ल्यूकोपीनिया होने पर बढ़ जाता है बीमारियों और संक्रमण का खतरा, जानिये क्या है ये

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 28, 2018
Quick Bites

  • सभी अंगों तक ऑक्सीजन और जरूरी तत्वों को पहुंचाने का काम खून करता है।
  • ब्लड अलग-अलग सेल्स से मिलकर बना होता है।
  • व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी होने की स्थिति को ल्यूकोपीनिया कहते हैं।

शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन और जरूरी तत्वों को पहुंचाने का काम खून करता है। हमारा खून यानि ब्लड अलग-अलग सेल्स से मिलकर बना होता है। इनमें से कुछ सेल्स हमारे शरीर में ऊर्जा को सभी अंगों तक पहुंचाती हैं और कुछ सेल्स तरह-तरह की बीमारियों और संक्रमण से हमारी रक्षा करते हैं। व्हाइट ब्लड सेल्स भी हमारे खून में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण सेल्स हैं। इन्हें ल्यूकोसाइट्स भी कहते हैं। ये हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी हैं। व्हाइट ब्लड सेल्स हमारे शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं। ब्लड में इन्हीं व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी होने की स्थिति को ल्यूकोपीनिया कहते हैं।

ल्यूकोपीनिया

ल्यूकोपीनिया की स्थिति में मरीज के शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स की संख्या सामान्य से कम हो जाती है, जिसके कारण उसे इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बहुत बढ़ जाता है। ल्यूकोपीनिया का पता लगाने के लिए खून की जांच करवानी पड़ती है। कंप्लीट ब्लड काउंट यानि सीबीसी जांच द्वारा इसका पता लगाया जा सकता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में एक माइक्रोलीटर खून में 3,500 से 11,000 व्हाइट ब्लड सेल्स होते हैं। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में एक माइक्रोलीटर खून में 3,500 से कम ब्लड सेल्स हैं, तो वो ल्यूकोपीनिया का शिकार हो जाता है।

इसे भी पढ़ें:- इम्‍यून डिसऑर्डर की वजह से शरीर के इन अंगों पर पड़ता है बुरा असर

व्हाइट ब्लड सेल्स

व्हाइट ब्लड सेल्स का निर्माण बोन मैरो में होता है। ये इम्यून सिस्टम यानि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी सेल्स होते हैं। इनकी कमी से शरीर के बीमारियों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है और शरीर वायरस और बैक्टीरिया से अपनी रक्षा मुश्किल से कर पाता है।

ल्यूकोपीनिया का लक्षण

 

ल्यूकोपीनिया होने पर लक्षण बहुत सामान्य होते हैं इसलिए लक्षणों से इसका पता लगाना मुश्किल होता है। इसका पता रोगी को तभी चलता है जब उसे कोई बीमारी घेर लेती है या वो खून की जांच करवाता है। आमतौर पर बुखार, पसीना आना और ठंड लगना ल्यूकोपीनिया के लक्षण होते हैं। इतने सामान्य लक्षणों को कोई भी नजरअंदाज कर देगा इसलिए ल्यूकोपीनिया से बचाव के लिए स्वस्थ आहार और नियमित जीवन जरूरी है।

इसे भी पढ़ें:- क्या हैं ऑटोइम्यून डिजीज, जिसमें आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ही आपको रोगी बनाने लगती है

विटामिन्स और मिनरल्स की कमी हो सकती है वजह 

ल्यूकोपीनिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक है आपका अस्वस्थ आहार। शरीर में विटामिन बी-12, फॉलेट, कॉपर और जिंक जैसे तत्वों की कमी से ये बीमारी हो सकती है। इससे बचने के लिए हरी सब्जियां, फल, दूध, ड्राई फ्रूट्स और रेड मीट का सेवन करें। शरीर में विटामिन बी-12 की कमी से अन्य कई परेशानियां भी हो सकती हैं।

ऑटोइम्यून डिजीज

कई बार ल्यूकोपीनिया का कारण आपकी अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली यानि इम्यूनिटी भी होती है। दरअसल अगर किसी को ऑटोइम्यून डिजीज हो जाते हैं तो शरीर के अलग-अलग सेल्स मरने लगते हैं। कुछ ऑटोइम्यून डिजीज जैसे ल्यूपस या रूमेटॉइड आर्थराइटिस आदि के कारण शरीर के व्हाइट ब्ल्ड सेल्स मरने लगते हैं और ल्यूकोपीनिया की स्थिति बन जाती है। कुपोषण के शिकार लोगों और बच्चों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Other Diseases In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES745 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK