सर्दियों में अमृत है आंवले की ये 2 रेसिपी, 100 रोगों का है काल!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 23, 2017
Quick Bites

  • आंवला सभी रोगों का अचूक औषधि हैं।
  • आवला का मुरब्बा स्वस्थ की दृष्टी से उत्तम हैं
  • इसे मौसम के चले जाने के बाद भी उपयोग में ला सकते हैं।

आंवले के फायदों के बारे में जितना बताया जाए उतना कम है। आयुर्वेद के अनुसार आंवला 100 रोगों की एक दवा हैं। इसे किसी भी तरह से खा सकते हैं, फायदा पूरा मिलता है। वर्षों पहले चरक ऋषि ने इसकी महत्ता बताई थी, आंवले के उपयोग से व्‍यक्ति हमेशा जवान और सुंदर व स्वस्थ शरीर वाले होते हैं। आंवला सभी रोगों का अचूक औषधि हैं। आवला का मुरब्बा स्वस्थ की दृष्टी से उत्तम हैं, इसे मौसम के चले जाने के बाद भी उपयोग में ला सकते हैं। आज हम आंवले की दो रेसिपी के बारे में बता रहे हैं, जिसका सेवन आप कभी भी कर सकते हैं।

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1#आंवला कैंडी  

आंवला कैंडी लंबे समय तक ख़राब नहीं होती। आंवले के सीजन में इस बार ये विधि जानकर आँवला कैंडी अवश्य बनायें और अपने परिवार के लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर उन्हें छोटी मोटी बीमारियों से बचाएं।

सामग्री

आंवला     1 किलो
शक्कर     700 ग्राम
पिसी चीनी      50 ग्राम
पानी

आंवला कैंडी बनाने की विधि 

आंवले को अच्छे से धोकर पोंछ लें। इन्हे दो मिनट के लिए उबलते पानी में डालकर निकाल लें। पानी निथर जाने दें। चाकू की सहायता से आंवले की फांकें अलग कर लें , गुठली निकाल कर फेंक दें। आंवले की इन फांको को एक बर्तन में रखकर ऊपर से शक्कर डाल दें। किसी पतले कपडे से ढक दें। इसे एक दिन के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अगले दिन आप देखेंगे चीनी गल चुकी है और आंवले की फांके तैर रही होंगी। इसे थोड़ा हिला लें। इन्हे तीन चार दिन तक ऐसे ही और छोड़ दें।

जब आंवले की फांकें नीचे बैठ जाएँ तब आंवले की फांके अलग कर लें। बची हुई चाशनी का शर्बत बना कर काम में लें। आंवले की फांकों को धूप में दो दिन रखकर सूखा लें। अब इन पर पिसी हुई शक्कर पाउडर बुरक कर थोड़ा मिक्स कर दें। आंवला कैंडी तैयार है। इन्हें किसी डब्बे में भरकर रखें। इनका लम्बे समय तक कुछ नहीं बिगड़ता। दो फांक रोजाना खाएं विटामिन C की इस खुराक से खुद को चुस्त रखें। खुद भी खाएं दूसरों को भी खिलाएं।

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2#आंवला जैम

आंवला जैम भी जल्‍दी खराब होने वाली चीज नहीं है। इसे आप कई दिनों तक रख सकते हैं। इसका स्‍वाद बहुत ही लाजवाब होता है। सेहत के नजरिए से भी यह काफी फायदेमंद है।

सामग्री

पूरी तरह से पके हुए आँवले एक किलो
चीनी एक किलो
पानी 200 मिलीलीटर

आंवला जैम बनाने की विधि

आंवला धोकर स्टील के बर्तन में पानी में हल्की आँच पर उबालकर गुठली निकाल लें। आंवलो को पीसकर या मिक्सी से मोटा पेस्ट बना लें। इसमें चीनी मिलाकर गर्म करके चौड़े मुँह के जैम बोतल में गर्म ही भरकर ठण्डा होने तक बिना ढक्कन लगाकर रखें फ़इर ठंडा होने पर ढक्कन लगा दें। यह जैम तैयार हो गया। इसे ब्रेड, पराठे में लगाकर खायें। इस जैम की दो चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर शर्बत के रूप में ले सकते हैं।

इस जैम की दो चम्मच में स्वादानुसार सेंधा नमक, कालीमिर्च, गर्म मसाला आदि मिलाकर चटनी के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इस चटनी को टमाटर सॉस के स्थान पर खायें। आपके स्वास्थ्य को ज्यादा लाभ मिलेगा। इसी जैम को ठण्डे पानी में घोलकर जलजीरा डालकर शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक्स) के रूप में पियें। ब्रेड स्लाइस पर यह जैम लगाकर खीरा, टमाटर कसकर सैण्ड विच बनाकर खायें।

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