दूसरों के सिगरेट पीने से भी हो सकती हैं सांस संबंधी बीमारियां , जीन में होता है परिवर्तनः स्टडी

वैज्ञानिकों ने पाया है कि 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' यानी टीएचएस जीन के संतुलन में बदलाव कर किसी भी व्यकित के श्वसन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। टीएचएस के संपर्क में आने वाले  व्‍यक्ति और भावी पीढ़‍ियों के लिए यह कितना नुकसानदाय

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jul 01, 2019Updated at: Jul 01, 2019
दूसरों के सिगरेट पीने से भी हो सकती हैं सांस संबंधी बीमारियां , जीन में होता है परिवर्तनः स्टडी

सेकंड हैंड स्मोक के खतरे से आम लोग भलीभांति वाकिफ तो हैं ही लेकिन अब वैज्ञानिकों ने पाया है कि 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' यानी टीएचएस जीन के संतुलन में बदलाव कर किसी भी व्यकित के श्वसन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। हाल ही में हुए इस अध्ययन में सामने आया है कि टीएचएस के संपर्क में आने वाले व्‍यक्ति किस हद तक प्रभावित हो सकते हैं और भावी पीढ़‍ियों के लिए यह कितना नुकसानदायक है।

क्या है 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' (What Is Third-hand smoke)

एक्टिव स्‍मोकर और पैसिव स्मोकर के बारे में तो सभी जानते हैं कि जबकि 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' लोगों के लिए नई चीज है। दरअसल 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' उसे कहते हैं जहां पर कई लोग धूम्रपान करते हैं और उस जगह पर सिगरेट की बट और राख जमा हो जाती है। और उसके अवशेष हवा में उड़ते रहते हैं व वहां के वातावरण को प्रभावित करते हैं। उस जगह पर कोई भी व्‍यक्ति जाता है या मौजूद होता है वहां हवा में घुले स्‍मोकिंग के अवशेष उसे नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' कहते हैं। इन जगहों के अलावा धूम्रपान करने के बाद हमारे कपड़े, तौलिए, पर्दे और फर्नीचर पर जमा हुए धुएं के संपर्क में आने को भी 'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' कहा जाता है।

क्या कहता है अध्ययन  (Study Says)

इस सप्ताह जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित इस अध्ययन में दर्शाया गया कि थर्ड हैंड स्‍मोकिंग श्वसन प्रणाली में एपिथेलियल सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसके कारण इन सेल्स को लड़ने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।

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तीन घंटे नुकसान पहुंचाने के लिए काफी (Third-hand smoke Gene Changes)

रिवरसाइड (यूसीआर) स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं ने 27 से 49 वर्ष की धूम्रपान नहीं करने वाली चार स्वस्थ महिलाओं से नाक के खरोंच प्राप्त किए। ये महिलाएं पहले स्वच्छ हवा के संपर्क में रही लेकिन फिर तीन घंटे के लिए इन्हें टीएचएस के परिवेश में छोड़ा गया। शोधकर्ताओं ने उनके जीन एक्सप्रेशन में परिवर्तन की जांच के लिए उनके राइबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) का नमूना लिया गा।

सिगरेट के कण पहुंचाते हैं नुकसान (Cigratte)

अध्ययन के मुताबिक, डेटा सेट में करीबन 10हजार जीन्‍स में से कुल 382 जीन्‍स में अधिक बदलाव और 7 में जीन्‍स में कम बदलाव देखने को मिले। अध्ययन में कहा गया कि धूम्रपान नहीं करने वाले स्वस्थ लोगों के मात्र तीन घंटे तक धूम्रपान करने वाले लोगों के संपर्क में आने से महत्वपूर्ण जीन में बदलाव देखे गए। इसके अलावा, शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि सिगरेट के कण अंदर जाने ने ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़े मार्ग बदल गए हैं, जो लंबे समय तक बने रहने के दौरान कैंसर का कारण बन सकते हैं।

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टीएचएस बेहद हानिकारक (THS is Very harmful)

अध्ययन के मुख्य लेखक प्रू ताल्बोट का कहना है कि बहुत से व्यस्क सोचते हैं कि अगर मैं घर से बाहर स्मोक करूंगा तो घर में रह रहा मेरा परिवार उसके संपर्क में नहीं आएगा। लेकिन धूम्रपान करने वाले व्यक्ति अपने कपड़ों के साथ निकोटिन जैसे रसायन को घर में ले जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि टीएचएस वाकई में और संभावित रूप से बेहद हानिकारक है। 

बच्‍चों को दूर रखना बेहद जरूरी (Child Affect Most)

'थर्ड हैंड स्‍मोकिंग' के दौरान इस प्रक्रिया में 250 से अधिक रसायन पाए गए हैं,  जो किसी न किसी रूप में व्‍यक्ति तक अपनी पहुंच बना लेते हैं। इन सबका बच्‍चों पर अधिक प्रभाव पड़ता है। कार हो या फिर ऐसी जगह जहां पर लोग समूह में धूम्रपान करते हैं तो वहां से बच्चों को दूर रखें। इसके साथ ही घर के अंदर धूम्रपान करने से भी बचें क्योंकि वहां मौजूद कपड़े, फर्नीचर पर धूम्रपान के अवशेष पाए जाते हैं।

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