बर्थ कंट्रोल के लिए लोग सबसे ज्यादा गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इससे शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए एक्सपर्ट से जानें इन गोलियों से होने वाले नुकसान कौन से हैं?
लो डोज बर्थ कंट्रोल पिल्स क्या है?
नोएडा स्थित मदरहुड हॉस्पिटल की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट डॉ मनीषा रंजन के मुताबिक, लो डोज बर्थ कंट्रोल पिल्स नॉर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के मुकाबले शरीर के हार्मोन्स पर कम असर डालती हैं। इन पिल्स के साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं।
कितने प्रकार की होती है पिल?
बता दें कि आप लो डोज बर्थ कंट्रोल पिल्स पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकते हैं, लेकिन फिर भी इन पिल्स का प्रभाव रेट 99.5% होता है। यह पिल्स 2 तरह की होती हैं, पहली कॉम्बिनेशन लो डोज बर्थ कंट्रोल पिल होती है और दूसरी प्रोजेस्टिन ओनली लो डोज बर्थ कंट्रोल पिल।
वजाइनल ब्लीडिंग
बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने की वजह से महिलाओं को 2 पीरियड साइकिल के बीच में वजाइनल ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है। गोली लेने के 3 महीने तक ऐसा होता है और धीरे-धीरे यह समस्या ठीक भी हो जाती है। यह परेशानी हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण हो सकती है।
उल्टी आना
कई महिलाएं जब पहली बार बर्थ कंट्रोल पिल लेती हैं, तो उन्हें जी मिचलाने और उल्टी आने जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर आप गोली को खाली पेट खाने की जगह खाने के साथ या सोने से पहले लेंगे, तो जी मिचलाने या उल्टी आने की समस्या से बच सकते हैं।
सिरदर्द और माइग्रेन
बता दें कि बर्थ कंट्रोल पिल लो डोज वाली हो या हाई डोज वाली, इसमें मौजूद हॉर्मोन्स सिरदर्द और माइग्रेन को बढ़ा देते हैं। आप अगर कम डोज वाली गोली लेंगे, तो सिरदर्द कम हो सकता है। इसके भी लक्षण समय के साथ कम होने लगते हैं।
वजन बढ़ना
मीडिया रिपोर्ट्स में कई स्टडी के बारे में बात करते हुए कहा गया है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करने से वजन बढ़ सकता है। इन स्टडी के मुताबिक, अगर 6 से 12 महीने तक सिर्फ प्रोजेस्टिन वाली गर्भनिरोधक गोली का सेवन किया जाए तो 2 किलो वजन बढ़ सकता है।
हर साल 26 सितंबर के दिन विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए पढ़ते रहें onlymyhealth.com