जानें कितना खतरनाक है निपाह वायरस, संक्रमण के लक्षण और बचाव के टिप्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 24, 2018
Quick Bites

  • संपर्क में आने के 5-14 दिन में दिखते हैं निपाह वायरस के लक्षण।
  • चमगादड़ों और सुअरों से फैलता है निपाह वायरस।
  • दिमाग की नसों में आ जाती है सूजन।

हाल में ही केरल के कोझिकोड में सप्ताह भर में लगभग एक दर्जन लोगों की जान लेने के कारण निपाह वायरस खासा चर्चा में आया है। ये एक ऐसा वायरस है जो चमगादड़ों की लार से फैलता है और इसका खतरा मनुष्यों और जानवरों दोनों को होता है। बुधवार को जारी एक अलर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में भी इस वायरस का खतरा मंडरा रहा है इसलिए लोगों को इससे सावधान रहने की जरूरत है।

क्या है निपाह वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्लूएचओ के अनुसार निपाह एक नए तरह का वायरस है जो इंसानों और जानवरों दोनों में फैल रहा है। ये वायरस सबसे पहले 1998 में मलेशिया में पाया गया था। उस समय ये सुअरों की वजह से फैला था। यानि सुअर भी निपाह वायरस के वाहक हो सकते हैं। मलेशिया में इस वायरस के संक्रमण के दौरान दो कुत्तों की भी मौत हो इसी वायरस से बताई जाती है। इसके बाद 2004 में बांग्लादेश में ये वायरस खजूर के पेड़ से फैला था। इस वायरस को फैलाने वाले चमगादड़ जिन्हें फ्रूट बैट कहा जाता है टेरोपोडाई प्रजाति से आते हैं। ये ऐसे चमगादड़ हैं जो रात में फलों पर चिपक जाते हैं और पेड़-पौधों का रस पीते हैं। इसी दौरान इन चमगादड़ों की लार पेड़ और फलों को संक्रमित कर देती है। बांग्लादेश में वायरस फैलने के संभावित कारणों में यह भी था कि वहां किसी संक्रमित पेड़ पर चढ़ने के दौरान वयक्ति के शरीर में संक्रमण हो गया था यानि ये वायरस इतना खतरनाक है कि शरीर के छोटे से हिस्से में छू जाने भर से व्यक्ति को बीमार बना सकता है। निपाह एक तरह का संक्रामक वायरस है जो रोगी को छूने और उसके लार के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इस वायरस से सावधान रहने की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें:- 24 घंटे के अंदर कोमा में भेज सकता है 'निपाह' वायरस, जानें लक्षण और बचाव

निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षण

इंसेफ्लाइटिस रोग की ही तरह निपाह वायरस की चपेट में आने से रोगी के दिमाग की नसों में सूजन आ जाती है। वायरस के संपर्क में आने के 5-14 के अंदर व्यक्ति को इस रोग के लक्षण दिखाई देना शुरू होते हैं। सबसे पहले तेज बुखार आता है और सिरदर्द की समस्या होती है। इसके साथ ही मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। कई मरीजों में दिमाग की नसों में सूजन की समस्या आ जाती है और मांसपेशियों में लगातार दर्द बना रहता है।

कितना खतरनाक है ये वायरस

निपाह वायरस चूंकि भारत में नया है इसलिए इसके इलाज और इससे बचाव की जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं है। जानकारी का यही अभाव इस वायरस को खतरनाक बना देता है। चूंकि ये वायरस मरीज को छूने और उसके लार के संपर्क में आने से फैलता है इसलिए ये बेहद खतरनाक है। लक्षणों के दिखने के 24 से 48 घंटे के भीतर ही ये वायरस मरीज को कोमा की स्थिति में पहुंचा सकता है क्योंकि इस वायरस का असर दिमाग की नसों पर तेजी से होता है और उनमें सूजन आना शुरू हो जाती है।

इसे भी पढ़ें:- गर्मी शुरू होते ही बढ़ जाता है इन 5 बीमारियों का खतरा, जानें कारण और बचाव

क्या है निपाह वायरस का इलाज

जिन चमगादड़ों की हम बात कर रहे हैं वो इसके वाहक हैं यानि वो ये वायरस फैलाते हैं और वो इसका कारण नहीं हैं। चूंकि इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है इसलिए निपाह वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं खोजी गई है। हालांकि वायरस से होने वाले खतरों को देखते हुए सपोर्टिव केयर के जरिए इस वायरस की चपेट में आए मरीज को ठीक किया जा सकता है। चूंकि ये वायरस छूने से फैलता है इसलिए इस रोग के इलाज के दौरान अस्पताल में इंफेक्शन को रोकने के इंतजाम भी बहुत पुख्ता करना पड़ता है वर्ना इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्स भी इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं। हालांकि कुछ सावधानियां रखकर इस वायरस को फैलने से बचाया जा सकता है।

निपाह वायरस से कैसे करें बचाव

  • फलों के जरिए इस संक्रामक रोग के वायरस तेजी से फैलते हैं इसलिए फलों को खाने में सावधानी बरतें।
  • अगर कोई व्यक्ति इस वायरस से पीड़ित है तो न तो उसके नजदीक जाएं और न ही उसे छुएं।
  • तेज बुखार और सिरदर्द होने की स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्कर करें और अपने से कोई दवा न खाएं।
  • अगर किसी व्यक्ति की मौत इस वायरस की वजह से हुई है तो उसके शव से भी दूर रहें।
  • उम्रदराज लोगों और डायबिटीज के मरीजों को है ज्यादा खतरा।
  • संक्रमित इलाके के कुत्ते, बिल्ली, पंछी आदि भी इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं और उन्हें छूने से आप भी इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।
  • संक्रमित इलाक में किसी भी जानवर का मांस और फल खाने से बचें।
  • किसी भी स्थिति में सुअर को छूने या ताजा मांस खाने से बचें।
  • निपाह वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर, साबुन, कंघी आदि का इस्तेमाल न करें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Communicable Diseases In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1296 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK