किचन में मौजूद ये 5 मसाले हैं बहुत फायदेमंद, लेकिन खाने में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है नुकसानदायक

अति हर चीज की बुरी होती है चाहे वह हर्ब्स या मसाले ही क्यों ना हो। जानें आपके किचन के 5 मसाले जिनका अधिक सेवन आपके लिए नुकसानदायक है।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Nov 17, 2020 20:20 IST
किचन में मौजूद ये 5 मसाले हैं बहुत फायदेमंद, लेकिन खाने में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है नुकसानदायक

आप ने हमेशा यह सुना होगा कि जड़ी बूटी व मसाले प्राकृतिक होते हैं और इस वजह से आप को यह कभी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, परन्तु ऐसा नहीं है। जब आप इन का बहुत अधिक मात्रा मे सेवन करते हैं तो नुकसान पहुंचाने लगते हैं। अकसर हम मसालों का प्रयोग स्वाद के लिए करते हैं। इनमें कोई कैलोरी नहीं होती। लगभग सभी मसाले और हर्ब्स प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट्स का भंडार होते हैं। कुछ मसालों में एंटी-कैंसर, एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण भी पाए जाते हैं, जिसके कारण ये जानलेवा बीमारियों से भी बचाते हैं। लेकिन मसालों का बहुत अधिक प्रयोग करने से भी कई परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही 5 मसाले, जिनका आपको अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।

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हल्दी

हल्दी हमारे रोजाना प्रयोग होने वाले मसालों मे से एक मुख्य मसाला है। इसके हमारे शरीर के लिए ढेर सारे लाभ भी होते हैं। परंतु विशेषज्ञों का मानना है कि हल्दी में जो करक्यूमिनायड्स होते हैं वह प्रतिदिन आप के लिए 400-450 मिलीग्राम काफी होते हैं।एक  चम्मच में लगभग 180 मिलीग्राम करक्यूमिन होते हैं। अतः आप को हर रोज 2 या 3 चम्मच हल्दी ही प्रयोग करनी चाहिए। वैसे तो यदि आप हल्दी का प्रयोग इससे अधिक भी करेंगे तो आप को कोई तकलीफ नहीं होगी। परन्तु यदि आप करक्युमिन के अलग से सप्लीमेंट लेते हैं तो वह आप के लिए नुक़सान दायक हो सकते हैं।

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लहसुन

लहसुन आप की किसी भी डिश में एक फ्लेवर तो एड करता ही  है साथ ही इसके एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण किसी औषधि से कम नहीं। यह आप की इम्यूनिटी बूस्टर का काम भी करता है। यही नहीं उल्टी या दस्त में भी इसका सेवन कारगार है। परंतु लहसुन में एलिसिन नामक  तत्त्व होता है जिसे अधिक खाने पर  लिवर से सम्बन्धित कुछ समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

मेथी

मेथी भी एक ऐसा मसाला है जो हर घर में पाउडर या पत्तों के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह उन महिलाओं के लिए बहुत सहायक होती है जो नई नई मां बनती हैं और जिनका शरीर अधिक दूध नहीं बना पाता है। परंतु यदि नई  मां इसे अधिक मात्रा मे खा लेती है तो इससे बच्चे व मां को दस्त होने के साथ साथ मां को अधिक ब्लीडिंग होने का भी खतरा होता है।

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अदरक

अदरक अपनी एंटी ऑक्सिडेंट व एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यह  उल्टियां बंद कराने, जी मिचलाने में बहुत सहायता करता है। परंतु आप को एक दिन में केवल 4 इंच अदरक का ही सेवन करना चाहिए। अन्यथा आप को हार्ट बर्न व खाना पचाने में दिक्कत होने लगती है। गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 1500 mg से अधिक अदरक नहीं खाना चाहिए अन्यथा इससे मिसकैरिज का खतरा रहता है।

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अश्वगंधा

अश्वगंधा के लाभों का तो आप को पता ही होगा। यह स्ट्रेस व चिंता को कम करने के काम आता है। परंतु इस के अधिक सेवन से आप का थायरॉयड लेवल बढ़ जाता है। आप को 500-600 ग्राम अश्वगंधा का ही प्रयोग करना चाहिए। और गर्भवती महिलाओं को तो यह जड़ीबूटी नहीं खानी चाहिए क्योंकि यह बच्चे का समय से पहले ही लेबर पेन का कारण बन सकती है।

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