डायबिटीज में होता है डायबिटिक नर्व पेन का खतरा, जानें लक्षण और उपचार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 24, 2018
Quick Bites

  • नर्व पेन पूरे शरीर के नर्व्स को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • शुगर को कंट्रोल न करने पर होता है ज्यादा खतरा।
  • कुछ घरेलू उपायों से मिल सकती है नर्व पेन में राहत।

डायबिटीज एक खतरनाक रोग है जिसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है मगर कंट्रोल किया जा सकता है। लंबे समय तक डायबिटीज रहने पर या इसे कंट्रोल न करने पर इससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। डायबिटिक न्यूरोपैथी या नर्व पेन पूरे शरीर के नर्व्स को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी की स्थिति में तेज दर्द, संवेदनहीनता और कई बार अतिसंवेदनशीलता भी हो सकती है। आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों में उम्र बढ़ने पर, शुगर को कंट्रोल न करने पर और डायबिटीज के लंबे समय तक रहने पर डायबिटिक न्यूरोपैथी का खतरा बढ़ जाता है।

क्या है डायबिटिक नर्व पेन का कारण

डायबिटीज में नर्व पेन यानी नसों के दर्द का अनुभव ज्यादातर मरीजों को होता है। नसों में दर्द की वजह से मरीज की नींद और दैनिक काम भी प्रभावित होते हैं। डायबिटिक न्यूरोपैथी के हो सकते हैं ये कारण-

  • ब्लड ग्लूकोज का बढ़ना
  • लंबे समय से डायबिटीज होना
  • बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से नसों में प्लाक जम जाना
  • शरीर में इंसुलिन की कमी
  • रक्त वाहिकाओं का क्षतिग्रस्त हो जाना
  • नर्व्स को ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्व न मिल पाना
  • कार्पल टनल सिंड्रोम के कारण नसों को चोट
  • अनुवांशिक कारणों से भी हो सकता है डायबिटिक न्यूरोपैथी
  • ज्यादा देर तक बैठे रहने से भी हो सकता है डायबिटिक न्यूरोपैथी

डायबिटिक नर्व पेन या डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण

डायबिटिक न्यूरोपैथी में दर्द और दूसरे लक्षण रात में बढ़ जाते हैं। शाम के वक्त अक्सर पांव में पांव संवेदनशून्य हो जाते हैं, जिसकी वजह से चोट लगने पर पता नहीं चलता। इसलिए त्वचा और पैरों की देखभाल आवश्यक है। डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी के प्रारंभिक लक्षणों वाले रोगी को ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखने से दर्द से राहत मिल सकती है। इसके निम्न लक्षण हो सकते हैं।

  • नसों में तेज दर्द का अनुभव होना
  • जलन, झुनझुनी और अंगों को छूने पर दर्द की समस्या
  • अंगों में झुनझुनी होना
  • शाम के वक्त अक्सर हाथ-पैरों में जलन की समस्या

डायबिटिक नर्व पेन के आसान उपचार

नर्व्स में दर्द होने पर आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए क्योंकि ये कई बार खतरनाक हो सकते हैं। हालांकि दर्द से तत्काल राहत के लिए आप कुछ आसान उपचार अपना सकते हैं।

दर्द से राहत पाने के लिए आप एक आउंस जैतून या नारियल तेल के साथ के साथ 12 बूंद इसेंशियल ऑयल का प्रयोग कर मिश्रण बनायें। इससे त्वचा पर जलन और सूजन नहीं होगी। आप चाहें तो इसमें अपना मसाज करने वाला तेल भी मिला सकते हैं या फिर कुछ नहाने वाला पानी भी मिला सकते हैं। इसेंशियल ऑयल सीधे त्वचा पर लगाने से समस्या हो सकती है, इसलिए इसमें दूसरे मिश्रण मिलाना जरूरी है। इससे दर्द, अनिद्रा, तनाव आदि समस्याएं दूर होंगी। इसके अलावा पिपरमिंट का तेल नयूरोपैथी में बहुत फायदेमंद है। यह मांसपेशियों को रिलैक्स करता है, यह दर्द को दूर करता है।

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