साइनस को जड़ से खत्म करती है हल्दी वाली चाय, ये 3 बीमारियां भी होती हैं दूर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 04, 2018
Quick Bites

  • साइनस की समस्या में हल्दी वाली चाय बहुत फायदेमंद है।
  • साइनस संक्रमण से बचने के लिए वैकल्पिक तरीके बहुत ही कारगर होते हैं।
  • साइनस की समस्‍या होने पर नाक से हल्‍के हरे-पीले रंग का बलगम निकलता है।

साइनस ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसे पूरी तरह से ठीक तो किया जा सकता है लेकिन इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। दवाओं और थैरेपी के माध्यम से इसका बचाव संभव तो है लेकिन पूरी तरह छुटकारा पाना बहुत आसान है। इसलिए लोग साइनस से बचने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाने की सलाह देते हैं। साइनस संक्रमण से बचने के लिए वैकल्पिक तरीके बहुत ही कारगर होते हैं। आज हम आपको साइनस से छुटकारा पाने के लिए कुछ जबरदस्त घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे हैं।

साइनस और हल्दी वाली चाय

हल्दी में कई गुण होते हैं। रोजाना किसी न किसी तरह से हल्दी का सेवन जरूर करना चाहिए। इसमें जरूरी एंटीआॅक्सीडेंट होने के साथ ही कई अन्य तत्व भी मौजूद होते हैं। साइनस में भी हल्दी अपना कमाल दिखाती है। यदि आपको साइनस है तो आप चाय में 1 चुटकी हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। नियमित ऐसा करने से आपको साइनस से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही इससे आपको स्किन डिजीज, सर्दी जुकाम और बालों से संबंधित रोग भी दूर होते हैं।

साइनस के लक्षण

  • साइनस के सबसे सामान्‍य लक्षणों में अक्‍सर होने वाला दर्द शामिल है। आपकी आंखों के ऊपर और नीचे और कान के पीछे कई प्रकार के साइनस होते हैं। साइनस संक्रमण होने पर इनमें से किसी में भी दर्द उत्‍पन्‍न हो सकता हैं। सूजन और जलन में दर्द की शुरुआत सुस्त दबाव के साथ होती है। इसमें दर्द का अनुभव ऊपरी जबड़े और दांत, आंखों के बीच, नाक के दोनों तरफ और माथे में भी हो सकता है।
  • साइनस की समस्‍या होने पर अक्‍सर नाक से हल्‍के हरे-पीले रंग का बलगम निकलता है। यह बलगम संक्रमित साइनस से निकलकर नाक मार्ग से बाहर आती है। इसे पोस्‍टनेसल ड्रिप भी कहते है।
  • साइनस में बहुत अधिक दबाव और सूजन के कारण आपका सिरदर्द की समस्‍या भी हो सकती है। सिरदर्द के अलावा आपके दांत, कान, जबड़े ओर गालों में भी दर्द का अनुभव हो सकता है। बलगम के रात भर ए‍कत्रित होने के कारण, साइनस में होने वाला सिरदर्द सुबह के समय अक्‍सर बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसके साथ ही मौसम के कारण तापमान में आने वाले परिवर्तन से भी सिरदर्द की समस्‍या बहुत बढ़ जाती है।
  • पोस्‍टनेसल ड्रिप में जलन गले में खराश का कारण बनती है। हालांकि इसकी शुरूआत कष्‍टप्रद गुदगुदी से शुरू होती है, लेकिन यह बदतर भी हो सकती है। संक्रमण के कुछ सप्‍ताह या उससे अधिक रहने पर बलगम में जलन और गले में दर्दनाक खराश के कारण गले में दर्द होने लगता है।
  • साइनस में सूजन आने के कारण नाक के माध्‍यम से सांस लेने में परेशानी होती है। संक्रमण साइनस के साथ नासिका मार्ग में सूजन का कारण भी बनता है। नाक में कन्‍जेशन के कारण आपकी गंध और स्‍वाद लेने की भावना का अनुभव भी बहुत कम हो जाता है।

अन्य घरेलू नुस्खे

  • श्वास संबंधी समस्याओं से आराम पाने के लिए, थोड़ा काला जीरे के बीज ले और उन्हें एक पतले कपड़े में बांधे। तुरंत राहत पाने के लिए इसका उपयोग सांस लेने के लिए करें।
  • इसके अलावा, आप गर्म पानी में युकलिप्टुस तेल के पाइन तेल की कुछ बूँदें मिला सकते हैं और साइनस के लक्षणों से राहत पाने के लिए इसकी भांप ले सकते है।
  • अपनी नाक और आंखों के चारों ओर नाक की रनिंग को रोकने के लिए जैतून का तेल लगाएं। यह आपकी नाक की रुकावट को साफ करने मे मदद करेगा।
  • यदि आप साइनस इनफ्लेशन और सूजन से पीड़ित हो रहे हो, तो नाक के आसपास गर् और ठंडी पट्टी लगाएं।
  • प्याज और लहसुन की तरह तीखे खाद्य पदार्थों साइनस के इलाज में अधिक फायदेमंद साबित होते है। आप इन खाद्य पदार्थों की एक छोटी राशि लेने के द्वारा शुरू कर सकते हैं और उन्हें धीरे - धीरे बढ़ा सकते हैं। आप अपने नियमित भोजन में इन खाद्य पदार्थों की राशि को शामिल कर सकते हैं।
  • गाजर के रस में महान चिकित्सा गुणों शामिल है जो साइनस के इलाज में बहुत फायदेमंद है। आप एक ग्लास गाजर का रस अलग से या चुकंदर, खीरे या पालक के रस के साथ ले सकते है। यह साइनस के लक्षणो के उपचार में मदद करेगा।
  • अधिक पानी पियें, इससे आपकी समस्‍या काबू में रहेगी। अधिक पानी पीने से मूत्र संबंधी कोई विकार भी नहीं होता। इसके अलावा करीब आधा लीटर पानी में एक चम्‍मच नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर उस पानी से नाक धोने से भी लाभ मिलता है।
  • धूम्रपान, सफाई उत्‍पाद, हेयर स्‍प्रे और अन्‍य धुंआ छोड़ने वाले उत्‍पाद आपकी समस्‍या को बढ़ा सकते हैं। जानकार इनमें से भी सिगरेट को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। अगर आपके परिवार में किसी को साइनस की समस्‍या है, तो उन्‍हें घर से बाहर जाकर ही धूम्रपान करना चाहिए। अच्‍छा तो यही रहेगा कि आप इस आदत को छोड़ दें, क्‍योंकि यह आपके लिए भी अच्‍छी आदत नहीं।
  • साइनस के मरीजों को धूल से काफी परेशानी हो सकती है।अपने घर का वातावरण साफ रखिये।
  • घर में वेंटिलेशन सही हो,  ताजा हवा आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

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