डाइट से जुड़े ये 6 मिथक आपकी सेहत पर डाल सकते हैं असर, जानिए इन मिथक से जुड़ी सच्चाई

क्या हाई फैट हमारे शरीर के वजन को बढ़ाता है? अगर आपको भी लगता है हां, तो चलिए जानते हैं इससे जुड़ी सच्चाई?

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: May 10, 2021Updated at: May 10, 2021
डाइट से जुड़े ये 6 मिथक आपकी सेहत पर डाल सकते हैं असर, जानिए इन मिथक से जुड़ी सच्चाई

खाने पीने की चीजों को लेकर हम काफी ज्यादा सोचते हैं। हमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इस बारे में जानना भी जरूरी है, लेकिन कुछ लोग इंटरनेट पर फैली अफवाहों को सच मान लेते हैं और उसे एक धारणा बना लेते हैं। जैसे हम में से कई लोग मानते हैं कि फैट युक्त आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर का वजन बढ़ता है। इस तरह की कई अफवाहें इंटरनेट पर हैं। लेकिन क्या यह सही है? फैट युक्त आहार लेने से शरीर का वजन बढ़ता है? आज हम आपको इस तरह फैली 6 अफवहाों की सच्चाई बताने जा रहे हैँ। चलिए जानते हैं इन 6 अफवाहों (Biggest Nutrition Myths) की क्या है सच्चाई?

1. हाई फैट फूड अनहेल्दी है?

यह धारणा काफी लंबे समय से चली आ रही है कि अधिक फैट युक्त आहार (High Fat Diet) के सेवन से हमारा वजन बढ़ता है। इसलिए हम में से अधिकतर लोग अधिक फैटयुक्त आहार को खाने से डरते हैं और अपने खाने में फैट युक्त आहार को कम करते हैं।  लेकिन आपको बता दें कि शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए वसायुक्त आहार की आवश्यकता होती है। फैट से ही शरीर ऊर्जावान बना रहता है। एक्सपर्ट की मानें तो लो फैट युक्त आहार के सेवन से मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम के साथ-साथ कई अन्य हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। वसा युक्त आहार का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि, जब आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो अपने आहार में कम मात्रा में फैट शामिल करें। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आपको बिल्कुल भी फैट नहीं लेना है। हाई फैट युक्त आहार स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है। यह आपको हेल्दी वेट प्रदान करने में आपकी मदद कर सकता है। 

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2. ब्रेकफास्ट करना दिन का सबसे महत्वपूर्ण खाना है? 

सुबह का नाश्ता स्किप करना हमारे लिए भारी पड़ सकता है। ऐसी कई धारणाएं लोगों के मन (Common Breakfast Myth) में बैठी हैं। लेकिन रिसर्च के मुताबिक, व्यस्यकों द्वारा नाश्ता स्किन किया जा सकता है अगर उन्हें भूख न लगी हो। यदि आपको भूख न लगी हो, तो नाश्ते को छोड़ा जा सकता है। सप्ताह या 15 दिन में आप 2 से 3 बार नाश्ते को स्किप कर सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि नाश्ते के वक्त उन लोगों को भूख नहीं लगती हैं, जिन्होंने रात में अच्छे से खाया हो। नाश्ते को लेकर सजग रहना चाहिए, लेकिन ऐसे लोगों को जिन्हें अपने सेहत का ध्यान नहीं रहता है। अगर आप नियमित रूप से अच्छे से डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो कभी-कभी नाश्ता स्किन कर सकते हैँ। यह आपके मेटाबॉलिज्म के लिए भी बेहतर होता है। जब भी आपको भूख लगे तो आप खा सकते हैं, चाहे वह सुबह हो या दिन। आप अपने खाने और न खाने का फैसला अपने भूख के आधार पर कर सकते हैं।

3. छोटे-छोटे और कई हिस्सों में खाना होता है हेल्दी?

हम में से कई लोगों का मानना है कि दिनभर के खाने को कई छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर खाना चाहिए। यह मेटाबॉलिज्म और वजन घटाने में कारगर साबित होता है। लेकिन अगर आप स्वस्थ हैं, तो ऐसा करने की आपको जरूरत नहीं है। डायबिटीज, किडनी कोगी, क्रोनरी डिजीज, इरीटेबल बॉल्ब सिंड्रोम रोगियों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को दिन में कई बार छोटे-छोटे हिस्सों में खाने की सलाह दी जाती है। एक्सपर्ट का मानना है कि दिन में कई बार छोटे-छोटे हिस्सों में खाने से वजन नहीं घटता है। रिसर्च के अनुसार, नियमित रूप से भोजन का एक हेल्दी पैटर्न ही स्वस्थ शरीर के लिए बेहतर होता है। 

4. लो फैट डाइट फूड्स होते हैं हेल्दी?

हम में से कई लोगों का मानना है कि लो फैट और डाइट फूड्स वजन को घटाने में मददगार होते हैं। अगर आप भी ऐसा मानते हैं, तो अपने डाइट फूड्स का लेवल चेक करें। इस तरह के डाइट में नमक और चीनी की अधिकता होती है, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में इन खाद्य पदार्थों को तुरंत छोड़ दें। बाहर के लो फैट डाइट फूड्स के बजाय आप नैचुरल चीजें जैसे- अखरोट, बादाम, दही, पनीर जैसे लो फूड्स का सेवन करें। इनमें स्वाद के साथ-साथ फैट की मात्रा भी कम होती है। 

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5. सप्लीमेंट लेना है बेकार?

कई लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि सप्लीमेंट लेना सिर्फ पैसों की बर्बादी होती है। अगर आप हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेते हैं, तो आपको इसकी जरूरत नहीं है। लेकिन आपको बता दें कि डायटीशियन सप्लीमेंट का इस्तेमाल बेकार नहीं मानते हैं। अगर आप सही तरीके से सप्लीमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके लिए फायदेमंद भी साबित होते हैं। खासतौर पर जो लोग किसी विशेष समस्याओं से गुजर रहे होते हैं, उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। जैसे - टाइप-2 डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को मैग्नीशियम और विटामिन बी जैसे सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। इससे ब्लड में शर्करा और दिल से जुड़ी बीमारी होने का खतरा कम होता है। 

6. कैल्शियम सप्लीमेंट हड्डियों के लिए है जरूरी?

कई लोग अपनी हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए कैल्शियम सप्लीमेंट लेना जरूरी समझते हैै। हाल ही में हुए रिसर्च के मुताबिक, कैल्शियम सप्लीमेंट को अन्य सप्लीमेंट के साथ लेने से हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। कई रिसर्च का दावा है कि कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन करने से हर्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाहनुसार ही सप्लीमेंट लें।

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