आंतों में जमी गंदगी और टॉक्सिन्स को करना है साफ, तो खानपान में करें ये 5 बदलाव

हम जो कुछ खाते हैं उसे पचाना भी जरूरी है। भोजन को पचाने के लिए आपकी आंतों का स्वस्थ रहना जरूरी है। अगर आंतों में कोई समस्या हो जाए, तो सिर्फ पाचन नहीं आपके पूरे स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है। आंतों में समस्या का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 08, 2019
आंतों में जमी गंदगी और टॉक्सिन्स को करना है साफ, तो खानपान में करें ये 5 बदलाव

हम जो कुछ खाते हैं उसे पचाना भी जरूरी है। भोजन को पचाने के लिए आपकी आंतों का स्वस्थ रहना जरूरी है। अगर आंतों में कोई समस्या हो जाए, तो सिर्फ पाचन नहीं आपके पूरे स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है। आंतों में समस्या का पता आसानी से लगाया जा सकता है। अगर आपको दिन में 3 बार से ज्यादा शौच के लिए जाना पड़ता है या सप्ताह में 3 बार से कम शौच जाते हैं, तो आपको आंतों की समस्या शुरू हो चुकी है, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है। आइए आपको बताते हैं आंतों को स्वस्थ रखने के आसान उपाय।

सेंधा नमक का प्रयोग करें

नमक हमारी पाचन क्रिया में बहुत महत्वपूरण भूमिका निभाता है। आंतों के लिए नमक जरूरी है क्योंकि ये बैक्टीरिया को संतुलित करता है। हालांकि सादे नमक से ज्यादा सेंधा नमक का प्रयोग आपके लिए फायदेमंद है। मगर सेंधा नमक में आयोडिन की मात्रा कम होती है इसलिए शरीर को अन्य स्रोतों या आयोडाइज्ड नमक के द्वारा पर्याप्त आयोडिन लेते रहें।

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मैग्नीशियम और पोटैशियम वाले आहार खाएं

आंतों के लिए मैग्नीशियम और पोटैशियम वाले आहारों का सेवन जरूर करें। मैग्नीशियम साबुत अनाज, मछली, हरी पत्तेदार सब्जियों और कुछ फलियों से मिल सकता है। इसलिए इन्हे आहार में जरूर शामिल करें। सब्जियों और फलों के अलावा पोटैशियम होल ग्रेन, और दूध के  उत्पादनों में भी पाया जाता है। मांस, पोल्ट्री के उत्पादन, मछली  वगैरह में भी पोटैशियम की मात्रा  भरपूर होती है, पर अधिक मांसाहारी आहार का सेवन करने से आपके स्वास्थ्य को हानि  पहुँच सकती है, जिससे एसिड का स्तर बढ़ सकता है और पोटैशियम के स्तर में  कमी हो सकती है। अन्य आहार जो पोटैशियम से भरपूर हैं वे  हैं: केला, संतरा, एप्रिकॉट, अवोकेडो,  स्ट्राबेरी, आलू, टमाटर, खीरा, गोभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, बैंगन, ब्रसेल स्प्रोउट,  अजवायन, पालक,ब्रोकोली, कुकरमत्ता, हल्दी, ट्यूना और हलिबट मछली।

दिन में पर्याप्त पानी पिएं

पानी हमारे शरीर के लिए जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर में मौजूद गंदगी और टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो लिवर और किडनी पर जोर पड़ता है। इसके अलावा टॉक्सिन्स के ज्यादा इकट्ठा हो जाने के कारण पथरी और किडनी फेल्योर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं इसलिए दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं।

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फाइबर वाले फूड्स हैं जरूरी

आंतों को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर यानी रेशेदार भोजन करना बहुत फायदेमंद होता है। बहुत अधिक तेल, मसाले और वसा वाले भोजन से दूर रहें, ये कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को जन्‍म देती हैं। इसलिए फाइबरयुक्त भोजन को अपने आहार में शामिल करें। सब्जियां, फल, अनाज, दाल और नट्स में मौजूद फाइबर आपकी आंतों को ठीक प्रकार से कार्य करने में मदद करता हैं। अगर आपको मल त्याग के समय बहुत जोर लगाना पड़ता है फिर भी पेट साफ नहीं होता है, तो फाइबर वाले फूड्स से बहुत फायदा मिलेगा।

प्रोबायोटिक्स वाले आहार खाएं

रोबायोटिक्स वाले आहार आंतों के लिए बहुत फायेदमंद होते हैं। हमारी आंत असंख्य बैक्टेरिया से भरी होती है। इनमें से कुछ हमारे शरीर के लिए रोग का कारण भी हो सकते हैं और जो अच्छे होते हैं, वे भोजन को पचाने का काम करते हैं तथा पाचन तंत्र को संतुलित रखने का काम करते हैं। प्रोबायोटिक भोज्य पदार्थों के सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली को सशक्त बनाया जा सकता है, इन्फेक्शन से बचाव किया जा सकता है। प्रोबायोटिक मुख्यत: डेयरी प्रोडक्ट में होते हैं, जैसे दूध व दही। इसके अलावा अचार, मुरब्बा आदि में भी इनकी संख्या पाई जाती है।

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