दूध के दांत आते ही बच्चों में डालें ये 5 आदतें, हमेशा मजबूत रहेंगे दांत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 28, 2018
Quick Bites

  • बच्चे को कुछ भी खिलाने-पिलाने के बाद पानी से कुल्ला करवाएं।
  • अपने छोटे बच्चे को ब्रशिंग के दौरान टूथपेस्ट थूकना सिखाएं।
  • बच्चे के चीनी और मिठाई के सेवन को सीमित करें।

जब पहली बार छोटे शिशु के दांत निकलते हैं, तो माता-पिता को बढ़ी खुशी होती है। बच्‍चों के दूध के दांत बीस होते हैं, ये 6 महीने से लेकर 1 साल की आयु के बीच किसी भी समय आने शुरू हो जाते हैं और जब बच्‍चा 3 से 4 साल का हो जाता है तो उसके सारे दूध के दांत निकल आते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग इस उम्र तक बच्चों की दांतों की सफाई पर विशेष ध्यान नहीं देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ये दांत तो टूट ही जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल दूध के दांतों के टूटने के बाद आने वाले स्थाई दांत का आधार दूध के दांत ही बनते हैं। इसलिए पहली बार दांत आने के साथ ही शिशु के दांतों का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए आपको बताते हैं किन उपायों से आप रख सकते हैं छोटे बच्चों के दांतों का ख्याल।

कुल्ला करने की आदत डालें

थोड़ा बड़ा होने और एक-दो दांत निकल आने पर छोटे बच्चे को कुछ भी खिलाने-पिलाने के बाद पानी से कुल्ला करवाएं। इससे बच्चे का मुंह साफ रहेगा और बड़ा होने पर उसमें कुल्ला करने की आदत भी बनी रहेगी। यदि आपके बच्चे ने कुछ मीठा खाया है तो इसके आधे घंटे के बाद दांत ब्रश करें। यह उनके दांत स्वस्थ रखने में मदद करेगा।

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शुरुआत में फ्लोराइडमुक्त टूथपेस्ट

अपने छोटे बच्चे को ब्रशिंग के दौरान टूथपेस्ट थूकना सिखाएं। जब तक आपका बच्चा टूथपेस्ट थूकना नहीं सीख जाता, फ्लोराइड मुक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें जो छोटे बच्चों के लिए बनाया जाता है। अपने बच्चे को अपने दांत ब्रश करना सिखाएं, लेकिन निगरानी करने के लिए आसपास रहें।

थोड़ा बड़े होने पर फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट करवाएं

जब आपका बच्चा टूथपेस्ट को गटकने के बजाय थूकना सीख जाता है, तो फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग करें क्योंकि फ्लोराइड दांतों के इनेमल को मजबूत करता है जो क्षय के जोखिम को कम कर सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि बच्चा फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट को पेट में न जाने दे। अधिकांश बच्चों को 6-7 साल की उम्र तक ब्रश करने के लिए मदद की ज़रूरत होती है।

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कैल्शियमयुक्त आहार खिलाएं

छोटे बच्चे को स्वस्थ खाने की आदतें सिखाएं। आपके बच्चे के आहार में कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध और पनीर शामिल होने चाहिएं। कैल्शियम दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।

मीठी चीजें कम खिलाएं

बच्चे के चीनी, टॉफी, डोनट्स, मिठाई आदि के सेवन को सीमित करें। चीनी एक एसिड का उत्पादन करती है जो दांतों से कैल्शियम बाहर निकाल देता है, और इनमेल की कोटिंग को नुकसान पहुंचाता है। इससे दांतों का क्षय हो सकता है और कैविटी बन सकती हैं। रात में अपने बच्चे के ब्रश करने के बाद उसे मीठा खाने या पेय न पीने के लिए प्रोत्साहित करें। पीने के लिए केवल पानी दें अन्यथा उनके दांत सारी रात चीनी और खाने से लेपित रहेंगे। अपने बच्चे को दांतों में चिपकने वाले खाद्य पदार्थों से बचना, भोजन के बीच में स्नैकिंग कम करना, और अत्यधिक एसिड और चीनी वाले खाद्य पदार्थों और पेय से बचना सिखाएं।

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