नया नेसल स्प्रे अवसाद के उपचार में प्रभावी, अध्ययन में हुआ खुलासा

एक नए अध्ययन में सामने आया है कि नया एसकेटामाइन नेसल स्प्रे अवसाद से प्रभावी रूप से निपट सकता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकेट्री में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि इस स्प्रे से अवसाद ग्रस्त लोगों को अवसाद से लड़ने में आसानी होगी। 

 
Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: May 22, 2019
नया नेसल स्प्रे अवसाद के उपचार में प्रभावी, अध्ययन में हुआ खुलासा

अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकेट्री में प्रकाशित एक नए अध्ययन में सामने आया है कि नया एसकेटामाइन नेसल स्प्रे अवसाद से प्रभावी रूप से निपट सकता है। नए नेसल स्प्रे को उन अवसाद ग्रस्त लोगों के उपचार में प्रभावी पाया गया है, जो अक्सर अन्य अवसादरोधी उपायों का प्रयास करने के बावजूद उसके लक्षणों को दूर नहीं कर पाते।

अध्ययन के मुख्य निष्कर्षों में से एक ने एसकेटामाइन नेसल स्प्रे को हाल ही में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन द्वारा मंजूरी दिलाई है, जिसके कारण अवसाद ग्रस्त लोगों को अवसाद से लड़ने में आसानी होगी।

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अमेरिका में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर माइकल थैसे ने कहा, '' अवसाद ग्रस्त रोगियों के लिए इस उपचार की एफडीए की समीक्षा में एसकेटामाइन का यह परीक्षण महत्वपूर्ण परीक्षणों में से एक था। एसकेटामाइन थेरेपी केवल प्रभावी ही नहीं बल्कि इसके द्वारा आए सुधार पहले 24 घंटों के भीतर ही स्पष्ट थे।''

यह अध्ययन अगस्त 2015 से जून 2017 तक 39 बाह्य रोगी केंद्रों पर किया गया था और इसमें लगभग 200 वयस्कों को शामिल किया गया। इन 200 लोगों में मध्यम से गंभीर अवसाद वाले व्यक्ति शामिल हुए थे।

शोध के दौरान अध्ययन में शामिल लोगों को बेतरतीब ढंग से दो समूहों में से एक में एक में रख दिया दया गया। एक समूह के अवसाद ग्रस्त रोगियों को अवसाद से निपटने में उनके द्वारा प्रयोग किए जा रहे अन्य तरीकों को छोड़कर एसकेटामाइन नेजल स्प्रे के साथ एक नया अवसाधरोधी शुरू करने को कहा गया। उन्हें ये स्प्रे सप्ताह में 56 या 84 मिलीग्राम दो बार लेना था।

अध्ययन के मुताबिक, दूसरे समूह के अवसादग्रस्त रोगियों को अवसाद से निपटने में उनके मौजूदा उपचार के तरीके को छोड़कर एक नए अवसादरोधी के साथ एक प्लेसबो नेजल स्प्रे प्रयोग करने को कहा गया।

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अध्ययन से सामने आया कि वे समूह, जिसमें रोगियों ने एसकेटामाइन का प्रयोग किया उनमें अवसाद से सुधार प्लेसबो समूह की तुलना में काफी अच्छा देखा गया। 28 दिनों की अवधि में यह आंकड़े सामने आए थे। इसी तरह के सुधार आगे भी देखे गए।

अध्ययन के मुताबिक, एसकेटामाइन समूह में प्रतिकूल प्रभाव आम तौर पर दवा लेने के कुछ समय बाद दिखाई देते हैं और डेढ़ घंटे बाद ठीक हो जाते हैं जबकि मरीज क्लीनिक में होते हैं। इससे होने वाले सबसे आम साइड इफेक्ट में अलगाव, मतली और चक्कर आना शामिल थे। एसकेटामाइन समूह के सात प्रतिशत रोगियों ने दुष्प्रभावों के कारण अध्ययन बीच में छोड़ दिया।

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