बढ़ते हुए बच्चों को दीजिए ये 5 तरह के फूड्स, तेजी से होगा विकास

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 12, 2018
Quick Bites

  • हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है।
  • फल और सब्जियों में ढेर सारे विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं।
  • प्रोटीन शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है।

हमारे शरीर को विकास के लिए बहुत सारे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ये सभी पोषक तत्व हमें खाने-पीने की चीजों से मिलते हैं। टीनेज के बाद हमारे शरीर के विकास की गति बहुत धीरे हो जाती है जबकि बचपन में शरीर का विकास तेजी से होता है। इसी लिए बचपन में बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर बच्चों को वो सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में नहीं मिलते हैं जितनी उनके शरीर के विकास के लिए जरूरी हैं, तो उनके विकास में बाधा आती है। इसके अलावा कुछ फूड्स ऐसे भी हैं जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की गति को तेज कर देते हैं, जिससे बच्चे सुडौल, सुगठित और बुद्धिमान बनते हैं। आइये आपको बताते हैं क्या हैं वो फूड्स जो विकसित होते बच्चों को देना जरूरी है।

सिर्फ खाना नहीं पानी भी है जरूरी

हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है। अब आप समझ सकते हैं कि शरीर के विकास में पानी का कितना महत्व है। बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाना चाहिए। इसके साथ ही तरल पदार्थ जैसे सूप, जूस, छाछ, दूध आदि का सेवन करवाना चाहिए। कुछ फलों जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, टमाटर आदि में भी पानी की मात्रा खूब होती है इसलिए गर्मियों में इनका सेवन भी बहुत फायेदमंद होता है। इसके साथ ही बच्चे को फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ देने चाहिए जिससे बच्चे में पानी की कमी ना हो।

फ्रूट्स हैं वरदान

फल और सब्जियों में ढेर सारे विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। ये स्वस्थ त्वचा, बेहतर विकास और संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए आवश्यक हैं। फलों में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के और ढेर सारे पोषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम, जिंक, फास्फोरस, आयरन आदि पाए जाते हैं। फलों में एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स हमारे शरीर को गंभीर रोगों से बचाते हैं और शरीर की रक्षा करते हैं। बच्चों को अधिक से अधिक फलों का जूस और मौसमी फलों का सेवन करवाना चाहिए।

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ध्यान, एकाग्रता के लिए आयरन

आयरन हमारे खून में पाया जाता है और ये हीमोग्लोबिन के संतुलन के लिए जरूरी है। इसकी कमी से एनीमिया जैसे कई रोग हो जाते हैं। भारत में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया के मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसका कारण अस्वस्थ और अनियमित खानपान है। आयरन वाले आहारों के सेवन से शरीर में खून की कमी दूर होती है और ये ध्यान और एकाग्रता को सुधारने में सहयोग करता है। मांस, अंडा, मछली, हरी पत्तेदार सब्जी, काला चना आदि आयरन के अच्छे स्रोत हैं।

विकास के लिए जरूरी है प्रोटीन

बढ़ते हुए बच्चों को प्रोटीनयुक्त आहार देना चाहिए क्योंकि प्रोटीन शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत दाल, ड्राई फ्रूट्स और मांस हैं। बच्चे की मांसपेशियों के सही से विकास के लिए और हड्डियों में मजबूती लाने के लिए प्रोटीन बहुत आवश्यक होता है। इसके लिए बच्चे को पनीरयुक्त खाद्य पदार्थ और अंडे, मांस, मछली, बादाम, काजू, अखरोट, हरी सब्जियां, फल, नट्स, किशमिश इत्यादि देने चाहिए।

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रंगीन सब्जियों का सेवन

हरी सब्जियों में फाइबर, विटामिन ए और सी, और पोषक तत्वा जैसे मैग्नीशियम, पौटेशियम, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। हम अक्सर सुनते हैं कि हरी सब्जियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं मगर आपको बता दें कि सिर्फ हरी सब्जी खाने से भी शरीर को सभी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं इसलिए बच्चों को रंगीन सब्जियां देना चाहिए। गहरी हरी, नारंगी, लाल, बैगनी, पीली आदि रंगों की सब्जियां और फलियां(मटर और सेम) शामिल हैं। ज्यादात्तर सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि बीमारियों से लड़ने में सहायता करता है।

कैल्शियम

कैल्शियम बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि ये हड्डियों के लिए जरूरी तत्व है। पांच साल से ऊपर के बच्चे को कैल्शियम, विटामिन्स और कैलोरी पर्याप्त मिलनी चाहिए जिससे बच्चा अधिक से अधिक सक्रिय रह सके। हाई कैलोरी देने का मतलब यह नहीं कि आप बच्चे को तला हुआ खाना खिलाएंगे। बल्कि आपको बच्चे को दूध, मेवे, फल, नट्स और फल देना चाहिए। इसके साथ ही मोटा अनाज जैसे गेंहूं, जौ, मक्का, बाजरा और दालें जैसे अरहर, मूंग, चना, उड़द, मसूर आदि का सेवन करवाना चाहिए।

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