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क्या आपने खाए हैं तिलकोर के पत्ते? जानें इस देसी साग के जबरदस्त फायदे

Tilkor Leaves Benefits: झाड़ियों और नमी वाली जगह पर खुद से उग जाने वाला तिलकोर मिथिलांचल में पर्व-त्योहारों में विशेष रूप से खाया जाता है। 

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasPublished at: Jul 27, 2022Updated at: Jul 27, 2022
क्या आपने खाए हैं तिलकोर के पत्ते? जानें इस देसी साग के जबरदस्त फायदे

Tilkor leaves Health Benefits: भारत औषधियों का देश है, अगर ऐसा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। उत्तर से लेकर दक्षिण तक यहां विभिन्न तरह की औषधियां और पौधे पाए जाते हैं, जो खाने से लेकर कई तरह की बीमारियों के इलाज तक कई तरह से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन्हीं पौधों में से एक है तिलकोर। बिहार के मिथिलांचल में मॉनसून के मौसम में तिलकोर के पत्ते का सेवन जरूर किया जाता है। तिलकोर का वनस्पति नाम मोमोरेडिका मोनाडेल्फा है।

झाड़ियों और नमी वाली जगह पर खुद से उग जाने वाला तिलकोर मिथिलांचल में पर्व-त्योहारों में विशेष रूप से खाया जाता है। इसके अलावा खास मौकों पर  मेहमानों को परोसे जाने वाले खाने में भी इसे शामिल करने की परंपरा रही है। बेसन की लेयर लगने और तेल में फ्राई होने के बाद कुरकुरे तिलकोर का स्वाद हर किसी को बहुत पसंद आता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2021 में हर्बल मेडिसिन (Herbal Medicine) में जिन 2500 वनस्पतियों को शामिल किया था, उसमें तिलकोर का नाम भी शामिल था। तिलकोर सेहत के लिए कितना फायदेमंद है और इसमें कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं इसके बारे में हमने दरभंगा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रफुल दास से बातचीत की।

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तिलकोर के पत्तों में पाए जाते हैं कई पोषक तत्व

डॉक्टर प्रफुल ने बताया कि तिलकोर की पत्तियों (Tilkor leaves) में मेथेनॉलिक अर्क, फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड , टेरपेनॉइड, सैपोनिन, टैनिन और स्टेरॉयड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके साथ ही इन पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है।

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डायबिटीज में फायदेमंद है तिलकोर का पत्ता

तिलकोर के पत्ते का सेवन डायबिटीज (Tilkor leaves for diabetes Patients) के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। नियमित तौर पर तिलकोर के पत्ते का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेद द्वारा तिलकोर पर की गई एक रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि नियमित तौर पर इसका सेवन करने से अग्नाशय यानी पैंक्रियाज में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे डायबिटीज जैसी लाइलाज बीमारी से लड़ने में मदद मिलती है।

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पेट के लिए अच्छा है तिलकोर

तिलकोर के पत्ते में फाइबर पाया जाता है, जो पेट संबंधित समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। डॉक्टर के मुताबिक खाने में फाइबर की अच्छी मात्रा लेना बेहद जरूरी है। ये पाचन क्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ कब्ज, पेट दर्द और अन्य पाचन संबंधी समस्या से बचाता है।

खून को करना है साफ

तिलकोर के पत्ते में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो खून को साफ करने में मददगार साबित होते हैं। डॉक्टर का कहना है कि मानव शरीर को खून अगर साफ न हो तो, वो कई बीमारियों की वजह बन सकता है। नीम की तरह की तिलकोर का पत्ता भी खून साफ करने में मददगार होता है।

इसके अलावा चर्म रोग और कुष्ठ रोग से पीड़ित मरीजों को भी तिलकोर के पत्ते का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

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