अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस: योग के ये 10 फायदे, जिसे वैज्ञानिक भी मानते हैं सही

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 20, 2018
Quick Bites

  • योग शारीरिक, मानसिक और आध्‍यात्मिक अभ्‍यास का समूह है।
  • योग के अंतर्गत श्‍वसन व्‍यायाम, ध्‍यान और आसन किए जाते हैं।
  • नियमित रूप से योग का अभ्‍यास करने से कई लाभ मिलते हैं।

योग शब्‍द की उत्‍पत्ति संस्‍कृत भाषा के युज शब्‍द से हुई है, जिसका अर्थ जोड़। तन और मन का जोड़ ही योग है। शारीरिक, मानसिक और आध्‍यात्मिक अभ्‍यास के समूह को ही योग कहा जाता है। इसके अंतर्गत श्‍वसन व्‍यायाम, ध्‍यान और अलग-अलग प्रकार के आसन किए जाते हैं। नियमित रूप से योग का अभ्‍यास करने से मानसिक और शारीरिक रूप से कई लाभ मिलते हैं, जिन्‍हें साइंस सही मानता है। इस लेख के माध्‍यम में हम आपको 10 ऐसे फायदे बता रहे हैं जिसे वैज्ञानिकों ने भी अपनी मंजूरी दी है।

1- तनाव दूर करता है योग

योग तनाव को कम करने और शरीर को आराम देने के लिए जाना जाता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि योग कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्राव को कम कर सकता है। इस संबंध में 24 महिलाओं पर एक अध्‍ययन किया गया, जिसके अंतर्गत 3 महीने तक महिलाओं ने योग और ध्‍यान किया। तीन महीने के योग कार्यक्रम के बाद, महिलाओं में कोर्टिसोल के काफी कम स्तर थे। उनमें तनाव, चिंता, थकान और अवसाद के स्तर भी बिल्‍कुल कम थे।

2- चिंतामुक्‍त करता है योग

बहुत से लोग चिंता की भावनाओं का सामना करने के लिए योगाभ्‍यास करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई शोध में योग चिंता को कम करने में मदद कर सकता है। एक अध्ययन में, चिंता विकार के निदान के लिए 34 महिलाओं ने योगा क्‍लास में दो महीने के लिए हिस्‍सा लिया। अध्ययन के अंत में, योग करने वाले लोगों में चिंता के स्तर में काफी कमी पाई गई। योग से Post Traumatic Stress Disorder में भी लाभ मिल सकता है।

3- शरीर का सूजन कम करता है

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के अलावा, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि योग का अभ्यास करने से सूजन को भी कम किया जा सकता है। दरअसल, सूजन एक सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है, लेकिन क्रॉनिक इंफ्लामेशन प्रो-इंफ्लैमेटरी बीमारियां जैसे हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर के विकास में योगदान दे सकती हैं। इसलिए योग से इंफ्लामेशन या सूजन को कम कर इन बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

4- ह्रदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए है बेहतर

ह्रदय हमारे शरीर में रक्‍त को पंप करने के साथ महत्वपूर्ण पोषक तत्वों और ऊतकों की आपूर्ति करता है। इसलिए शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए ह्रदय को स्वस्‍थ रखना बहुत जरूरी है। अध्ययन से पता चलता है कि योग हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने और दिल की बीमारी के लिए कई जोखिम कारकों को कम करने में मदद कर सकता है। एक अध्ययन में 40 वर्ष से अधिक उम्र के व्‍यक्तियों को शामिल किया गया जो पिछले पांच साल से नियमित योग करते थे। ऐसे लोगों का रक्‍तचाप स्‍तर और पल्‍स रेट नॉर्मल थी। उच्च रक्तचाप दिल की समस्याओं, जैसे दिल के दौरे और स्ट्रोक के प्रमुख कारणों में से एक है। आपके रक्तचाप को कम करने से इन समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। कुछ शोध से पता चलता है कि स्वस्थ जीवनशैली में योग को शामिल करने से दिल की बीमारी की प्रगति धीमी हो सकती है।

5- शरीर को बनाता है लचीला

शरीर को लचीला और संतुलन सही रखने के लिए दिनचर्या में योग को शामिल करना सबसे अच्‍छा विकल्‍प है। हाल ही में एक कॉलेज के 26 पुरुष एथलीटों पर योग के 10 सप्‍ताह के प्रयोगों को अध्‍ययन किया गया। नॉर्मल व्‍यक्तियों की तुलना में योग करने वाले पुरुषों में लचीलापन और संतुलन ज्‍यादा पाया गया। अधिक उम्र के व्‍यक्तियों में भी योग के कई फायदे देखने को मिले हैं। योग से स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार पाया गया।

6- पाचन शक्ति मजबूत करता है

अल्सर, इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम, कब्ज का कारण तनाव होता है। यदि आप तनाव को कम कर देते हैं। इन सारी समस्‍याओं से छुटाकारा पा सकते हैं। योग, कब्ज को कम कर सकता है और सैद्धांतिक रूप से कोलन कैंसर के खतरे को कम कर सकता है। इसका वैज्ञानिक रूप से अध्ययन नहीं किया गया है। ऐसे आसान जो पुरी बॉडी को बीच से घुमा कर किया जाता है वह पेट की हर बीमारी को दूर कर सकते हैं। इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है।

7- योग से बढ़ती है ताकत

नियमित योग करने से बॉडी की स्‍ट्रेंथ बढ़ाई जा सकती है। योग से बॉडी लचीली होने के साथ ताकत भी बढ़ता है। वास्तव में, योग में विशिष्ट आसन हैं जो ताकत बढ़ाने और मांसपेशियों का निर्माण करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। एक अध्ययन में, 79 वयस्कों ने सूर्य नमस्कार के 24 चक्र किए। उन्‍होंने यह क्रिया निरंतर 24 सप्‍ताह तक सप्‍ताह में 6 दिन किए। जिसके बाद उन्होंने शरीर की ताकत, सहनशक्ति और वजन घटाने में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुभव किया। साथ ही शरीर में वसा प्रतिशत में कमी भी आई।

8- अच्‍छी नींद दिलाए

खराब नींद या देर तक जागने वाले व्‍यक्तियों में मोटापा, उच्‍च रक्‍तचाप और अवसाद से जुड़ी कई तरह की समस्‍याएं देखने को मिलती है। अध्ययनों से पता चलता है कि योग को अपने दिनचर्या में शामिल करने से बेहतर नींद को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। 2005 के एक अध्ययन में, 69 बुजुर्ग मरीजों को योग का अभ्यास करने के लिए कहा गया। जिसके बाद योग करने वाले इस समूह में लोगों को बेहतर नींद और आराम का परिणाम मिला।

9- शारीरिक दर्द करे दूर

पुराने दर्द से लाखों लोग प्रभावित रहते हैं। दुर्घटना में खाई चोट और गठिया आदि के कारण लोग जीवन भर दर्द से पीडि़त रहते हैं। अध्‍ययन से पता चलता है कि योग का अभ्यास कई प्रकार के पुराने दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। एक अध्ययन में, 42 व्यक्तियों को कार्पल टनल सिंड्रोम था या तो कलाई स्प्लिंट की समस्‍या थी, जिन्‍हें आठ सप्ताह तक योग कराया गया। अध्ययन के अंत में, दर्द को कम करने में काफी हद तक मदद मिली।

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10- जीवन खुशहाल बनाए

योग कई व्यक्तियों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए एक सहायक चिकित्सा के रूप में तेजी से फैल रहा है। एक अध्ययन में, 135 वरिष्ठ नागरिकों को छह महीने के लिए योग कराया गया। जिसके बाद परिणाम काफी आश्‍चर्यजनक थे। योगाभ्‍यास से जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ, साथ ही मनोदशा और थकान में भी कमी आई।

आप भी अपनी दिनचर्या में योग और ध्‍यान को शामिल कर अपने शरीर को रोग मुक्‍त और जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।

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