शरीर में आयरन की कमी पूरी करने और दिमाग के बेहतर विकास के लिए क्या करें? जानें WHO की गाइडलाइन

पैदा होने वाले शिशु से लेकर बुढ़ापे तक हर व्यक्ति के लिए आयरन बेहद जरूरी है। जानें WHO के अनुसार आप शरीर में आयरन की कमी को कैसे पूरा करें।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Apr 22, 2020Updated at: Apr 22, 2020
शरीर में आयरन की कमी पूरी करने और दिमाग के बेहतर विकास के लिए क्या करें? जानें WHO की गाइडलाइन

शरीर में आयरन की कमी होने पर शरीर खून कम बना पाता है। इस बीमारी को एनीमिया कहते हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि भारत में 50% से ज्यादा महिलाएं शरीर में खून की कमी से लड़ रही हैं। शरीर में आयरन की जरूरत सबसे ज्यादा तब होती है, जब महिला गर्भवती होती है। WHO के अनुसार दुनियाभर में 61.4 करोड़ महिलाएं और 28 करोड़ बच्चे एनीमिया का शिकार हैं। प्रेग्नेंसी के समय शरीर में आयरन की कमी मां के साथ-साथ बच्चे के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। शरीर में आयरन की कमी के कई लक्षण हैं, जिनके बारे में आगे बताया गया है। इसके अलावा आयरन की कमी पूरी करने के लिए WHO ने गाइडलाइन्स जारी की हैं, जिसे फॉलो करके आप इस कमी को पूरा कर सकते हैं।

बच्चों के जीवन पर पड़ता है आयरन की कमी का बुरा असर

आयरन वैसे तो सभी के लिए जरूरी है। मगर WHO कहता है कि अगर गर्भवती महिला में गर्भावस्था के आखिरी तिमाही में आयरन की कमी होती है, तो इसका असर उसके होने वाले बच्चे की समझदारी के विकास पर बुरा पड़ता है। 2 साल से कम उम्र के बच्चों में अगर आयरन की कमी होती है, तो उनके दिमाग के विकास पर इसका बुरा असर पड़ता है। ऐसे बच्चे पढ़ाई-लिखाई में कमजोर होते हैं क्योंकि इनके सीखने की क्षमता सही से विकसित नहीं हो पाती है। इसके अलावा ऐसे बच्चे मानसिक रूप से भी कमजोर होते हैं।

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शरीर के लिए क्यों जरूरी है आयरन?

आयरन शरीर के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि आयरन ही शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। इसके अलावा आयरन DNA सिंथेसिस और मेटाबॉलिज्म के लिए भी बहुत जरूरी है। ग्लोबल रिपोर्ट बताती है कि आयरन की कमी सबसे ज्यादा महिलाओं और बच्चों में ही पाई जाती है। पुरुषों में इसकी कमी के मामले कम हैं।

आयरन की कमी से होने वाली परेशानियां (संकेत)

  • आयरन की कमी से थकान होती है।
  • मेहनत वाला काम करने की क्षमता कम हो जाती है और परफॉर्मेंस पर फर्क पड़ता है।
  • गर्भावस्था में आयरन की कमी से बच्चा कमजोर और हल्का पैदा होता है।
  • महिलाओं में पीरियड्स की गड़बड़ी भी आयरन की कमी का संकेत है।
  • इसकी वजह से कई संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। (वर्तमान में कहर ढा रही कोरोना वायरस की बीमारी भी इनमें से एक है।

आयरन की कमी पूरी करने के लिए WHO की गाइडलाइन

WHO के अनुसार ज्यादातर लोगों के शरीर की आयरन की जरूरत रोजाना के खानपान से पूरी हो जाती है। जिन लोगों के खानपान में गड़बड़ी होती है, उन्हीं के शरीर में आयरन की कमी ज्यादा होती है। ऐसा खासकर गरीब देशों की महिलाओं में ज्यादा देखने को पाया गया है। इसके लिए WHO कहता है कि हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लेकर आयरन की गोलियों का सेवन किया जाना चाहिए। आयरन की ये गोलियां गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल से मुफ्त में मिल सकती हैं। इसके अलावा इन बातों को भी अपनाएं।

  • विटामिन सी वाले आहारों का सेवन ज्यादा करें क्योंकि विटामिन C शरीर में आयनर को अवशोषित होने में मदद करता है।
  • खाने के साथ या तुरंत बाद चाय और कॉफी का सेवन कभी न करें क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण रुकता है।
  • सभी खट्टे फलों में विटामिन C की मात्रा अच्छी होती है इसलिए इनका सेवन करना चाहिए।
  • जन्म के बाद शिशु को कम से कम 6 माह तक मां का दूध जरूर पिलाएं। इससे आयरन की कमी पूरी होने के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ती है।
  • शिशुओं के लिए गाय का दूध नुकसानदायक हो सकता है इसलिए गाय का दूध उन्हें न पिलाएं। गाय के दूध से शिशु के आंतों में अंदरूनी ब्लीडिंग हो सकती है।
  • छोटे बच्चों को दिन में कम से कम 4-5 बार हेल्दी घर का बना हुआ खाना खिलाएं, ताकि उनके शरीर को पौष्टिक तत्व मिल सकें।

आयरन की अच्छी मात्रा वाले फूड्स

तमाम ऐसे फूड्स हैं, जिनमें आयरन की मात्रा अच्छी होती है इसलिए इनका सेवन सभी को जरूर करना चाहिए। ये फूड्स हैं- हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और लेग्यूम्स (मटर, चना, राजमा, छोले आदि), जानवरों का मीट, मछली, अंडे, विटामिन सी और ए वाले फल, फॉलिक एसिड वाले फल, आलू, फूल गोभी, पत्ता गोभी आदि।

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