Low Fiber Diet: किन लोगों को होती है कम फाइबर वाली डाइट की जरूरत? जानें लो- फाइबर डाइट के फायदे और नुकसान

कम फाइबर वाली डाइट खाना किन लोगों के लिए फायदेमंद होता है और इस डाइट को फॉलो करने पर आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, जानें सबकुछ।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Feb 18, 2021Updated at: Feb 18, 2021
Low Fiber Diet: किन लोगों को होती है कम फाइबर वाली डाइट की जरूरत? जानें लो- फाइबर डाइट के फायदे और नुकसान

हमारे शरीर को संतुलित मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जरुरत से अधिक या कम पोषक तत्वों के लेने पर शरीर में तमाम प्रकार की व्याधियां और समस्याएं जन्म लेने लगती हैं। जिस प्रकार से शरीर को एक निश्चित मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट्स और अन्य पोषक तत्वों की जरुरत होती है ठीक उसी प्रकार हमारे शरीर के लिए फाइबर भी बहुत जरूरी है। फाइबर फलों, सब्जियों, अनाज और पौधों में पाया जाता है। स्वस्थ शरीर के लिए फाइबर का नियमित सेवन आवश्यक होता है। हालांकि यहां यह जान लेना भी बेहद जरूरी है कि जरूरत से ज्यादा फाइबर का सेवन करना भी नुकसानदायक हो सकता है। आजकल लो-फाइबर डाइट (Low Fiber Diet) चलन में है। लो-फाइबर डाइट यानि की फाइबर की कम मात्रा वाले आहार जो पचने में भी आसान होते हैं। लो फाइबर डाइट को लो-रेसिड्यू डाइट (Low Residue Diet) भी कहा जाता है।

क्या है लो-फाइबर डाइट (What is Low Fiber Diet?)

फाइबर खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला एक खास तत्व है, जो रेशेदार होता है। हमारे पाचन तंत्र में फाइबर पूरी तरह से नहीं पचता है। लो-फाइबर डाइट (Low Fiber Diet) या लो-रेसिड्यू डाइट  (Low Residue Diet) संतुलित मात्रा में फाइबर का सेवन करने को कहते हैं। दैनिक जीवन में खाए जाने वाले पदार्थ जिनमें फाइबर कम मात्रा में पाया जाता है उनका सेवन करना ही लो-फाइबर डाइट कहलाता है। जिन लोगों को पाचन संबंधी दिक्कतें या आंत से जुड़ी समस्याएं होती हैं उन्हें कम-फाइबर डाइट की आवश्यकता होती है।

importance of fiber for health

हालांकि स्वस्थ व्यक्ति को लंबे समय तक लो-फाइबर डाइट पर नहीं रहना चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति जिसे पाचन संबंधी रोग आंत से जुड़ी बीमारी नहीं है वह फाइबर का सामान्य सेवन कर सकता है। भोजन को पचाने की क्षमता के हिसाब से ही फाइबर का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए सही माना जाता है।

पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सब्जियों, फलों और अनाज के सेवन के दौरान फाइबर की मात्रा का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। कुछ पैक्ड खाद्य उत्पादों जैसे आइसक्रीम, दही और अन्य पेय पदार्थ में फाइबर की मात्रा अलग से बढ़ाई जाती है इसलिए इनका सेवन करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरुरी होता है कि फाइबर की कितनी मात्रा हमारे पाचन तंत्र और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।

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किन लोगों को अपनानी चाहिए लो-फाइबर डाइट? (Who Should Start Low Fiber Diet?)

  • आंत (Intestine) से जुड़ी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए
  • इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज (Inflammatory bowel disease)
  • कीमोथेरेपी की प्रक्रिया से गुजर रहे लोग
  • इलियोस्टोमी या कोलोस्टॉमी सर्जरी के बाद
  • पेट से जुड़ी सर्जरी के बाद
who should follow low fiber diet

लो-फाइबर या लो रेसिड्यू डाइट प्लान (Low Fiber Diet or Low Residue Diet)

फाइबर की कम मात्रा वाले आहारों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करें। पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को जरुर लो-फाइबर डाइट अपनाना चाहिए, हालांकि कुछ स्थिति में चिकित्सक फाइबर की मात्रा को बढ़ाने की भी सलाह दे सकते हैं। किसी भी प्रकार के डाइट का पालन करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेना जरुरी है। लो-फाइबर डाइट प्लान बनाने के लिए किन चीज़ों को आहार में शामिल करना चाहिए या फिर किन भोज्य पदार्थों के सेवन से बचना जरुरी होता है आइये जानते हैं उनके बारे में।

फूड ग्रुप के हिसाब से क्या खाएं? (What Foods to Eat on Low Fiber Diet?)

