शिशु को बार-बार चूमना हो सकता है खतरनाक, 3 महीने से छोटे बच्चों में फैल सकते हैं ये 2 जानलेवा वायरस

छोटे बच्चों क्यूट होते हैं इसलिए हर कोई उन्हें चूमना चाहता है। मगर शिशु को बार-बार चूमने से या अंजाने लोगों के द्वारा चूमे जाने से, उसे कई तरह के वायरस का खतरा होता है। ये वायरस जानलेवा भी हो सकते हैं। जानें घर में शिशु हो, तो किन बातों का रखना चा

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Sep 04, 2019Updated at: Sep 04, 2019
शिशु को बार-बार चूमना हो सकता है खतरनाक, 3 महीने से छोटे बच्चों में फैल सकते हैं ये 2 जानलेवा वायरस

छोटे बच्चे हर किसी को क्यूट लगते हैं इसलिए सभी उन्हें प्यार करना चाहते हैं। घर में अगर छोटा बच्चा हो, तो अक्सर घर के सदस्य, रिश्तेदार और आने-जाने वाले दोस्त-परिचित आदि उसे खिलाते हैं और चूमकर अपना प्यार जाहिर करते हैं। छोटे बच्चों की त्वचा मुलायम होती है और मुस्कान प्यारी लगती है, इसलिए भी उनके गाल बड़ों को आकर्षित करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई लोगों द्वारा आपके शिशु को चूमा जाना, उसकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। आइए आपको बताते हैं घर में शिशु हो, तो उसे प्यार करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्यों खतरनाक है अजनबियों का बच्चों को चूमना

नन्हें शिशु को देखते ही हर कोई उसे चूमना चाहता है, मगर आपको अपने शिशु को अजनबी लोगों से दूर रखना चाहिए। इसका कारण ये है कि कुछ रोग ऐसे होते हैं, जो सांसों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकते हैं। अंजान व्यक्ति जब शिशु के गालों को चूमते हैं, तो उनके सांस के द्वारा ये बैक्टीरिया शिशु के गालों और मुंह में चले जाते हैं। धीरे-धीरे अपनी संख्या बढ़ाकर ये बैक्टीरिया शिशु को बीमार बना सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- ग्राइप वाटर शिशुओं के लिए कितने सुरक्षित होते हैं? शिशु को ग्राइप वाटर देते समय बरतें ये 5 सावधानियां

किन बीमारियों का होता है खतरा

मुंह और सांसों के द्वारा फैलने वाली बीमारियों में टाइप 1 HPV वायरस या ओरल हर्पीज वायरस प्रमुख है। ये वायरस बहुत अधिक संक्रामक होता है। अगर इस वायरस से प्रभावित कोई व्यक्ति आपके शिशु को चूमता है, तो इसके वायरस शिशु के शरीर में तुरंत पहुंच जाएंगे और उसे बीमार बना देंगे। एचपीवी (HPV) वायरस के कारण शिशु को गंभीर संक्रमण (Infection) हो सकता है।ये वायरस शिशु के लिवर, फेफड़ों, आंखों, होठों, त्वचा आदि को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा कई बार ये वायरस मस्तिष्क तक पहुंज जाते हैं, तब स्थिति जानलेवा हो सकती है।
इसके अलावा जेनिटल हर्पीज वायरस (HSV-2) का भी खतरा होता है।

क्या हैं ओरल हर्पीज के लक्षण

  • शिशु को बुखार आना
  • शिशु के गले में सूजन
  • होठों और मुंह के आसपास छाले
  • मुंह पर छोटे-छोटे दाने

3 महीने से छोटे बच्चों के लिए जानलेवा हैं ये वायरस

आपको जानकर हैरानी होगी, मगर Centers for Disease Control and Prevention के मुताबिक दुनियाभर के आधी से ज्यादा जनसंख्या में ओरल हर्पीज और जेनिटल हर्पीज के वायरस पाए जाते हैं। आमतौर पर बड़ों को ये वायरस कम प्रभावित करते हैं, क्योंकि उनका शरीर रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) विकसित कर चुका होता है। मगर 3 महीने से छोटे बच्चों में इस वायरस से लड़ने की क्षमता नहीं विकसित होती है इसलिए ये उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

इसे भी पढ़ें:- रोते हुए शिशुओं में दिखने वाले ये 5 लक्षण हो सकते हैं सांस की बीमारी के संकेत

कैसे बचाएं शिशु को इस वायरस से?

  • अंजाने लोगों को शिशु को चूमने या प्यार न करने दें।
  • अगर घर में भी कोई व्यक्ति किसी संक्रामक बीमारी से ग्रस्त है, तो उसके आसपास शिशु को न ले जाएं और न ही उसे छूने दें।
  • शिशु की साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें।
  • शिशुओं के लिए खास सेनिटाइजर आते हैं। शिशु को उठाने, छूने या खिलाने से पहले बेबी सैनिटाइजर का ही प्रयोग करें। बड़ों के लिए इस्तेमाल होने वाले सैनिटाइजर शिशु की त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

Read more articles on Newborn Care in Hindi

Disclaimer