बच्चों को जिम्मेदार बनाने के लिए उन्हें सिखाएं घर के ये छोटे-छोटे काम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 13, 2018
Quick Bites

  • बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना मां-बाप का कर्तव्य होता है।
  • बच्चों को जिम्मेदार बनाना मां-बाप का उद्देश्य होना चाहिए।
  • घर के कुछ काम बच्चों से करवाएंगे तो वो जिम्मेदार बनेंगे।

बच्चे मां-बाप की खुशियों का आधार होते हैं इसलिए मां-बाप उन्हें किसी तरह का कोई कष्ट नहीं देना चाहते हैं। बच्चों पर अपने इसी प्यार के कारण बहुत से मां-बाप बच्चों को आराम की इतनी सहुलियत दे देते हैं कि बच्चे बाद में काम करने से बचने लगते हैं और जबरदस्ती करने पर बहाने खोजने लगते हैं। बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना ही मां-बाप का कर्तव्य होता है और इसके लिए बच्चों को जिम्मेदार बनाना उनका उद्देश्य होना चाहिए। बच्चों को अगर अपने काम के प्रति जिम्मेदार बनाना है तो उन्हें बचपन से ही घर के छोटे-छोटे मनोरंजक कामों में लगाएं, जिससे उन्हें अपने जरूरी काम करने की आदत हो जाए और घर की जिम्मेदारियों में योगदान करने की समझ विकसित हो जाए। घर में ऐसे बहुत से काम होते हैं जो आप खुद करने के बजाय अगर बच्चों से करवाएंगे तो उन्हें मजा भी आएगा और वो जिम्मेदार भी बनेंगे।

घर सजाने में मदद करना

आमतौर पर घर को सजाने-संवारने की जिम्मेदारी घर के बड़े सदस्यों पर ही होती है जबकि इस काम में बच्चों की छोटी-मोटी मदद ली जा सकती है और वे इसमें इंटरेस्ट भी लेंगे। ये बात जरूर है कि बच्चे हर तरह का काम नहीं कर सकते मगर वो आपके साथ छोटे-छोटे कामों में हाथ बंटा सकते हैं और घर को किस तरह सजाना है इस पर अपनी राय दे सकते हैं। रोजमर्रा के काम जैसे सजावट के सामानों की सफाई करना, बिस्तर लगाना आदि जो काम छोटे और आसान हैं, वो तो आप बच्चों से करवा ही सकते हैं।

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कचरा डस्टबिन में डालना

बच्चों को शुरुआत से ही इस चीज के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए कि वो खराब चीजों, सामानों के रैपर्स, कागज के टुकड़े, फलों के बीज और छिलके और कचरे को डस्टबिन में ही डालें। आमतौर पर देखा जाता है कि 2-3 साल की उम्र से बड़े बच्चे घर में कचरा ज्यादा करते हैं इसलिए उन्हें ये शिक्षा देना जरूरी होता है। बच्चों को सफाई के साथ-साथ इस चीज के लिए भी प्रेरित करें कि वो किसी को कचरा फैलाते हुए देखें, तो उसे टोकें।

चीजों को सही जगह पर रखना

बच्चे घर में मौजूद सामान को इस्तेमाल करते हुए या खेलते हुए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा देते हैं जिससे बाद में उस चीज की जरूरत होने पर वो आपको आसानी से नहीं मिल पाती है। इसलिए बच्चों को बचपन से ही ये बात सिखानी चाहिए कि चीजों को जहां से उठाएं वहीं रखें। जैसे बच्चों को समझाएं कि खिलौनों को खेलने के बाद उनकी निश्चित जगह पर रखें और खेली हई जगह पर अगर गंदगी हुई है तो वो भी साफ करें।

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धुलने वाले कपड़ों को लॉन्ड्री बैग में रखना

छोटे बच्चों को समझाएं कि पहने हुए, गंदे या धुलने वाले वाले कपड़ों को उनकी सही जगह यानि लॉन्ड्री बैग में ही रखें। इसका सबसे अच्छा उपाय ये है कि बच्चों के कपड़ों के लिए एक छोटी सी अलमारी अलग से रखें जिसमें वो खुद ही अपने कपड़े रखें, पहनने के लिए कपड़े चुनें और गंदे होने पर लॉन्ड्री बैग में रखें। इसके अलावा आप बच्चों को इस अलमारी को अपनी मर्जी के मुताबिक सजाने के लिए भी कह सकते हैं।

गार्डन में पौधों को पानी देना

आमतौर पर बच्चों को पानी से खेलना बहुत पसंद होता है और पानी वाले कामों में उन्हें मजा आता है इसलिए बच्चों को पानी से जुड़े ऐसे काम दे सकते हैं जिसमें उनकी सेहत को कोई नुकसान न पहुंचे जैसे पानी से चीजों की सफाई करना और पौधों को पानी देना। पौधों को पानी देने से बच्चे प्रकृति के महत्व को समझेंगे और प्रकृति की चीजों से अपना जुड़ाव महसूस करेंगे। इससे बच्चों का शारीरिक व्यायाम भी हो जाएगा।

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