ब्रेड,पास्ता और चावल (Bread Pasta and Rice)

  • सफेद ब्रेड
  • इंग्लिश मफिन्स
  • कॉर्नफ्लेक्स
  • सफेद चावल, पास्ता, साबूदाना
  • सूजी
  • सफेद आटा, कॉर्नफ्लोर
  • नमकीन
  • बिस्कुट या केक
foods to eat on low fiber diet

सब्जियां (Vegetables)

  • आलू, शकरकंद, कद्दू
  • गाजर, तोरी
  • फूलगोभी और ब्रोकली
  • मशरूम
  • टमाटर और ककड़ी (छिलका और बीज हटा हुआ)
  • कटा हुआ सलाद
  • प्याज, शिमला मिर्च
  • टमाटर की प्यूरी या पेस्ट
  • (खाने से पहले सब्जियों को छीलना और अच्छी तरह पकाना जरुरी है )

फल (Fruits)

  • खरबूजे (बीज रहित)
  • चेरी, बीज रहित अंगूर
  • छिला हुआ आड़ू
  • फलों का रस (बिना पल्प के)

डेयरी फूड (Dairy Products)

  • दूध
  • सादा दही
  • बिना फ्लेवर की आइसक्रीम

इसके आलावा आप लो फाइबर डाइट में मांस, मछली, और अंडे कम मात्रा में खा सकते हैं। साथ ही साथ चीनी, शहद और चॉकलेट का सेवन भी विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार कर सकते हैं।

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फ़ूड ग्रुप के हिसाब से किन खाद्य पदार्थों से रखें परहेज? (Foods to Avoid on Low Fiber Diet)

अनाज, ब्रेड और चावल (Grain, Bread and Rice)

  • साबुत अनाज का नाश्ता
  • सूखे फल, मेवे या नारियल
  • जई चोकर
  • ब्राउन राइस, पास्ता
  • साबुत आटा, गेहूं का आटा
  • मीठे और नमकीन बिस्कुट
  • नट, सूखे फल या नारियल
foods to avoid on low fiber diet

सब्जियां (Vegetables)

फल (Fruits)

  • छिलकेदार और रेशेदार फल
  • सेब, नाशपाती और अनानास
  • सूखे फल

इसके अलावा बीन्स, दाल, सोयाबीन बीन्स, सुपारी, अखरोट, मकई का लावा, नारियल, नट्स और फलों के साथ बने चॉकलेट, चटनी और अचार के सेवन से विशेष परहेज रखें। लो फाइबर डाइट के दौरान भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जिसमें फैट और शुगर की मात्रा कम हो। लो फाइबर डाइट या लो रेसिड्यू डाइट के दौरान कैलोरी, वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा तो पर्याप्त मिलती है लेकिन इस दौरान आपको मल्टीविटामिन जैसे सप्लीमेंट लेने पड़ सकते हैं।

side effects of low fiber diet

लो-फाइबर डाइट के फायदे (Benefits of Low Fiber Diet)

भोजन में शामिल खाद्य पदार्थ जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है वो पचने में दिक्कत पैदा करते हैं। ऐसे में लो फाइबर डाइट या लो रेसिड्यू डाइट पाचन तंत्र की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होती है। फाइबर की कम मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर आंतों को अधिक कार्य लारने की जरुरत नही पड़ती है। इसके अलावा कीमोथेरेपी, इलियोस्टोमी या कोलोस्टॉमी सर्जरी या पेट से जुड़ी सर्जरी से जूझ रहे लोगों के लिए लो फाइबर डाइट बेहद फायदेमंद होती है।

लो-फाइबर डाइट के नुकसान (Side Effects of Low Fiber Diet)

  • कम मात्रा में फाइबर लेने से कब्ज की समस्या हो सकती है
  • शरीर में फाइबर की कमी डायवर्टीकुलोसिस का कारण बन सकती है
  • ब्लड सुगर का स्तर अनियंत्रित हो सकता है
  • पेट के कैंसर का ख़तरा
  • कोलेस्ट्रॉल का अनियंत्रित होना

लो फाइबर डाइट क्या है और किन लोगों को इसकी आवश्यकता पड़ती है इसके बारे में इस लेख में जानकारी दी गयी है किसी भी प्रकार के डाइट प्लान को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरुर लें।

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