रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? एक्सपर्ट से जानें डाइट टिप्स

रुमेटिक अर्थराइटिस होने के कई कारण हो सकते हैं। सही खानपान ना होना भी इसके कारण होते हैं। आइए जानते हैं रुमेटिक अर्थराइटिस के डाइट।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jan 01, 2021Updated at: Jan 01, 2021
रूमेटाइड अर्थराइटिस के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? एक्सपर्ट से जानें डाइट टिप्स

रूमेटाइड अर्थराइटिस, गठिया का ही एक स्वरूप है। इस समस्या की वजह से हमारी हड्डियों में सूजन और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है। अस्वस्थ जीवनशैली और उम्र बढ़ने के साथ लोग गठिया के शिकार हो जाते हैं। खराब खान-पान की वजह से व्यक्ति रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) की समस्या हो सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, महिलाएं  रूमेटाइड अर्थराइटिस से अधिक ग्रसित होती हैं। खासतौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं गठिया रोग से ग्रसित होती हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों की डाइट किस तरह होनी चाहिए, इस बात से हमें अच्छी तरह वाकिफ होनी चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार, अर्थराइटिस के रोगियों को दवाईयों के साथ-साथ सही डाइट का होना भी बहुत ही जरूरी होता है।  

रुमेटाइड अर्थराइटिस (आरए) एक दीर्घकालिक बीमारी है, जो मुख्य रूप से जोड़ों को प्रभावित करती है। यह एक चिरकालिक रोग है, जो समय के साथ-साथ काफी बिगड़ती है। अर्थराइटिस की वजह से जोड़ों में सूजन होने लगता है और दर्दनाक दर्द होता है। इसमें रोगियों के उंगुलियों, पांव, कलाइयों और टखनों के छोटे-छोटे जोड़ों में काफी दर्द होने लगता है। आइए जानते हैं रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) के रोगियों का डाइट चार्ट जानने से पहले इसके कारण और लक्षण जानते हैं। 

रुमेटाइड अर्थराइटिस के कारण (Causes of Rheumatoid arthritis) 

रुमेटिक अर्थराइटिस के सटीक अभी भी अज्ञात हैं। इसके बावजूद कई एक्सपर्ट अर्थराइटिस के निम्न कारण बताते हैं।    

आनुवंशिक कारक : कई एक्सपर्ट रुमेटिक अर्थराइटि का कारण वंशानुगत बताते हैं। कुछ अध्ययनों में ऐसे जींस की पहचान हुई है, जो गठिया (Rheumatoid arthritis) के जोखिम को बढ़ाते हैं। 

पर्यावरणीय कारक : वंशानुगत के साथ-साथ कुछ विशेष पर्यावरणीय कारकों से भी अर्थराइटिस होने की संभावना होती है। जैसे- धूम्रपान, कीटनाशक और  सिलिका के संपर्क में आना और वायु प्रदूषण रुमेटिक अर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) के कारक माने जाते हैं।

इन्फेक्शन :  कई बार इंफेक्शन की वजह से भी कुछ लोगों को रुमेटिक अर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। ख़ासतौर पर बैक्टीरिया, फंगस और वायरस के कारण गठिया का जोखिम बढ़ जाता है। 

इसके अलावा पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गठिया होने का खतरा 3 गुना अधिक रहता है।  

रुमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षण (Symptoms of Rheumatoid arthritis)

हड्डियों में सूजन और जोड़ों के साथ-साथ अन्य कई अंग प्रभावित होते हैं।

  • गठिया रोगियों के पैरों और हाथों में दाईं और बाईं छोटे-छोटे जोड़ों में कोमलता और दर्द के साथ शुरू होता है। इसके बाद जोड़ों में कड़ापन औऱ सूजन की शुरुआत होने लगती है। 
  • हाथ, पैर और गर्दन के हिस्सों में  दर्द होना।
  • भूख न लगना
  • कुछ लोगों को बुखार, चकत्ते के साथ-साथ थकान का अनुभव होता है।

इस तरह जीवनशैली में करें बदलाव (Change Your Lifesytle)

  • प्रभावित अंगों पर चोट ना लगने दें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • वजन को कंट्रोल में रखें।
  • अधिक स्ट्रेच वाले कार्य ना करें। 

रूमेटाइड अर्थराइटिस (आमवात) रोग में क्या खाएं (Your Diet During Rheumatoid Arthritis Disease)

डायट मंत्रा क्लीनिक की कामिनी कुमारी बताती हैं कि रुमेटाइड अर्थराइटिस रोगियों को अपने डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। उन्हें अपने डाइट में इस तरह की चीजों को शामिल करना चाहिए।

अनाज में क्या खा सकते हैं - गेंहू, जौ, पुराने चावल, ओट्स इत्यादि फाइबरयुक्त अनाज को आप अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं।

दाल - मूंग, अरहर और मसूर दाल आप खा सकते हैं।

फल एवं सब्जियों में क्या खाएं - सहजन, पपीता, सेब, टिण्डा, परवल, तोरई, खीरा लौकी, करेला और बथुआ साग का आप सेवन कर सकते हैं।

अन्य चीजें -  कड़वा भोज्य पदार्थ जैसे– अजवाइन, अदरक, सौंफ, हींग, काला नमक, तेल, हल्का गर्म पानी, काली मिर्च, सेंधा नमक, धनिया, लहसुन, जीरा, घी, एरण्ड तेल, गुनगुना पानी, बिना मलाई का दूध, छाछ, पुनर्नवा। गोमूत्र का सेवन करें। 

रूमेटाइड अर्थराइटिस (आमवात) बीमारी में क्या ना खाएं (Food to Avoid in Rheumatoid Arthritis Disease)

रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिय) रोगियों को कुछ ऐसे आहार का सेवन नहीं करना चाहिए। इन आहार के सेवन से उनकी परेशानी बढ़ सकती है।

अनाज - अर्थराइटिस के रोगियों को मैदा और नया धान खाने से बचना चाहिए।

दाल - काबुली चना, काला चना, चना, मटर की दाल से अर्थराइटिस रोगियों को दूर रहना चाहिए।

फल एवं सब्जियां - कंदमूद, आलू, सरसों के साग, भिंडी, बैंगन, अरबी इत्यादि वात करने वाली चीजों से अर्थराइटिस के रोगियों को दूर रहना चाहिए।

अन्य: मछली, दही, गुड़, दूध, ज्यादा नमक, कोल्ड ड्रिंक्स, ठंडा भोजन, ठंडा पानी, तली-भुनी चीजें और पचाने में मुश्किल होने वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

 

 

इन बातों का रखें ख्याल (Points to be Remember in Rheumatoid Arthritis Disease)

  • नियमित रूप से करें ध्यान और योग।
  • गर्म और फ्रेश खाना खाएं।
  • खुश रहें और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं।।
  • एक साथ अधिक ना खाएं।
  • खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें।
  • देर रात खाने से बचें।
  • किसी भी समय खाना ना खाएं।
  • सप्ताह में एक दिन उपवास जरूर करें।
  • अमाशय का एक हिस्सा खाली करके ही खाएं।
  • खाने को अच्छी तरह चबाचबा कर खाएं।
  • खाना खाने के करीब 3 से 5 मिनट तक टहलें।
  • सुबह जल्दी जगें।
  • दातों को दिन में दो बार साफ करें।

 

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