बच्चों को यूं कराएं एग्जाम की तैयारी, दूर होगा तनाव और मिलेगा अच्छा रिजल्ट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 25, 2018
Quick Bites

  • नवंबर से दिसंबर के बीच का समय बच्चों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।
  • बच्चों को खुद को बहुत ज्यादा नंबर लाने के दबाव में नहीं डालना चाहिये।
  • परिक्षा के समय में घर को किसी कर्फ्यू क्षेत्र में तब्दील न कर दें।

नवंबर से दिसंबर के बीच का समय बच्चों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस वक्त गलियों में बच्चों के खेलने का तेज़ शोर नहीं सुनाई देता, साइकिल पर उसके कमाल के स्टंट देखने को नहीं मिलते, पार्क से भी अकसर शाम के वक्त बच्चे नदारत दिखते हैं। ऐसा इसलिये नहीं क्योंकि इन दो महीनों में कोई कर्फ्यू लग जाता है, बल्कि इसलिये क्योंकि ये बच्चों की परिक्षाओं का समय होता है और इन दो महीनों में वे परिक्षाओं के भारी दबाव में होते हैं। इस दौरान बच्चों के चहरे आर हावभाव से उनका तनाव साफ देखा जा सकता है। विशेषज्ञों सलाह देते हैं कि बच्चों को खुद को बहुत ज्यादा नंबर लाने के दबाव में नहीं डालना चाहिये। बस सही तैयरी करनी चाहिये और ये तय करना चाहिये कि उन्होंने जितना भी तैयार किया है, उसमें अपना बेस्ट दे पाएं।

बच्चों को अच्छा माहौल दें

परिक्षा के समय में या इससे पहले अपने घर को किसी कर्फ्यू क्षेत्र में तब्दील न कर दें। अपने बच्चे को एक शांत वातावरण में पढ़ने की अनुमति दें, ताकि उसका ध्यान आपको ये दिखाने में कि वो पढ़ रहा है, से ज्यादा सच में ध्यान लगाकर पढ़ने में लगे। उसे मौका दें कि वो खुद इम्तहान की गंभीरता को समझ, सही तैयारी कर पाए।

खेलना भी है जरूरी

जैसा कि बच्चे पर खुद ही परीक्षा का बहुत ज्यादा तनाव होता है, अतः उसे चौबीसों घंटे स्टडी रूम में न घुसे रहने दें। उसे बीच में ब्रेक लेने के लिये कहें और कोशिश करें कि इस ब्रेक टाइम में उसका दिमाग थोड़ा शांत हो और तनाव दूर हो पाए। इसके लिये आप उसके साथ पार्क में बॉक करने जा सकते हैं या कोई और मनोरंजक चीज़ कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है बाइपोलर डिसआर्डर का शिकार, ये हैं लक्षण

हमेशा सकारात्मक सोचें

अगर माता पिता की सोच सकारात्मक है तो बच्चे स्वाभाविक रूप से गुणवत्ता को आत्मसात करते हैं। इसलिए, प्रिय माता-पिता अगर आप अपने बच्चे के साथ बैठे हैं और पढ़ाई में उसकी मदद कर रहे हैं तो अपने बच्चे के साथ सकारात्मक विचारों का आदान-प्रदान ही करें। इसके अलावा बच्चे के साथ सबसे ज्यादा नम्बर लाने की ज़बरदस्ती भी न करें। आपके लिये अपने बच्चे की शैक्षणिक क्षमता को समझते हुए उसका भविष्य तय करने की जरूरत होती है। बच्चे पर ज्यादा नम्बर लाने का दबाव बनाना उसके आत्मविश्वास को नष्ट कर देगा। इसलिये सकारात्मक रहें और उसको बेस्ट तैयारी करने में मदद करें।

खाना भी होना चाहिए अच्छा

हमारा मतलब खाने में रंग मिला देने से नहीं है। बल्कि हमारे कहने का आशय है कि उनके आहार में से जंग फूड को बाहर कर अच्छी तरह से संतुलित और पौष्टिक परीक्षा आहार शामिल करें। उनके खाने में ऐसे फल और खाद्य शामिल करें एकाग्रता को बेहतर बनाने में सहायता करें और बच्चे की स्मृरण शक्ति बढ़े। फल और ड्राई फ्रूट इसके अच्छे विकल्प होते हैं।

दोस्त की तरह ट्रीट करें

साल के इस तनाव वाले समय में बच्चों को माता-पिता से ज्यादा एक दोस्च की जरूरत होती है। जब आप उसकी जगह खुद को रख कर देखेंगे तो पाएंगे कि वास्तव में उस पर परीक्षा का क्या तनाव है और उसकी क्षमता और दृष्टिकोण क्या है। साथ ही अपने बच्चे के साथ नियमित एक्सरसाइज करें। रनिंग, जॉगिंग, साइक्लिंग आदि कुछ ऐसी एक्सरसाइज हैं, जो बच्चे के परिक्षा के तनाव को कम करती हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting Tips In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES1346 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK