जामुन खाने के सेहत से जुड़े हैं ये फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 18, 2012
Quick Bites

  • रक्‍त में शर्करा की मात्रा कम करने में मदद करता है जामुन।
  • कार्बोहाइड्रेट और पोटेशियम से भरपूर होता है जामुन।
  • जामुन की गुठली से कुल्‍ला करने पर आवाज होती है बेहतर।

जामुन खाने में तो स्वादिष्ट होता ही साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है – राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि। इसकी प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है।

जामुन में खनिजों की मात्रा अधिक होती है। इसके बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। जामुन में आयरन, विटामिन और फाइबर पाया जाता है। आइए जानते हैं कि जामुन आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद है। 

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जामुन के फायदे – 
जामुन शरीर की पाचनशक्ति को मजबूत करता है। जामुन खाने से पेट सं‍बंधित विकार कम होते हैं। 
मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर ठीक रहता है। 
जामुन में एंटी कैंसर के गुण भी पाये जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन में भी जामुन फायदेमंद होता है।
जामुन का पका हुआ फल खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है। 
लीवर के लिए जामुन का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है। कब्ज और पेट के रोगों के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है। 
मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से छाले समाप्त हो जाते हैं। 
दस्त या खूनी दस्त होने पर जामुन बहुत फायदेमंद है। दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधानमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त होना बंद हो जाता है। 
मुंहासे होने पर, जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धुल लीलिए। 
अगर आवाज फंस गई हो या फिर बोलने में दिक्कत हो रही हो तो, जामुन की गुठली के काढे से कुल्ला कीजिए। आवाज को मधुर बनाने के लिए जामुन का काढा बहुत फायदेमंद है। 
जामुन की छाल को बारीक पीसकर हर रोज मंजन करने से दांत मजबूत और रोगरहित होते हैं। 
एसिडिटी होने पर जामुन को काला नमक, भूना हुआ चूर्ण और काला नमक के साथ सेवन कीजिए। एसिडिटी समाप्त हो जाएगी। 
 

जामुन के फायदे

  • जामुन पाचनशक्ति बढ़ाता है। जामुन खाने से पेट सं‍बंधित विकार कम होते हैं। 
  • मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर सामान्‍य रहता है। 
  • जामुन में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के बाद जामुन खाना चाहिए, इससे फायदा होता है।
  • जामुन खाने से पथरी में फायदा होता है। जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है। लीवर के लिए जामुन का प्रयोग फायदेमंद होता है। कब्ज और पेट के रोगों में भी जामुन बहुत फायदेमंद है। 
  • मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से लाभ होता है।

इसे भी पढ़े : काले जामुन की आइसक्रीम बनाने की रेसिपी

  • दस्त या खूनी दस्त होने पर जामुन का सेवन करना चहिए। दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधानमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाता है। 
  • मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लीजिए। इस पाउडर में रात को सोते समय गाय का दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइए, इस लेप को सुबह ठंडे पानी से धो लीजिए। 
  • अगर आवाज फंस गई हो या फिर बोलने में दिक्कत हो रही हो तो जामुन की गुठली के काढे़ से कुल्ला कीजिए। आवाज को मधुर बनाने के लिए जामुन का काढा बहुत फायदेमंद है। 
  • जामुन की छाल को बारीक पीसकर हर रोज मंजन करने से दांत मजबूत और रोग-रहित होते हैं। 
  • एसिडिटी होने पर जामुन का सेवन भूना हुआ चूर्ण और काला नमक के साथ कीजिए, एसिडिटी समाप्त हो जाएगी। 

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Image Source : Getty

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