बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है डाइटिंग, जानें 3 कारण और मोटापा घटाने का सही तरीका

छोटे बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। मगर वजन घटाने के लिए डाइटिंग का सहारा लेना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। 

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Dec 04, 2019Updated at: Dec 04, 2019
बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है डाइटिंग, जानें 3 कारण और मोटापा घटाने का सही तरीका

मोटापा कम करने के लिए डाइट का चलन इन दिनों जोरों पर है। डाइट के दौरान कम खाकर या सीमित चीजें खाकर शरीर में जाने वाली कैलोरीज की मात्रा को कंट्रोल किया जाता है, जिससे कुछ लोगों का वजन कम हो जाता है। बच्चों में मोटापे की समस्या भी पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गई है। कई बार लोग बच्चों का वजन घटाने के लिए भी डाइटिंग को सही मानते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि बच्चों की सेहत के लिए डाइटिंग खतरनाक हो सकती है। जी हां, एक्सपर्ट्स के मुताबिक 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डाइटिंग करना खतरनाक हो सकता है। आइए आपको बताते हैं इसके 5 कारण।

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रुक सकता है बच्चे का विकास

पतला दिखने के लिए आपके समझाने या जोर-जबरदस्ती करने पर बच्चे डाइटिंग भले शुरु कर दें, मगर ये डाइटिंग उनके शारीरिक विकास को प्रभावित कर सकती है। दरअसल जन्म के बाद से 20 साल की उम्र तक बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। इस दौरान उसके शरीर में सभी पोषक तत्व जैसे- विटामिन्स, प्रोटीन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि की सही मात्रा बेहद जरूरी है। डाइटिंग करने पर बच्चों के शरीर को सही मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिसके कारण उनका विकास बाधित हो सकता है।

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कमजोर हो सकता है शरीर

आमतौर पर मोटे शरीर को लोग हमेशा मजबूत और ताकतवर मान लेते हैं। मगर ऐसा नहीं है। मोटापे के बावजूद कई लोगों का शरीर बहुत कमजोर होता है। अगर बच्चे डाइटिंग करते हैं, तो उनका शरीर कमजोर की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। बढ़ने वाली उम्र में बच्चे के शरीर को बहुत सारे तत्वों की जरूरत होती है- जैसे- हड्डियों के लिए विटामिन डी और कैल्शियम, आंखों के लिए विटामिन ए, त्वचा और बालों के लिए विटामिन ई और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विटामिन सी आदि। अगर बच्चा ठीक से खाना नहीं खाएगा, तो उसे सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलेंगे, जिससे उसका शरीर कमजोर होता जाएगा।

बच्चा हो सकता है बीमार

आमतौर पर जब कोई व्यक्ति डाइट करता है, तो उसका शरीर एनर्जी के लिए शरीर में जमा चर्बी को गलाना शुरू कर देता है, जिससे व्यक्ति का वजन घटने लगता है। बड़ी उम्र तक रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी तरह विकसित हो जाती है, इसलिए डाइटिंग के दौरान व्यक्ति के स्वस्थ रहने की संभावना ज्यादा होती है। मगर बड़ों के मुकाबले बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और इसे मजबूत बनाने के लिए पौष्टिक खाना बहुत जरूरी है। इसलिए जब बच्चे डाइटिंग करते हैं, तो उनका प्रतिरक्षा तंत्र और ज्यादा कमजोर होने लगता है, जिससे बच्चे बीमार भी पड़ सकते हैं।

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क्या है बच्चों में मोटापा घटाने का सही तरीका?

  • वजन घटाने के लिए बच्चे को डाइटिंग कराने के बजाय उसके खानपान की आदतों में सुधार की आदत डलवाएं।
  • बच्चे को एक बार में बहुत सारा खाना देने के बजाय थोड़ा-थोड़ा कई बार में खिलाएं
  • कच्चे ताजे फल, रंगीन सब्जियां, नट्स, मेवे और मोटे अनाज को बच्चे की डाइट में शामिल करें। इनमें फाइबर होता है और इनसे वजन कम होगा।
  • बच्चे अक्सर एक बड़ी गलती ये करते हैं कि वो पानी बहुत कम पीते हैं। जबकि बच्चों के लिए रोजाना कम से कम 6-7 ग्लास 2-2.5 लीटर पानी पीना बेहद जरूरी है।
  • डाइटिंग के बजाय बच्चे में एक्सरसाइज की आदत डालें। एक्सरसाइज से उसका फैट बर्न होगा और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी। इससे उसका शरीर धीरे-धीरे पतला होने लगेगा।

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