महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का संकेत हैं ये 10 लक्षण, जानें किन्हें होता है खतरा

भारत में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं। महिलाओं के गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से में (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) सर्विक्स होता है। इसी सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Sep 25, 2019 13:22 IST
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का संकेत हैं ये 10 लक्षण, जानें किन्हें होता है खतरा

भारत में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे ज्यादा महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं। महिलाओं के गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से में (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) सर्विक्स होता है। इसी सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहते हैं। 35-40 साल की उम्र के बाद जब महिलाओं के पीरियड्स अनियमित होते हैं या ब्लड ज्यादा निकलता है, तो वो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। मगर ये सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ये एक खतरनाक कैंसर है क्योंकि सर्वाइकल से फैलते हुए ये कैंसर लिवर, ब्लैडर, योनि, फेफड़ों और किडनी तक पहुंच जाता है। हालांकि ये कैंसर बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन कुछ शुरुआती लक्षणों से इसे पहचाना जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर के 10 सामान्य लक्षण

  • पीरियड्स अनियमित हो जाना
  • पीरियड्स में सामान्य से ज्यादा खून निकलना
  • सफेद पदार्थ का निकलना
  • शारीरिक संबंध के बाद खून निकलना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन
  • बार-बार यूरिन आना
  • बहुत अधिक थका हुआ महसूस करना
  • अक्सर हल्का बुखार और सुस्ती रहना
  • भूख न लगना या बहुत कम खाना
  • सीने में जलन और लूज़ मोशन आदि

आसान है सर्वाइकल कैंसर की जांच

ज्यादातर मामलों में एडवांस स्टेज में ही इसका पता चल पाता है, लेकिन पैप स्मीयर टेस्ट से इसके बारे में पता लगाया जा सकता है। ये जांच हर शहर में आसानी से उपलब्ध है। इसके ज़रिये कैंसर शुरू होने से पहले की अवस्था को आसानी से पहचाना जा सकता है। जागरूकता के अभाव में ज़्यादातर स्त्रियां यह जांच नहीं करवातीं और अंतत: सर्विक्स कैंसर की शिकार हो जाती हैं। अगर शुरुआती दौर में ही उपचार शुरू किया जाए तो इसे आसानी से दूर किया जा सकता है।

क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर

लगभग 98 प्रतिशत मामलों में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस के फैलने से सर्विक्स कैंसर होता है। आनुवंशिकता इसकी प्रमुख वजह है। अब तक किए गए अध्ययनों के अनुसार फैमिली हिस्ट्री होने पर स्त्रियों में सर्विक्स कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। गर्भाशय में चोट लगने से भी ऐसी समस्या हो सकती है। सिगरेट में मौज़ूद निकोटिन को भी इसके लिए जि़म्मेदार माना जाता है इसलिए सिगरेट पीने वाली महिलाओं में ये समस्या देखी जाती है। कुपोषण और पर्सनल हाइजीन की कमी होने पर भी यह समस्या हो सकती है। यह एसटीडी यानी सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज़ है, इसलिए कम उम्र में या असुरक्षित सेक्स और एक से ज्यादा पार्टनर्स के साथ संबंध को इसका प्रमुख कारण माना जाता है।

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कब समझें खतरे को

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं जैसे- पीरियड्स में अनियमितता, पीरियड्स में ज्यादा खून, शारीरिक संबंध के बाद खून निकलना, थकान और सुस्ती आदि। सामान्य स्थिति में दवाएं लेने के बाद तीन-चार दिनों में ऐसी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। अगर ऐसी कोशिशों के बाद भी दो सप्ताह तक स्थिति में कोई बदलाव न आए तो बिना देर किए स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना ज़रूरी है।

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