जानें, शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं विटामिन्स और क्या हैं इनके काम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 23, 2018
Quick Bites

  • संतुलित भोजन करके ही स्वस्थ रहा जा सकता है।
  • यदि आप फिट और स्वस्थ रहना चाहती हैं तो फास्ट फूड से दूर रहें।
  • विटामिन के सेवन से इसके सेवन से त्वचा खिली-खिली रहती है।

आजकल के समय में संतुलित भोजन करके ही स्वस्थ रहा जा सकता है। चिकित्सकों के अनुसार जो महिलाएं हरी सब्जियां और मौसमी फल लेती हैं, उन्हें स्त्रीरोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है। गृहणियों की और कामकाजी महिलाओं की जीवनशैली अलग-अलग होती है। अत: इन्हें अपने आहार और जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन कुछ व्यायाम भी करना चाहिए। हेल्थ एक्सपट्र्स का कहना है कि जहां तक संभव हो जंक फूड और फास्ट फूड्स परहेज करना चाहिए।

व्यस्तता के कारण बहुत सी महिलाएं पिज्जा, बर्गर, फिंगर चिप्स, अन्य तली हुई चीजें, चॉकलेट, पेस्ट्री, केक, कोल्ड ड्रिंक्स आदि का खूब सेवन करती हैं। यदि आप फिट और स्वस्थ रहना चाहती हैं तो इन चीजों का सेवन करना बंद कर दें। इनके स्थान पर संतुलित और ताजा भोजन करें। साथ ही अपने आहार में रेशेदार खाद्य पदार्र्थों को सम्मिलित करें। कच्चे अनाज, सब्जियों, फलों में काफी रेशे होते हैं। इनके सेवन से पाचनक्रिया भी सही रहती है।

जीवन की विभिन्न महत्वपूर्ण क्रियाओं के लिए तथा रक्त बनाने, हड्डियों, दांतों, आंखों और स्किन को स्वस्थ व सही रखने के लिए हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के विटामिनों और खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है। इनमें से अधिकतर विटामिन और खनिज सब्जियों और फलों से प्राप्त होते हैं। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने वाले कुछ प्रमुख विटामिन्स हैं ए, बी, सी, डी, ई और के।

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विटामिन-डी

वैसे तो यह विटामिन सूर्य की रोशनी से स्वत: मिलता रहता है, लेकिन अधिक देर तक धूप में रहना त्वचा के रंग-रूप के लिए अच्छा नहीं रहता। यही नहींइस विटामिन की कमी से चेहरे पर समय से पूर्व प्रौढ़ता आ जाती है, हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और अनिद्रा की शिकायत होने लगती है। इसलिए दूध, दही, पनीर, मटर, अंडा आदि को अपने आहार में अवश्य सम्मिलित करना चाहिए। अगर भोजन के द्वारा शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा न पहुंच रही हो तो अपने चिकित्सक से परामर्श करके इसकी टैबलेट खानी चाहिए। वैसे विटामिन डी उन्हीं खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है जिनमें विटामिन ए की मात्रा अधिक होती है।

विटामिन-बी

इसके सेवन से त्वचा स्वस्थ रहती है। साथ ही छाले, होंठों के कटे किनारे ठीक होते हैं। विटामिन बी मुंहासे दूर करने में भी सहायक है। इससे बालों में चमक आती है और बालों का झड़ना भी रुकता है। यह आंखों को स्वस्थ रखने के साथ ही पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है। इसे हरी पत्तेदार सब्जियों, आटा, जौ, चावल, अंडा, फिश, दूध, दही, केला, अंगूर, नाशपाती, नारंगी, टमाटर, मूंगफली, किशमिश, प्याज, लहसुन आदि से प्राप्त किया जा सकता है।

विटामिन-ए

इसके सेवन से त्वचा खिली-खिली रहती है। साथ ही नाखून, बाल, हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है तथा मुंहासों से बचाव होता है। विटामिन ए के प्रमुख स्रोत हैं दूध, दही, मक्खन, क्रीम, पनीर, गाजर, टमाटर, अंडा, फिश आदि। यह पीले फलों और हरी पत्तेदार सब्जियों से भी प्राप्त किया जा सकता है।

विटामिन-सी

इसकी कमी से जुकाम, खांसी आदि होने का अंदेशा बना रहता है। साथ ही शरीर में असमय झुर्रियां पड़ने लगती हैं और बाल भी झड़ने लगते हैं। इसका सेवन मसूड़ों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विटामिन सी सामान्यतया नींबू और इसके परिवार के फलों जैसे संतरा, मौसमी आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आंवले का किसी भी रूप में सेवन करने पर शरीर को विटामिन सी की काफी प्राप्ति होती है। इसके अलावा यह अमरूद, सेब, पपीता, शरीफा, पाइनएपल, अंगूर, टमाटर, शकरकंद, शलजम, गाजर आदि में भी पाया जाता है।

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विटामिन-के

इस विटामिन की चर्चा बहुत कम होती है। माना जाता है कि इसका मुख्य कार्य खून बहने के दौरान उसे जमने में मदद करना है। जिन लोगों में इस विटामिन की कमी होती है, यदि उन्हें चोट लग जाये तो बहते हुए खून को रोकना कठिन हो जाता है। विटामिन के से हड्डियां मजबूत होती हैं और हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। यह विटामिन हरी पत्तेदार सब्जियों, गोभी, अन्य रंग-बिरंगी सब्जियों, सोयाबीन और जैतून के तेल, अंडा में पाया जाता है।

विटामिन-ई

स्किन एक्सपट्र्स का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ विटामिन ई काफी आवश्यक होता है। कारण, यह त्वचा में चमक और नमी बनाए रखने में सहायक होता है। इसकी कमी से त्वचा की प्राकृतिक चमक कम हो जाती है और त्वचा झुर्रीदार व धब्बेदार हो जाती है। यही नहीं इसकी कमी से त्वचा का रंग भी बदलने लगता है। इसकी पूर्ति के लिए अपने आहार में वेजीटेबल ऑयल, मूंगफली, अनाज, चोकरयुक्त आटा, काजू, बादाम, खजूर, नारियल पानी, मक्खन, दूध, घी आदि और हरी सब्जियों जैसे मेथी, पालक को अवश्य शामिल करें।

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