Navratri 2021: व्रत में कैसा होना चाहिए आहार? न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानें खानपान का सही तरीका

आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। अगर आपने भी व्रत रहने का संकल्प लिया है, तो जानें उपवास के दौरान कैसी होनी चाहिए आपकी डाइट।

सम्‍पादकीय विभाग
स्वस्थ आहारWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Oct 15, 2018Updated at: Apr 12, 2021
Navratri 2021: व्रत में कैसा होना चाहिए आहार? न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानें खानपान का सही तरीका

Navratri fasting diet: नौ दिन तक चलने वाले चैत्र नवरात्र (Navratri-2020) की शुरूआत 13 अप्रैल से हो रही है। इस दौरान सनातन धर्म को मानने वाले लोग मां दुर्गा के नौ रूपों- शैलपुत्री, ब्रम्‍हचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्‍माण्‍डा, स्‍कंदमाता, कत्‍यायनी, कालरात्रि, महागौरी और मां सिद्धिदात्र‍ी की पूजा करेंगे। पूजा के साथ-साथ व्रत भी रखने की परंपरा है। कुछ लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं तो वहीं कुछ पहले और आखिरी दिन ही माता दुर्गा के व्रत रखकर पूजा करते हैं।

आपको बता दें कि, नवरात्र एक आस्‍था का पर्व है। भारत समेत दुनिया के हर उस जगह पर ये पर्व मनाया जाता है। इस दौरान भक्‍त अन्‍न का त्‍याग कर अल्‍प मात्रा में कुछ प्रमुख आहारों का सेवन करते हैं। ऐसे में अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ख्‍याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। आहार में अलग-अलग तरह के फलों को शामिल करना और अपने आपको हाइ्ड्रेट रखना बहुत महत्‍वपूर्ण है।

नवरात्रव्रत

सेलिब्रिटी पोषण विशेषज्ञ रुजुता दीवेकर, जो स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के खाने के स्वास्थ्य लाभों के सबसे कट्टर समर्थकों में से एक हैं, उन्‍होंने अपने Instagram अकाउंट पर नवरात्रि के लिए एक पूर्ण आहार आहार योजना पोस्ट की है। दीवेकर ने केवल उन सामग्रियों के साथ डाइट प्‍लान तैयार किया है, जिन्हें नवरात्रि के दौरान उपभोग किया जा सकता है। इनमें सबुदाना, कुट्टू का आटा, राजगीरा इत्यादि शामिल हैं। 

डाइट प्‍लान का विवरण देने के बाद, रुजुता दीवेकर ने नवरात्रि के धार्मिक और पौष्टिक महत्व को भी समझाया। "पौष्टिक रूप से, यह उन महिलाओं को शक्ति प्रदान करता है जो उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत नहीं हैं। बल्कि यह  न्यूरो-ट्रांसमीटर और हार्मोनल स्तर पर संतुलन लाने में भी मदद करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा है कि, "यह परिवारों को बताने का एक धार्मिक तरीका है कि महिलाओं और लड़कियों का अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य समुदायों और समाजों के कल्याण के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।" उन्होंने यह कहकर निष्कर्ष निकाला कि उनके द्वारा सुझाया गया डाइट प्‍लान क्षेत्रीय स्‍तर पर कहीं भी प्राप्‍त किया जा सकता है।  

 
 
 
View this post on Instagram

An eating plan for Navratri - It’s the time of the year when the end of Pitru paksha leads to the beginning of Navratri. Both, in their own way, are a means that use food or anna as a learning tool. Pitru Paksha is about charity and offering food to the ancestors who no longer live in their bodies and in the realm of our world. And Navratri, amongst many other things, is about staying disciplined with food to help nurture the creative and the feminine principle in our physical bodies. Navratri is of special significance to women as they are live expressions of the Divine mother. I believe it is our cultural or the Vedantic way of “feminism”, both fearless and joyful, in harmony with the dance of life. In a way, it teaches us that as women we must celebrate our lives every moment, and in every role we take up. Whether we choose to express ourselves as forms of Annapurna, Saraswati, Lakshmi, Durga, Kali, we are all beautiful. The food is “restricted” as a method of disciplining the senses. Nutritionally, it empowers the women with nutrients that make them not just physically stronger but helps bring about a balance at the neuro-transmitter and hormonal level too. It’s a “religious” method of teaching families that good physical health of the women and girls is of paramount importance to the wellbeing of communities and societies. It guides us to look after, nurture and create opportunities for women to express themselves freely versus suffocating them under the guise of “culture”, sabhyata or sanskriti. This is a rough food plan but please make alterations to it based on the region you come from and according to what your grandmom approves :-) #navratri #eatlocal

A post shared by Rujuta Diwekar (@rujuta.diwekar) onOct 11, 2018 at 12:44am PDT

नवरात्र डाइट प्‍लान 

रुजुता दीवेकर लोगों को सुबह उठने के बाद पानी पीने और कुछ हद तक फल और नट्स खाने के लिए सलाह देती हैं। इसके अलावा सिंघाड़े के पकौड़े, साबूदाना खिचड़ी, स्‍वीट पोटैटो के साथ दही, आलू की खीर, चना पूरी और शीरा इसे आप ब्रेकफास्‍ट के तौर पर ले सकते हैं। लंच टाइम में आप कुट्टू का आटा की रोटी, आलू की सब्‍जी, मखाने की सब्‍जी या कुट्टू की कढ़ी के साथ सामो चावल आदि। डिनर के तौर पर सामो चावल के साथ दही, झंगोरा खीर, पनीर की सब्‍जी, कुट्टू के आटे की रोटी। 

इसे भी पढ़ें: शाकाहारियों को भी मिल सकता है मांसाहारियों जैसा पोषण, जानें कैसे 

इस डाइट के हैं फायदे 

इन सबके सेवन से मूड स्विंग होने की समस्‍या कम होगी। हार्मोनल बैलेंस सही होगा, डाइजेशन स्‍मूद होगा। इसके अलावा बालों और त्‍वचा के लिए यह बेस्‍ट डाइट प्‍लान है। इससे आपको थकान नहीं होगी और दिन भर शरीर में उर्जा बरकरार रहेगी। 

Read More Articles On Healthy Diet in Hindi

Disclaimer