हाई ब्लड प्रेशर, नींद की कमी और पेट की समस्याओं को दूर करता है ये एक प्रणायाम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 18, 2018
Quick Bites

  • चंद्रभेदी प्रणायाम हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए बहुत कारगर है।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम पेट की कई समस्याओं में लाभप्रद है।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम के अभ्यास से आपको नींद अच्छी आती है।

आजकल की जीवनशैली के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा, एसिडिटी और कब्ज इनमें प्रमुख हैं। इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह की दवाइयां और इलाज करते हैं मगर राहत नहीं मिलती है। चूंकि ये बीमारियां लाइफस्टाइल से जुड़ी हैं इसलिए लाइफस्टाइल में थोड़े से बदलाव करके इन बीमारियों से राहत पाई जा सकती है। अगर आप रोज 10 मिनट भी योगासन और प्रणायाम को दें, तो इन बीमारियों से आसानी से छुटकारा मिल सकता है।

चंद्रभेदी प्रणायाम के फायदे

  • चंद्रभेदी प्रणायाम हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए बहुत कारगर है। इससे ब्लड प्रेशर सामान्य होता है। लेकिन लो ब्लड प्रेशर के रोगियों को इस योगासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम से पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है इसलिए दिल की बीमारियों में भी इससे काफी लाभ मिलता है और इसे नियमित करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम पेट की कई समस्याओं में लाभप्रद है क्योंकि इसे करने से आपकी पाचन क्रिया ठीक रहती है और पेट की गर्मी भी शांत होती है।
  • गर्मी में चंद्रभेदी प्रणायाम के अभ्यास से शरीर को ठंडक मिलती है और दिमाग स्थिर रहता है।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है इसलिए अगर आपकी आंखों में दर्द रहता है या आपको धुंधला दिखता है, तो इस प्रणायाम के अभ्यास से आपको राहत मिलती है।
  • अगर आपके मुंह में छाले हैं, तो इस प्रणायाम के अभ्यास से मुंह के छालों से भी राहत मिलती है।
  • पेट की खट्टी डकार, सीने में जलन आदि में भी ये योगासन फायदेमंद है।
  • चंद्रभेदी प्रणायाम के अभ्यास से आपको नींद अच्छी आती है और अनिद्रा की समस्या दूर होती है। इसके अलावा तनाव और चिड़चिड़ापन भी कम हो जाता है।

कैसे करें चंद्रभेदी प्रणायाम

इसके लिए सुखासन में बैठकर दायें हाथ के अंगूठे से दायीं नासिका छिद्र को बंद करें और बायीं नासिका छिद्र से सांस लें और दायीं नासिका छिद्र से बाहर निकालें। इस दौरान आंखें बंद रखें और सारा ध्यान आती-जाती सांसों पर होना चाहिए। इसे करते हुए मन में शांति और सांसों की गति के प्रति एकाग्रता बहुत ज़रूरी है। तभी आपको इसका पूरा लाभ मिलेगा। शुरुआत में आप इसे 5 बार कर सकते हैं, बाद में अभ्यास के साथ धीरे-धीरे इसकी आवृत्ति बढ़ाते जाएं। इससे उच्च रक्तचाप को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और यह क्रिया हृदय रोग से भी बचाव करती है।

किन्हे नहीं करना चाहिए चंद्रभेदी प्रणायाम

  • जिन लोगों को सांस की बीमारियां जैसे दमा या अस्थमा है उन्हें इस प्रणायाम का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • फेफड़ों के रोगियों और कफ के रोगियों को भी ये प्रणायाम नहीं करना चाहिए।
  • लो ब्लड प्रेशर के मरीजों को इस प्रणायाम से खतरा है इसलिए वे इसे न करें।
  • सर्दी के मौसम में इस प्रणायाम का अभ्यास न करें क्योंकि ये शरीर की गर्मी को शांत करता है।

हाई ब्लड प्रेशर में योग

यह धारणा भ्रामक है कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीज़ों को योगाभ्यास नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए चंद्रभेदी प्राणायाम बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसके नियमित अभ्यास से हाई बीपी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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