किसी भी विशेषज्ञ से पूछिए तो वह कहेगा कि आज कई सारी बीमारियों के पीछे मनुष्य का सुस्त और शिथिल जीवन अहम कारण है। इसलिए निरंतर यह सलाह दी जा रही है कि कम से कम 20 मिनट व्यायाम के लिए जरूर निकालने चाहिए।

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फिजिकली एक्टिव रहने वाले लोगों को नहीं होती बीमारियां, ऐसे रखें खुद को फिट

किसी भी विशेषज्ञ से पूछिए तो वह कहेगा कि आज कई सारी बीमारियों के पीछे मनुष्य का सुस्त और शिथिल जीवन अहम कारण है। इसलिए निरंतर यह सलाह दी जा रही है कि कम से कम 20 मिनट व्यायाम के लिए जरूर निकालने चाहिए।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Sep 15, 2018Updated at: Sep 15, 2018
फिजिकली एक्टिव रहने वाले लोगों को नहीं होती बीमारियां, ऐसे रखें खुद को फिट

लोगों का सुविधाओं पर निर्भर होकर हाथ-पैरों को कम चलाना एक लत में परिवर्तित होता जा रहा है। किसी भी विशेषज्ञ से पूछिए तो वह कहेगा कि आज कई सारी बीमारियों के पीछे मनुष्य का सुस्त और शिथिल जीवन अहम कारण है। इसलिए निरंतर यह सलाह दी जा रही है कि कम से कम 20 मिनट व्यायाम के लिए जरूर निकालने चाहिए।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए

सर्दी-जुकाम और संक्रमणों का आसानी से किसी को चपेट में ले लेना यह दर्शाता है कि उस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। ऐसे में खेल या व्यायाम इस क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शोध बताते हैं कि जो लोग रोज सुबह-शाम सिर्फ आधा घंटा भी किसी तरह के व्यायाम या वर्कआउट को देते हैं उनके किसी भी साधारण इन्फेक्शन से बचने और गंभीर बीमारी से लड़ने के चांसेस भी अक्रियाशील रहने वाले लोगों की तुलना में दोगुने हो जाते हैं। 

हर एक के लिए आवश्यक

क्रियाशील रहकर इम्युनिटी को बढ़ाने का यह लाभ स्त्री, पुरुष, बच्चों, बूढ़ों और यहां तक कि पालतू पशुओं तक को मिलता है। यही कारण है भागना-दौड़ना सबके लिहाज से लाभप्रद हो सकता है। यह रक्त संचार को सुचारू बनाने से लेकर शरीर और दिमाग दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने में भी मददगार होता है।

यहां भी अति खतरनाक है

व्यायाम और खेल शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, बशर्ते वह नियमित और संतुलित मात्रा में साथ रहे। शोध बताते हैं कि जो लोग व्यायाम और खेलों को अपनी क्षमता से ज्यादा और स्ट्रेस की हद तक कर डालते हैं उनके स्वास्थ्य पर इसका उल्टा असर भी पड़ सकता है और इम्युनिटी घट भी सकती है। शोध यह भी बताते हैं कि इम्युनिटी के घटने का यह प्रभाव उन खिलाड़ियों पर बार-बार अपर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के रूप में दिखाई देता है जो क्षमता से ज्यादा बोझ शरीर पर डाल लेते हैं।

फिजिकली एक्टिव रहने के पॉजिटिव असर

  • व्यायाम व खेलों आदि जैसी फिजिकल एक्टिविटी लंग्स और श्वसन पथ से बैक्टीरिया को फ्लश करने का काम करती हैं
  • व्यायाम, शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र में बीमारियों से लड़ने वाली कोशिकाओं में परिवर्तन लाकर उन्हें बीमारी की और भी जल्दी पहचान करने में सक्षम बनाता है
  • फिजिकल एक्टिविटी के दौरान और बाद में बढ़ने वाला शरीर का तापमान शरीर में बैक्टीरिया के पनपने पर रोक लगाता है। यह ठीक वैसी ही प्रक्रिया है जैसी बुखार आने पर होती है, तब भी शरीर संक्रमण से लड़ रहा होता है
  • एक्सरसाइज, शरीर में स्ट्रेस को पैदा करने वाले हॉर्मोन्स की क्रिया को धीमा कर देती है। यही कारण है कि सही तरीके से की गई एक्सरसाइज के बाद मन को ख़ुशी और शरीर को स्फूर्ति मिलती है

सामान्य उपाय

इम्युनिटी बढ़ाने और स्वस्थ रहने के लिए यह कतई आवश्यक नहीं कि आप बड़ी भारी मशीनों या ट्रेनर्स के साथ जिम या किसी प्रोफेशनल व्यक्ति के मार्गदर्शन में ही एक्सरसाइज करें। अगर आप प्रतिदिन जिम या योग क्लास जा सकते हैं तब तो बहुत ही अच्छा है। लेकिन इसके अलावा कुछ सामान्य उपाय भी इस संदर्भ में बहुत कारगर साबित हो सकते हैं, जैसे-

  • हफ्ते में कुछ दिन साइकिलिंग
  • हफ्ते में कुछ दिन स्वीमिंग
  • रोज आधा घंटे बच्चों के साथ बगीचे में दौड़भाग वाला कोई खेल
  • फुटबाल, क्रिकेट, बैडमिंटन जैसा कोई खेल हफ्ते में कुछ दिन
  • प्रतिदिन 20 मिनट ब्रिस्क वॉक।

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