समय से पहले जन्‍म लेने वाले बच्‍चों को हो सकता है खतरा

सयम से पूर्व जन्‍म लेने वाले बच्‍चों में लड़कों का प्रतिशत लड़कियों की तुलना में अधिक है। जनिए इस नयी रिपोर्ट के बारे में।

एजेंसी
Written by: एजेंसीUpdated at: Nov 18, 2013 11:41 IST
समय से पहले जन्‍म लेने वाले बच्‍चों को हो सकता है खतरा

समय से पहले प्रसव यानी प्रीमेच्‍योर डिलीवरी में लड़कों के पैदा होने की संख्या लड़कियों के पैदा होने की संख्या से लगभग 14 गुना अधिक है। भारत में यह माना जाता है कि समय से पहले पैदा होने वाला बच्‍चा पूरी तरह से स्‍वस्‍थ नहीं होता और ऐसे बच्चों को बीमारियां जल्दी घेरती हैं।

Risk Is Associated With Premature Deliveryहाल ही में आयी एक रिपोर्ट इन धारणाओं को गलत ठहराती है। खासकर बेबी गर्ल के समय पूर्व प्रसव के मामले में। इसके लिए विश्व के अलग-अलग देशों में प्रीमेच्योर बेबी गर्ल और बेबी ब्वायज पर अध्‍ययन किया गया।



इस अध्‍ययन के अनुसार दुनियाभर में प्रीमेच्योर डिलेवरी के केस में लड़के, लड़कियों की तुलना में 14 प्रतिशत आगे हैं। कुछ देशों में यह आंकड़ा अधिक है। इसकी खास बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले कुछ सालों के आधार पर आया है।



यूके में यदि प्रीमेच्योर पैदा होने वाले लड़के और लड़की की संख्या की तुलना करें तो पाएंगे कि यहां भी आंकड़ा लगभग 14 प्रतिशत से ऊपर बैठता है। इसका मतलब यह है कि प्रीमेच्योरिटी के केस में लड़के आगे हैं।



इस तुलना को पिछले एक साल में पैदा होने वाले बच्चों के नजरिए से देखा जाये तो लगभग 5700 लड़के, लड़कियों की तुलना में प्रीमेच्योर पैदा हो रहे हैं।



इस सर्वे में स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में भी एक बात सामने आयी है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि जल्द पैदा होने वाली लड़कियों के ऑगर्न शारीरिक रूप से उतने ही सक्षम होते हैं जितने की पूरी अवधि में पैदा होने वाले बच्चे के।

 

 

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