बच्‍चों में आयोडीन की कमी

बच्चों में आयोडीन की कमी ना होने दें क्योंकि आयोडीन की कमी से बच्चे का मस्तिष्क व शारीरिक विकास नहीं हो पाता है।

 जया शुक्‍ला
परवरिश के तरीकेWritten by: जया शुक्‍ला Published at: Oct 19, 2011
बच्‍चों में आयोडीन की कमी

आयोडीनबच्चों में आयोडीन की कमी ना होने दें क्योंकि बाल्यावस्था में आयोडीन की कमी से बच्चे का मस्तिष्क व शारीरिक विकास नहीं हो पाता है। आयोडीन की कमी से बच्चा ‘क्रेटिन’ या ‘मंदबुद्धि’ हो सकता है और वह ठीक प्रकार से चल-फिर भी नहीं पाता।



आयोडीन युक्त नमक ऊपर से सामान्य नमक जैसा ही दिखता है, लेकिन इसमें आयोडीन मिलाई जाती है। माँ के शरीर में आयोडीन की थोड़ी सी कमी का भी बच्चे पर बुरा असर पड़ता है । कभी-कभी तो इस बात का पता तबतक नहीं चलता जबतक कि बच्चा स्कूल जाने लायक ना हो जाये।


क्रेटिनिज्म' क्या है ?


क्रेटिन्स गूगे-बहरे या बौने
हो सकते हैं और उनमें अविकसित होने के दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं। कुछ क्रेटिन्स में घेंघा या बढ़ीं हुई थायरायड ग्रंथि भी पायी जाती है।'क्रेटिनिज्म' का कोई इलाज नहीं है। हालांकि इसे आसानी से रोका ज़रूर जा सकता है। हर रोज़ आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल से क्रेटिनिज्मे जैसी समस्यात से बच्चों  को बचाया जला सकता है।

आयोडीन क्यों है जरूरी:


•    आयोडीन हमारी थायरायड ग्रंथि के ठीक प्रकार से काम करने के लिए बेहद आवश्यक है और बच्चों में मस्तिष्क विकास के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है।


•    शरीर के विकास के लिए आयोडीन ज़रूरी है और यह शरीर का वज़न भी नियंत्रित रखता है।



आयोडीनयुक्त  आहार:


अन्न, साग सब्जि़यां, दूध से आयोडीन की प्राप्ति हो सकती है। कुछ समुद्री जीवों में भी आयोडीन पर्याप्त मात्रा में होती है।

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