पेसिव स्‍मोकिंग से बच्‍चों में मोटापे का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 23, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

धूम्रपान सेहत के लिहाज से नुकसानदेह होता है यह बात सभी जानते हैं, लेकिन शायद यह कोई नहीं जानता कि परोक्ष धूम्रपान करने से आपके बच्‍चे का वजन भी बढ़ता है।

Obesity in Children in Hindiजी हां, हाल ही में टोरंटो में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि परोक्ष धूम्रपान का असर बच्‍चों पर पड़ता है और इसके कारण बच्‍चों में मोटापे का खतरा अधिक होता है।

कनाडा के मॉण्ट्रियल विश्वविद्यालय द्वारा किये गये इस शोध की मानें तो धूम्रपान करने वाले परिजनों के बच्चे 10 वर्ष के होते-होते अन्य बच्चों की अपेक्षा चौड़ी कमर वाले हो जाते हैं तथा उनमें बॉडी मॉस इंडेक्स भी उच्चतर होता है।

इस अध्ययन के मुताबिक, छोटे बच्चों के आस-पास धूम्रपान करना गर्मावस्था के दौरान धूम्रपान जितना ही हानिकारक होता है। अध्ययन के मुख्य लेखक लिंडा पागानी ने बताया कि 'बच्चों के बीच धूम्रपान करने वाले परिजनों के बच्चों की कमर 10 वर्ष का होते-होते इसी अवस्था के अन्य बच्चों की अपेक्षा चौड़ी हो जाती है।'

पागानी ने यह भी कहा कि उनमें बीएमआई भी 0.48 से 0.81 अंक अधिक होता है। यह गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान के कारण पड़ने वाले प्रभाव जितना ही है। शोध में 2,055 परिवारों और उनके बच्चों के बीच व्यवहार का तुलनात्मक अध्ययन किया गया, जिसके बाद ये निष्कर्ष आए।

अध्ययन के अनुसार, इसके कारण होने वाले मोटापे का असर गंभीर होता है और लंबे समय तक बना रहता है। शोध के नतीजे प्रमुख शोध पत्रिका 'निकोटीन एंड टोबैको रिसर्च' के ताजा अंक में प्रकाशित हुए हैं।

 

Image Source - Getty

Read More Health News in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES701 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर