सेहत बनाने के लिए बाजार से खरीदी केसर कहीं नकली तो नहीं? इन 3 तरीकों से पता लगाएं केसर असली है या नकली

बाजार में केसर बहुत महंगी बिकती है लेकिन आप इन 3 तरीकों से पता लगा सकते हैं कि केसर नकली है या असली।    

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: May 19, 2020 09:31 IST
सेहत बनाने के लिए बाजार से खरीदी केसर कहीं नकली तो नहीं? इन 3 तरीकों से पता लगाएं केसर असली है या नकली

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मुख्य रूप से पैदा होने वाली केसर भारत के सबसे पसंदीदा मसालों में से एक है। भारत में जम्मू कश्मीर को केसर का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य माना जाता है। बहुत कम लोग इस बारे में जानते होंगे कि केसर फूलों से निकलती है, जिसमें काफी मेहनत लगती है, यही कारण है कि केसर को दुनिया के सबसे कीमती मसालों में से एक के रूप में जाना जाता है। केसर का इस्तेमाल यूं तो मिठाई का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। केसर के खुशबूदार होने के कारण इसका इस्तेमाल परफ्यूम और कॉस्मेटिक उत्पादों में भी खूब किया जाता है। दरअसल केसर ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है, जो शरीर से रोगाणु को दूर करने, पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाने, तनाव को कम करने और कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। लेकिन महंगे के होने के कारण बाजारों में नकली केसर ढड़ल्ले से बिक रहा है और ये पता लगाना बहुत ही मुश्किल है कि कौन सा केसर असली और कौन सा केसर नकली। अगर आप भी बाजार से केसर खरीदने के लिए निकलें हैं तो इन तरीकों से असली और नकली केसर का पता लगा सकते हैं। हालांकि पहले असली केसर से होने वाले फायदे जानना जरूरी है। तो आइये जानते हैं इसके फायदों के बारे में।     

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केसर के फायदे 

याददाश्त तेज करने का काम करता है केसर     

केसर के सेवन से याददाश्त तेज करने में मदद मिलती है। केसर का नियमित सेवन बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर उम्र के लोगों की याद करने की क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और अल्जाइमर व दिमाग से संबंधित अन्य बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है। दरअसल केसर में एथनॉलिक और क्रोसिन नाम के तत्व होते हैं, जो दिमाग को तरोंताजा कर तेज बनाने में मदद करते हैं। 

पाचनतंत्र को दुरुस्त बनाता है केसर 

नियमित रूप से केसर का सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाने में मदद करता है, जिसके कारण पेट संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। केसर के सेवन से एसिडिटी और गैस संबंधी समस्याएं भी दूर होती है। पेट संबंधियों बीमारियों से दूर रहने के लिए आपको एक कप चाय में  केसर मिलाकर नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। 

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अस्थमा रोगों में फायदेमंद केसर

केसर का इस्तेमाल अस्थमा के उपचार में बरसों से होता आ रहा है। अस्थमा रोगियों को केसर के सेवन करने से सांस लेने में आसानी होती है। नियमित रूप से दूध में केसर डालकर पीने से अस्थमा रोगियों को काफी हद तक आराम मिलता है। केसर वाला दूध पीने से फेफड़ों में होने वाली जलन और सूजन भी दूर करने में मदद मिलती है।  

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एंटी-कैंसर गुणों से संपन्न केसर               

केसर में एंटी-कैंसर गुण होते हैं, जिसके कारण कैंसर का जोखिम कम होता है। दरअसल केसर में क्रोसिन होता है, जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने का काम करता है। केसर का नियमित सेवन प्रोस्टेट कैंसर, स्किन कैंसर, ब्लड कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर जैसे विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाने में मदद करता है। 

चेहरा निखारने में मदद करता है केसर

केसर के नियमित इस्तेमाल से स्किन संबंधी समस्याओं को दूर करने और चेहरे पर ग्लो लाने में मदद मिलती है। वहीं चेहरे के सावलेपन को दूर करने और चेहरे की फ्रेशनस बढ़ाने के लिए भी दूध में केसर डालकर चेहरे पर लगाने से भी चेहरे पर निखार आता है। 

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कैसे करें असली और नकली केसर की पहचान

केसर की महंगी कीमत के कारण देशभर के बाजारों में नकली केसर बेचने का धंधा खूब चल रहा है। चूंकि केसर बहुत महंगी होती है इसलिए कम ही लोग इसका उत्पादन करते हैं। अगर आप भी बाजार में केसर खरीदने के लिए निकले हैं तो इन तरीकों से असली और नकली केसर में अंतर पहचान सकते हैं व ठगी से बच सकते हैं।              

पहला तरीकाः केसर खरीदने से पहले थोड़ी सी केसर लें और उसे अपनी जीभ पर रखकर हल्का सा चबाएं। चबाने पर आपको अगर केसर का स्वाद मीठा आता है तो समझ लीजिए ये केसर नकली है। दरअसल असली केसर कड़वी होती है लेकिन इसकी खुशबू मनमोहक और मीठी-मीठी सी जान पड़ती है। 

दूसरा तरीकाः थोड़ा सा गुनगुना पानी लीजिए और उसमें केसर के एक या दो रेशे डालिए। अगर पानी में डालते ही ये रेशे रंग छोड़ने लगें तो ये इस बात का संकेत है कि केसर नकली है। असली केसर जब तक पानी में रहती है या फिर उबलती है तो बहुत धीरे-धीरे अपना रंग छोड़ती है।

तीसरा तरीकाः केसर ठंड़े इलाकों में पाई जाती है और इसके रेशे बिल्कुल सूखे होते हैं, जिन्हें पकड़ने पर ये टूटने लगते हैं। यही नहीं गर्म जगह पर रखते ही केसर खराब हो जाती है लेकिन नकली केसर वैसी की वैसी रहती है। 

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