क्या हर रोज उदासी महसूस होना डिप्रेशन होता है?

By Aditya Bharat
06 Jul 2025, 15:00 IST

हर किसी को कभी न कभी उदासी महसूस होती है। लेकिन जब यह रोज-रोज होने लगे, तो सवाल उठता है, क्या यह डिप्रेशन है? तो आइए PubMed की एक रिपोर्ट से जानें इसका जवाब।

उदासी और डिप्रेशन में अंतर

उदासी एक सामान्य भावना है। यह किसी बुरे अनुभव या तनाव से आती है। लेकिन डिप्रेशन एक मानसिक रोग है जो लंबे समय तक चलता है।

कब चिंता करनी चाहिए?

अगर उदासी हर दिन बनी रहती है, और आप पहले जैसी चीजों में दिलचस्पी नहीं लेते, तो यह संकेत हो सकता है कि ये सिर्फ मूड नहीं, कुछ और है।

रोज उदास महसूस करना खतरनाक है

लगातार नकारात्मक सोच, थकान, और नींद की गड़बड़ी जैसे लक्षण आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकते हैं।

वैज्ञानिक रिसर्च क्या कहती है?

कई स्टडीज बताती हैं कि जो लोग लगातार उदासी महसूस करते हैं, उनमें डिप्रेशन के लक्षण दिखने लगते हैं। समय पर ध्यान देना जरूरी है।

रोजाना उदासी का मतलब डिप्रेशन है?

जरूरी नहीं। कभी-कभी यह थकान, तनाव, या नींद की कमी से भी हो सकता है। लेकिन अगर ये लगातार 2 हफ्ते या उससे ज्यादा चले, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।

क्या करें?

अपनी दिनचर्या में सुधार करें, दोस्तों से बात करें, योग और एक्सरसाइज करें। अगर फिर भी राहत न मिले, तो प्रोफेशनल मदद लें।

डिप्रेशन का इलाज मुमकिन है

डिप्रेशन कोई कमजोरी नहीं, एक इलाज योग्य बीमारी है। थेरेपी, मेडिकेशन और सही सपोर्ट से इसमें सुधार संभव है।

अगर आपका मन बार-बार कह रहा है कि कुछ ठीक नहीं है, तो उसे अनसुना न करें। मदद मांगना आपकी ताकत है, कमजोरी नहीं। सेहत से जुड़ी और जानकारी के लिए पढ़ते रहें onlymyhealth.com