आयुर्वेद में सप्तपर्णी पौधे का काफी महत्व है। सप्तपर्णी की छाल और फूल का इस्तेमाल कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। इससे मिलने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानिए लेख में -
एक्सपर्ट की राय
आयुर्वेदाचार्य डॉ श्रेय शर्मा के अनुसार, 'सप्तपर्णी का पौधा देश के हर हिस्से में पाया जाता है। इस पौधे की छाल और फूल का इस्तेमाल पेट, चर्म रोग और बुखार जैसी बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।'
बुखार ठीक करें
बुखार को ठीक करने के लिए सप्तपर्णी की छाल का इस्तेमाल करें। इसके लिए सप्तपर्णी की छाल के चूर्ण को चाट सकते हैं। वहीं, इसका काढ़ा पीने से भी फायदा मिलेगा।
चर्म रोग को ठीक करें
सप्तपर्णी का इस्तेमाल चर्म रोग को ठीक करने के लिए किया जाता है। साथ ही, यह दाद, खाज और खुजली में भी फायदेमंद है। इसके लिए सप्तपर्णी की छाल का लेप बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
पेट के लिए फायदेमंद
सप्तपर्णी पेट के लिए फायदेमंद होता है। इसके चूर्ण को गर्म पानी में मिलाकर पीने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या दूर होती है।
दर्द से आराम दिलाता है
सप्तपर्णी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बदन दर्द से आराम दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए गर्म पानी में इसके चूर्ण को मिलाकर पी लें।
जख्म को ठीक करता है
सप्तपर्णी शरीर के जख्म को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए आप सप्तपर्णी के लेप को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और 30 मिनट बाद पानी से धो लें।
कमजोरी को दूर करता है
सप्तपर्णी का काढ़ा शरीर की कमजोरी को दूर करता है। इसका काढ़ा पीने से आप पूरा दिन एक्टिव रहते हैं।
सप्तपर्णी से शरीर को इतने ज्यादा लाभ मिलते हैं। सेहत से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए पढ़ते रहें onlymyhealth.com