देश में 3 लाख से अधिक लोग हैं इस गंभीर बीमारी के मरीज, जानें क्या है ये

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 03, 2018

गुर्दा (किडनी) रोग विशेषज्ञ और गुर्दा प्रत्यारोपण फिजीशियन राका कौशल ने रविवार को यहां कहा कि देशभर में तीन लाख से ज्यादा लोग किडनी से संबंधित बीमारियों सें पीड़ित हैं और इसके बावजूद मात्र 10,000 प्रत्यारोपण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किडनी प्रत्यारोपण में सबसे बड़ी समस्या मरीज के परिवार में स्वस्थ और उपयुक्त किडनी दाता की उपलब्धता को लेकर है। किडनी विफलता के लगभग 30-40 फीसदी मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण सिर्फ इसलिए नहीं हो पाता है, क्योंकि परिवार में समान रक्त समूह का दाता नहीं मिल पाता।

इसे भी पढ़ें : विशेषज्ञों का दावा, 2050 तक बुजुर्ग और युवाओं में नहीं रहेगा कोई फर्क

राका यहां 'कंटीन्यूड मेडिकल एजुकेशन' (सीएमई) में किडनी प्रत्यारोपण पर बोल रही थीं। इसका आयोजन आईवी हॉस्पिटल ने मोहाली में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), धर्मशाला के सहयोग से किया था। कौशल ने कहा कि एक समय था जब ऐसे किडनी प्रत्यारोपण को उच्च अस्वीकार्यता के कारण असंभव और उच्च जोखिम भरा माना जाता था, जिसके कारण प्रत्यारोपित अंग एंडीबॉडी द्वारा अस्वीकृत करने के बाद निष्क्रिय हो जाता है।

इसे भी पढ़ें : कम नींद लेने से दोगुना होता है हार्ट अटैक का खतरा, जानें कारण और बचाव

किडनी प्रत्यारोपण सर्जन अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि 'एबीओ (ए, बी, एबी, ओ रक्त समूह) बेमेल किडनी प्रत्यारोपण' ऐसे मरीजों के लिए वरदान है, क्योंकि इससे उन्हें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा, हम पिछले तीन साल से सफल 'एबीओ बेमेल किडनी प्रत्यारोपण' कर रहे हैं। ऐसे प्रत्यारोपण करने के लिए रक्त में निचली एंडीबॉडी का इलाज कर दाता की किडनी की अस्वीकार्यता के खतरे को कम किया जाता है। उन्होंने कहा, ऐसे 'एबीओ बेमेल प्रत्यारोपण' के परिणाम सामान्य प्रत्यारोपण जैसे ही होते हैं, जिसमें लगभग 95 फीसदी किडनी पहले साल के अंत तक काम करने लगती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health News In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1396 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK