बदलते मौसम के कारण जुकाम, छींक और बुखार की समस्या है तो ऐसे करें बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 13, 2018
Quick Bites

  • मौसम अचानक बदलता है तो शरीर परिवर्तन के लिए तैयार नहीं रहता है।
  • मौसम में बदलाव के कारण वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • मौसम के बदलाव के समय वायरल इंफेक्शन के जीवाणु ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं।

मौसम के बदलाव के कारण कई तरह की बीमारियां हमें घेर लेती हैं। दरअसल मौसम जब अचानक से बदलता है तो हमारा शरीर इस परिवर्तन के लिए तैयार नहीं रहता है और इसी कारण जुकाम, बुखार, छींक, नाक बहना आदि कई परेशानियां हो जाती हैं। सर्दी और गर्मी के मौसम में बदलाव की वजह से अक्सर वायरल बुखार लोगों को अपनी चपेट में ले लेता है। इसका खतरा उन लोगों को सबसे ज्यादा होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है या जिन्हें पहले से कोई बीमारी होती है। इस तरह के वायरल इंफेक्शन से बचाव के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

इंफेक्शन से बचें

जब मौसम में बदलाव होता है तो वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण कॉमन कोल्ड या जुकाम हो जाता है और नाक बंद हो जाती है। इसके अलावा छींकें आने लगती हैं और खांसी भी हो सकती है। कई बार कुछ लोगों में गला खराब होने की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में मौसम के बदलाव के समय आपको इन इफेक्शन्स से बचना चाहिए और साफ-सफाई का विशेष खयाल रखना चाहिए।

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बेमौसम की चीजों का सेवन

कई बार जब हम बेमौसम की चीजों का सेवन करते हैं, जैसे गर्मियों की शुरुआत में ही खूब ठंडा पानी पीना, आइसक्रीम-कुल्फी खाना या बेमौसम के फल और सब्जियों का सेवन करना आदि, तो भी वायरल रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस लिए हर मौसम में आपको मौसमी चीजों का ही सेवन करना चाहिए। मौसमी फलों और सब्जियों के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और इस तरह के वायरल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।

खांसते-छींकते समय रूमाल का प्रयोग

मौसम के बदलाव के समय वायरल इंफेक्शन के जीवाणु ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। इसलिए इस मौसम में पब्लिक प्लेस पर छींकते या खांसते समय आपको हमेशा रूमाल का प्रयोग करना चाहिए। छींकते समय मुंह पर रूमाल रखने से आप तो आपके साथ-साथ अन्य लोगों को भी वायरल इंफेक्शन से खतरा कम हो जाता है। इस मौसम में वातावरण में मौजूद वायरस एक-दूसरे में सांस के जरिये, छींकने से या खांसने पर ड्रॉप्लेट्स द्वारा फैलता है। इसे रेस्पिरिटरी इन्फेक्शन का वायरस कहते हैं।

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साफ-सफाई का विशेष ध्यान

वायरल बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो अपने शरीर और अपने आसपास की सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं। चूंकि मौसम के बदलाव के समय बीमारी के जीवाणु ज्यादा एक्टिव होते हैं इसलिए इस समय साफ-सफाई का विशेष खयाल रखना चाहिए। रोजाना साबुन से नहाना, कपड़े धूप में सुखाना, बाथरूम और ट्वॉयलेट की अच्छी तरह सफाई करना, खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखना आदि बातों का ध्यान रखना जरुरी है। इसके अलावा सब्जियों को धुलकर पकाना और खाने से पहले हाथ धुलना भी बहुत जरूरी है।

वायरल इंफेक्शन के लक्षण

  • गले में खराश और दर्द।
  • जुकाम होना।
  • आंखों में जलन, लाली और खुजली।
  • सिर दर्द।
  • तेज बुखार।

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