आपके सुनने की क्षमता को खराब कर सकती हैं ये 5 गलत आदतें, बुढ़ापे से पहले खराब हो सकते हैं कान

कुछ गलत आदतों के कारण आपके सुनने की क्षमता बुढ़ापे से पहले ही खराब हो सकती है। अगर आप लंबी उम्र तक सुनते रहना चाहते हैं, तो इन गलत आदतों को छोड़ दें।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: May 24, 2020
आपके सुनने की क्षमता को खराब कर सकती हैं ये 5 गलत आदतें, बुढ़ापे से पहले खराब हो सकते हैं कान

आवाजों का हमारे जीवन में कितना महत्व है, इस बात का अंदाजा आपको तब लग सकता है, जब थोड़ी देर के लिए आपके कान बंद हो जाते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कुछ लोगों की सुनने की क्षमता जन्म से ही बंद होती है। मगर ऐसे लोग धीरे-धीरे जीवनयापन सीख लेते हैं। लेकिन अगर किसी व्यक्ति के सुनने की क्षमता 40-50 की उम्र में चली जाए, तो उसे बहुत बेचैनी, परेशानी और दुख होगा क्योंकि उसने आवाजों का महत्व जाना हुआ है। आपने अपने आसपास अक्सर ऐसे वृद्ध लोगों को देखा होगा, जो ऊंचा सुनते हैं। यही कारण है कि लोग मानते हैं कि सुनने की क्षमता बुढ़ापे में जाकर ही खराब होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसी कई गलत आदतें हैं, जिनके कारण आपकी सुनने की क्षमता कम उम्र में भी खराब हो सकती है। इन 5 गलत आदतों का असर आपके कान और श्रवण शक्ति पर बहुत ज्यादा पड़ता है।

hearing loss

धूम्रपान

सिगरेट पीने से सिर्फ कैंसर ही नहीं होता, बल्कि आप बहरे भी हो सकते हैं। अगर ये बात आपको मजाक लगती है, तो इसका सिर्फ इतना कारण है कि आपने अपने आसपास ऐसे लोग नहीं देखें होंगे जिनके कान सिगरेट की वजह से खराब हो चुके हों। दरअसल सिगरेट और कान का संबंध ऐसे है कि सिगरेट में बहुत सारे जहरीले तत्व होते हैं। ये तत्व आपके फेफड़ों में जाकर जमा होते रहते हैं। जब ये जहरीले तत्व बहुत ज्यादा हो जाते हैं, तो आपके खून में भी घुलने लगते हैं। इसके बाद आपके अलग-अलग अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं और डैमेज करते हैं। कान की तंत्रिकाएं बहुत सेंसिटिव होती हैं, इसलिए इन्हें ये तत्व बहुत जल्दी खराब कर देते हैं।

तो साफ है कि अगर आप चाहते हैं कि आपकी सुनने की क्षमता हमेशा अच्छी रहे, तो आपको सिगरेट पीने की लत आज से ही बंद कर देनी चाहिए।

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तेज आवाज माहौल में रहना या हेडफोन में गाने सुनना

कान के सुनने की भी एक क्षमता होती है। चूंकि आपको आवाजें कान के पर्दे में वाइब्रेशन के कारण सुनाई देती हैं, इसलिए कान के पर्दे का सही रहना बहुत जरूरी है। अगर आप बहुत शोर-गुल वाले माहौल में रहते हैं या फिर हेडफोन पर तेज आवाज में गाने सुनते हैं, तो इससे भी आपके सुनने की क्षमता प्रभावित होती है और संभव है कि गंभीर परिस्थिति में आप बहरे भी हो जाएं। इसलिए गानों का आनंद लें, लेकिन हर समय तेज आवाज में और हेडफोन पर नहीं।

मुंह की समस्याओं को नजरअंदाज करना

मुंह में बैक्टीरियल इंफेक्शन की समस्या कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं। रिसर्च बताती हैं कि अगर आपके मुंह में बैक्टीरियल इंफेक्शन हो और आप इसे नजरअंदाज करते जाएं, तो ये हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। दरअसल सिगरेट वाले केस की ही तरह मुंह के बैक्टीरिया भी सीधे आपके ब्लड स्ट्रीम यानी खून में पहुंच सकते हैं। यहां पहुंचकर ये बैक्टीरिया धमनियों, तंत्रिकाओं और कोशिकाओं में सूजन का कारण बन सकते हैं। पहले ही बताया जा चुका है कि कान की तंत्रिकाएं सेंसिटिव होती हैं, इसलिए कान को सबसे ज्यादा नुकसान होने का खतरा रहता है। इसलिए अगर मुंह की कोई समस्या हो, तो बिना देरी किए डेंटिस्ट के पास जरूर जाएं।

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एल्कोहल की लत

एल्कोहल यानी शराब की लत भी बहुत बुरी मानी जाती है। थोड़ी मात्रा में अच्छी क्वालिटी की एल्कोहल लेना दिल के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसकी लत बना लेना आपके पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक है। एल्कोहल भी आपके ब्लड स्ट्रीम में पहुंच सकती है और फिर पूरे शरीर के अंगों को डैमेज कर सकती है। ज्यादा एल्कोहल की लत से आपकी हियरिंग सेल्स को खराब हो सकती हैं, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है या फिर आप बहरे भी हो सकते हैं।

ear damage

गतिहीन जीवन

अगर आप बिल्कुल ही निठल्ले बैठे रहते हैं या हर समय सोते रहते हैं, तो ऐसी जीवनशैली भी आपको सैंकड़ों तरह की बीमारियां और रोग दे सकती है। सिंड्रेट्री लाइफस्टाइल के कारण डायबिटीज और मोटापा सबसे आम समस्याएं हैं। डायबिटीज के गंभीर हो जाने पर बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आपके नाजुक नर्व्स को डैमेज कर देता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों में अक्सर लंबे समय में अंधापन और बहरेपन की समस्या खूब देखी जाती है। इसलिए बेहतर यही है कि आप दिन में थोड़ा काम करें और थोड़ी कसरत करें, ताकि मोटापा और डायबिटीज कंट्रोल में रहें।

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