मानसून में ऐसे करें बच्चों की देखभाल, आसपास भी नहीं आएंगी बीमारी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 06, 2018

मानसून का मौसम बहुत ही खुशहाल और दिल को छू लेने वाला होता है। एक ओर जहां मानसून का सभी को इंतज़ार रहता हैं वहीं, यह अपने साथ बहुत सारी बीमारियां भी साथ लाता है। गर्मियां हमारा खान-पान से मन हटा देती हैं और गर्मियों में हमारा स्वास्‍थ्‍य भी कमज़ोर हो जाता है। गर्मियों के बाद बरसात के मौसम में स्वास्‍थ्‍य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है क्योंकि इस मौसम में बीमारियां अधिक होती हैं। बड़े लोग तो मौसम के इस बदलाव को समझ लेते हैं लेकिन बच्चों को यह बात समझाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में पेरेंट्स का फर्ज बनता है कि वह अपने बच्चों की देखभाल करें। आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बता रहे हैं जिन्हें आपको अपने बच्चों की खातिर मानसून में जरूर अपनाना चाहिए। आइए जानते हैं क्या हैं वो टिप्स—

हाथों की सफाई

मानसून में आप अपने बच्चों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। सफाई में हाथों की सफाई विशेष आवश्यक है। बच्चे अक्सर हाथ धोने में कामचोरी करते हैं। इसलिए ध्यान रखें कि बच्चों को खाना खाने से पहले हाथ जरूर धुलाएं।

कपड़ों का चुनाव

मानसून के मौसम में ध्यान रखें कि नवजात और खासकर 15 साल तक के बच्चों को हमेशा नर्म, साफं सुखें और सूती कपड़े पहनाने चाहिए। यदि उसके कपड़े किसी कारणवश गीले हो गयें हैं तो उनके कपड़े तुरंत ही बदल देने चाहिए और उन्हें हमेशा पूरी बाजू के कपड़े पहनाने चाहिए। 

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बाहर न खेलने दें

मानसून में भीगने का डर अधिक रहता है, इसलिए बच्चों को इनहाउस गेम्स खेलने को ही प्रेरित करें। अपने घर के आस-पास पानी ना जमा होने दें। मानसून आने से पहले से ही साफ-सफाई की आदत बना लें। बच्चों को इस बारे में जानकारी दें कि इस मौसम में बाहर खेलने उन्हें किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

ताजा खाना ही खिलाएं

मानसून के मौसम में नवजात की देखभाल में हमेशा बच्चों के खाने में ताजगी का ध्यान रखना चाहिए। इसके साथ ही उनको हमेशा ताजा और साफ खाना खिलाना चाहिए। 

उबाल कर ही पीएं पानी

मानसून के सीजन में सबसे ज्यादा बीमारियां पानी से होती हैं। बच्चों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता है जो जल्दी बीमारी की चपेट में आ जाता है। इसलिए ध्यान रखें कि अपने फ्रिज की बोतलों को बदलने की आदत डालें और बच्चों को उबला हुआ पानी ही दें। बाहर का जूस या पानी ना पीने दें, बोतलबंद पानी या उबले हुए पानी को ही पीने की आदत डालें।

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रैशेज की समस्या

इस मौसम में बच्चों को रैशेज होने की भी काफी दिक्कत होती हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपके बच्चे की नैपी गीली न हो। रैशेज के साथ गीली नैपकीन से सर्दी जुकाम होने का डर भी रहता है।

बारिश के बाद तुरंत बाहर न निकलें

बच्चों को बारिश के बाद बाहर निकलना काफी पसंद होता है। क्योंकि बारिश के बाद उन्हें पंछी, कीड़े मकौड़े और जमा हुआ पानी काफी पसंद होता है। इस समय इस बात का ध्यान रखें कि बच्चा खेलते खेलते जमे हुए पानी या झाड़ियों में ना चला जाए। ऐसा करने से बच्चों को कई बीमारी होने का डर रहता है।

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