आपके बच्चों की आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं हैंड सैनिटाइजर, शोध में हुआ खुलासा

कोरोना से बचाव के लिए अधिकतर लोग हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने लगे हैं। लैेकिन आपको बता दें कि अधिक सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Jan 28, 2021 12:19 IST
आपके बच्चों की आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं हैंड सैनिटाइजर, शोध में हुआ खुलासा

करीब 1 सालों से कोरोनावायरस के कहर से हम सभी जूझ रहे हैं। दुनियाभर के लोग इस कहर से बचने के लिए कई चीजों का सहारा ले रहे हैं। कोरोनावायरस से बचाव के लिए कई लोग एल्कोहल से बने हैंड सैनिटाइजर (Alcohol Based Hand Sanitizer) का इस्तेमाल कर रहे हैं। एल्कोहल से तैयार हैंड सैनिटाइजर भले ही कोरोनावायरस से बचाव करने में सक्षम हो, लेकिन यह छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। फ्रांस में हुए रिसर्च के अनुसार एल्कोहल से तैयार हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से साल 2020 में 2019 की तुलना में बच्चे अधिक बीमार हुए हैं। ये आंकड़े 7 गुना अधिक हैं। इसमें बच्चों के आंख खराब होने की समस्या सबसे अधिक है। 

क्या कहते हैं आंकड़े? 

फ्रांस के शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर एल्कोहल वेस्ड हैंड सैनिटाइजर बच्चों की आंखों में चला जाए, तो इससे बच्चे की आंख हमेशा के लिए जा सकती है। फ्रेंच प्‍वाइजन कंट्रोल सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2020 से 24 अगस्‍त 2020 तक के बीच हैंड सैनिटाइजर से जुड़ी करीब 232 घटनाएं सामने आई हैं। वहीं, 2019 की बात की जाए, तो महज 33 घटनाएं सामने आई थीं।  रिसर्चर्स ने दावा किया है कि एल्कोहल बेस्ड हैंडसैनिटाइजर की एक बूंद भी अगर बच्चे की आंखों में चली जाए, तो इससे बच्चे की आंखों की रोशनी जा सकती है। ऐसे में परिजनों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। 

फ्रेंच पीसीसी रिसर्च ग्रुप के साइंटिस्ट ने JAMA एफथाल्मोलॉजी में प्रकाशित स्टडी में बताया कि, ''एल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल मार्च 2020 से बड़े स्तर पर हुआ है, जिसने अनजाने में होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ाया है। '' एक्पसर्ट बताते हैं कि इससे बच्चों को ऑक्युलर इंजरी होने का खतरा अधिक है। हैंड सैनिटाइजर के कारण कई बच्चों की आंखे जा चुकी हैं। 

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हैंड सैनिटाइजर के अन्य नुकसान

आपको बता दें कि इन दिनों हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल काफी ज्यादा होने लगता है। हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से सिर्फ बच्चों के आंखों की रोशनी पर ही असर नहीं पड़ता, बल्कि इसके इस्तेमाल से कई अन्य नुकसान भी हो सकते है। आइए जानते हैं इस बारे में-

मांसपेशियों के ऑर्डिनेशन को होता है नुकसान

हैंड सैनिटाइजर को तैयार करने के लिए इसमें ट्राइक्लोसान नामक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे हमारे हाथ की स्किन आसानी से सोख लेती है। हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल करने से यह केमिकल हमारी स्किन से होते हुए हमारे ब्लड में मिलने लगती है। यह केमिकल ब्लड में मिलने के बाद हमारी मांसपेशियों के ऑर्डिनेशन को नुकसान पहुंचा सकता है।

स्किन में हो सकती है खुजली और जलन

कई हैंड सैनिटाइजर में बेंजाल्कोनियम क्लोराइड मिलाया जाता है, जो हमारे हाथों से कीटाणुओं और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में हमारी मदद करता है। लेकिन यह हमारी स्किन के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इस केमिकल के अधिक इस्तेमाल से हाथों में खुजली और जलन की परेशानी होने लगती है।

लिवर, किडनी और फेफड़ों की बढ़ा सकती है परेशानी

हैंड सैनिटाइजर में खूशबू लाने के लिए इसमें फैथलेट्स नामक केमिकल मिलाया जाता है। ऐसे में अधिक खूशबू वाले हैंड सैनिटाइजर आपके लिए नुकसानदेय हो सकते हैं। अधिक खूशबूदार हैंड सैनिटाइजर से लिवर, किडनी, फेफड़ों की समस्या और प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकती है। 

हैंड सैनिटाइजर से बढ़ सकती है एलर्जी की समस्या 

अधिक हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बच्चों में एलर्जी की शिकायतें देखी गई है। बाजार में मिलने वाले हैंड सैनिटाइजर में कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जिससे एलर्जी बढ़ने की आंशका होती है। ऐसे में इन सैनिटाइजर के बदले हबर्ल या फिर ऑर्गेनिक सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना अधिक बेहतर होता है। इससे आपको किसी तरह से कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते हैं।

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मेथानॉल को लेकर एफडीए की चेतावनी 

एफडीए ने मेथनॉल युक्त हैंड सैनिटाइजर को लेकर कहा था कि इस तरह के सैनिटाइजर का इस्तेमाल आम लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं करना चाहिए। यह उनके सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। 

बच्चों की इम्यूनिटी करता है कमजोर

कई रिसर्च में इस बात का भी दावा  किया गया है कि अधिक हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बच्चों की इम्यूनिटी पावर पर बुरा असर पड़ता है।  

साबुन से हाथ धुलाना है अधिक बेहतर

हैंड सैनिटाइजर को लेकर फ्रांस के शोधकर्ताओं का कहना है कि 'एल्‍कोहॉल युक्त हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से मार्च 2020 से लेकर अब तक कई बच्चे बीमार पड़े हैं।" भारत में भी दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें बच्‍चों की आंखों में सैनिटाइजर जाने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से साबुन से हाथ धुलाना ही बेहतर होगा।

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