट पीएं या 10 सिगरेट नुकसान एक समान ही होता है। धूम्रपान और शराब पीने से बहुत सारे स्वास्थ्य जोखिम जुड़े हुए हैं और अल्जाइमर भी उनमें से एक है। इसलिए अगर आप धूम्रपान करने वाले हैं तो इन्हें छोड़ना का प्रयास करें।

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रोजाना बैठने की प्रक्रिया में कमी लाएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार,बैठना नए जमाने का धूम्रपान है। 9 से 6 की नौकरियां करने वाले लोग इससे सहमत होंगे। इन नौ घंटों के बीच घंटों तक नहीं उठना कभी किसी के लिए अच्छा नहीं रहा। विशेषज्ञ अल्जाइमर के जोखिम को कम करने के लिए टहलने या बार-बार ब्रेक लेने का सुझाव देते हैं।

लोगों से मिले-जुलें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, "जो लोग अंतर्मुखी होते हैं या दूसरों से ज्यादा नहीं घुलते-मिलते हैं उनके इस बीमारी का शिकार होने की अधिक संभावना होती हैं। सकारात्मक लोगों के साथ जुड़े रहने और उनके साथ बातचीत करने से दिमाग सक्रिय रहता है और यह खुद को सकारात्मक विचारों से भरा रखने का एक शानदार तरीका है। समाज से जु़ड़े रहने का उद्देश्य बातचीत करना है, जो आपको बौद्धिक रूप से सक्रिय रखता है और आपके मस्तिष्क को सजग बनाए रखता है।

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