वॉक करते वक्‍त भी जरूरी है पैरों के पोश्‍चर का ध्‍यान रखना, जानें क्‍या है सही तरीका

वॉक करते समय क्या आपने कभी अपने लेग मूवमेंट पर गौर किया है? कितनी देर और किस पोस्चर में चलने से शरीर के किस हिस्से पर क्या असर पड़ता है? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब आपको मिलेंगे इस लेख में।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 13, 2019Updated at: Mar 13, 2019
वॉक करते वक्‍त भी जरूरी है पैरों के पोश्‍चर का ध्‍यान रखना, जानें क्‍या है सही तरीका

चाहे ब्रिस्क वॉक हो या साधारण पैदल चलना, दोनों में सही पोस्चर रखना बेहद ज़रूरी है। आप जितनी तेज़ व ज़्यादा दूरी तक रोज़ाना पैदल चलते हैं, शरीर को उतना ही फायदा मिलता है लेकिन अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार ही पैदल चलें। पैदल चलना अच्छा व्यायाम है, लेकिन इसे कंप्लीट नहीं कहा जा सकता। सिर्फ पैदल चलने से आपको 90 फीसदी तक फायदे मिलते हैं जबकि चलने के साथ हाथों का सही मूवमेंट और थोड़ी स्ट्रेचिंग भी हो तो आपको शत-प्रतिशत लाभ मिल सकेगा।

अगर समय की कमी है तो साधारण वॉक भी की जा सकती है। लगभग डेढ़ किलोमीटर तक ब्रिस्क वॉक से 100 कैलरीज़ तक बर्न होती हैं, वहीं हफ्ते में अगर तीन दिन तीन किलोमीटर की वॉक करते हैं तो हर तीसरे हफ्ते आधा किलो तक वज़न भी कम हो सकता है। ऐसा तभी संभव है, जब नीचे दिए गए कुछ टिप्स को फॉलो करें।

 

वॉक करने का सही तरीका  

  • वॉक करते समय गर्दन सीधी-सामने की ओर रखें।
  • नीचे या दाएं-बाएं न देखें। हमेशा सामने की ओर देखकर चलने का प्रयास करें।
  • चिन थोड़ा नीचे की ओर झुकी होनी चाहिए।
  • पेट को अंदर की ओर खींच कर रख सकें तो अच्छा है।
  • कंधों का मूवमेंट ज़्यादा होना चाहिए।
  • पीठ भी सीधी रखें आगे या पीछे की तरफ झुका कर न चलें।
  • हाथों को फ्री कर दें, इन्हें हिलने दें। अगर हाथ कोहनी से मुड़ते भी हों तो और भी अच्छा है।
  • इस तरह चलें कि पैर की उंगलियां, एड़ी, घुटने आदि गतिशील हों। 
  • वॉकिंग/जॉगिंग शूज़ पहनकर ही वॉक पर जाएं। कपड़े थोड़े ढीले और हवादार होने चाहिए। टाइट फिट कपड़े न पहनें। स्पोट्र्स ब्रा पहनें ताकि पोस्चर सही रहे। ज़्यादा टाइट अंडरगारमेंट्स पहनने से हार्निया की आशंका हो सकती है।
  • पहली बार वॉक की शुरुआत कर रहे हैं तो खासकर पैरों को स्ट्रेच करना न भूलें।
  • ध्यान दें कि आपको मार्च पास्ट नहीं करना है, बस सीधे चलना है।
  • वॉक के दौरान म्यूजि़क सुन सकते हैं। इयरफोन लगाएं। इस पर आप फास्ट या धीमा जैसा मन हो, इसके लिए वैसा संगीत सुनें। इससे दिमाग रिलैक्स होता है लेकिन सड़क पर वॉक करते हुए गाना न सुनें, यह खतरनाक हो सकता है।
  • वॉक करते हुए मुंह से सांस न लें। इससे मुंह सूख जाता है और फेफड़ों समेत पूरी बॉडी को सही तरह से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, साथ ही फेफड़ों में धूल भी पहुंचती है।
  • फोन पर बात करते हुए वॉक न करें। इससे चलने के फायदे कम हो जाते हैं, क्योंकि शरीर और दिमाग के बीच तालमेल होना ज़रूरी है।
  • गर्मी ज़्यादा है तो वॉक करने से बचें, इससे हीट स्ट्रोक हो सकता है।
  • एड़ी पर जोर डालने से बचें। पंजों पर जोर रहेगा तो बेहतर है, वर्ना टखने में दर्द हो सकता है।

कितनी देर करें वॉक 

अधिकतर लोगों को पता नहीं होता कि वॉक कितनी देर तक करनी चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार रोज़ाना कम से कम आधा घंटे चलना चाहिए। 35 वर्ष के हैं और स्वस्थ हैं तो अधिक दूरी तक ज़्यादा स्पीड में चला जा सकता है। उम्र 40 के पार है तो कम स्पीड में वॉक करें।

30 साल की उम्र तक तेज़ चाल के साथ जॉगिंग भी की जा सकती है। इस उम्र में घंटे-डेढ़ घंटे तक वॉक करने में कोई दिक्कत नहीं होती। 35 से 50 तक की उम्र में कम स्पीड में लगभग 30-45 मिनट ही पैदल चलें। अगर थकान महसूस हो तो बीच-बीच में रुकें या थोड़ी देर सुस्ता लें। ऐसा करने से आपका मेटाबॉलिज़्म भी अच्छा रहेगा।

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ऐसा न करें

शायद आपने गौर किया होगा कि ज़्यादातर लोग वॉक करते समय तेज़ी से चलने के बाद अचानक से रुक जाया करते हैं। ऐसा मोबाइल में मेसेज, कॉल या म्यूजि़क बदलने की वजह से होता है। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। 

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