भारत के इस दिग्गज नेता ने कराई मोतियाबिंद सर्जरी, जानें कब पड़ती है इसकी जरूरत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 12, 2018
Quick Bites

  • मोतियाबिंद का निश्चित कारण अभी तक ज्ञात नहीं है।
  • हम सभी की आंख में क्रिस्‍टल क्लियर एक लेंस होता है।
  • वेंकैया नायडू की ये सर्जरी हैदराबाद के एक अस्पताल में हुई है।

जब हम पैदा होते है तो हम सभी की आंख में क्रिस्‍टल क्लियर एक लेंस होता है। लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है यह लेंस धुंधला हो जाता है, जिसे हम मोतियाबिंद कहते हैं। इससे हमारी नजरें कमजोर हो जाती है। मोतियाबिंद होने के कई कारण हो सकते हैं। पहले यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों में ही पायी जाती थी लेकिन आजकल ये युवाओं ओर बच्चों को भी अपना शिकार बना रही है। अगर आप किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो उसका असर भी आपके आंखों की रोशनी पर होता है जिससे मोतियाबिंद की समस्या होती है। हम आपको बता रहे हैं कि हाल ही में हमारे देश के एक दिग्गज नेता ने मोतियाबिंद की सर्जरी कराई है।

जी हां, बीजेपी नेता और देश के उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू ने हाल ही में मोबियाबिद की सर्जरी कराई है। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू की ये सर्जरी हैदराबाद के एक अस्पताल में हुई है। एक आधिकारिक बयान में इस बात की  जानकारी दी गई है। डॉ. प्रवीण कृष्ण वद्दावल्ली की अगुआई वाली एक टीम ने एल.वी. प्रसाद नेत्र संस्थान में उनकी सर्जरी की गई. नायडू को सर्जरी के बाद छुट्टी दे दी गई और उन्हें तीन दिनों तक आराम करने की सलाह दी गई है।

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मोतियाबिंद का निश्चित कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। हालांकि आज हम आपको मोतियाबिंद के इलाज के लिए एक सर्जरी के बारे में बता रहे हैं, जिसका कोई साइड इफेक्‍ट भी नहीं है। दुनिया भर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में आए गुणात्मक बदलावों के मान्यता प्राप्त तरीकों में से एक विधि है माइक्रो इनसिशन कैटरैक्ट सर्जरी (संक्षेप में मिक्स)। इस विधि में 2 एमएम से भी छोटे छिद्र द्वारा मोतियाबिंद (कैटरैक्ट) की शल्य चिकित्सा (सर्जरी) को कारगर ढंग से अंजाम दिया जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो यह सर्जरी पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि इस सर्जरी को कराने से पहले आप आपने चिकित्‍सक की सलाह जरूर लें।

सर्जरी की विशेषता

इस विधि में सुई के बगैर, टांके के बिना और पट्टी के बगैर ऑपरेशन कर दिया जाता है। इसी कारण ऑपरेशन के बाद मरीजों को अस्पताल में रुकने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती। अब ऐसे लेंस नेत्र सर्जनों के पास उपलब्ध हैं, जो सूक्ष्म छिद्र द्वारा प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं। इस तरह के ऑपरेशनों को नियंत्रित (कंट्रोल्ड) वातावरण में किया जाता है। इसलिए साल भर इन आपरेशनों को एक समान गुणवत्ता के साथ करना संभव हो गया है। यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह समझना आवश्यक है कि मोतियाबिंद की सर्जरी को किसी भी मौसम में एकसमान सुरक्षित ढंग से किया जा सकता है।

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मोबियाबिंद के लक्षण

  • धुंधली या अस्पष्ट दृष्टी
  • रोशनी के चारों ओर गोल घेरा सा दिखना
  • रात के वक्त कम दिखाई देना
  • हर वक्त दोहरा दिखाई देना
  • हर रंग का फीका दिखना

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