खाने की लत से जानें अपने स्‍वास्‍थ्‍य का हाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 10, 2015
Quick Bites

  • ज्यादा खाने की आदत व चीनी की लत स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम है।
  • शरीर में किसी तत्व की कमी का इशारा भी हो सकती है फूड क्रेविंग।
  • डोपामाइन गतिविधि पतले समकक्षों की तुलना में ज्यादा तेज होती है।

फूड एडिक्शन अर्थात किसी एक या कई चीजों को खाने की लत। ये अच्छी और बुरी दोनों तरह की हो सकती है। लेकिन दोनों ही स्थितियों में नतीजा हानिकारक ही होता है। फूड क्रेविंग सिर्फ लत ही नहीं बल्कि शरीर में किसी तत्व की कमी का इशारा भी हो सकती है। वहीं खान-पान संबंधी जागरुकता का जरूरत से ज्यादा होने के चलते कुछ खास चीजों का सेवन अधिक करने के कारण कई बार शरीर के लिए जरूरी अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जो परेशानी का कारण बन जाता है। खैर खाने की लत स्‍वास्‍थ्‍य का हाल भी बताती है और इसके कई कारण होते हैं। चलिये जानें क्या हैं ये कारण-

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डोपामाइन की तेज़ गतिविधि

मोटे लोगों के दिमाग में आदतें निर्मित करने वाले क्षेत्र में डोपामाइन गतिविधि उनके पतले समकक्षों की तुलना में ज्यादा तेज होती है। डोपामाइन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो दिमाग के पुरस्कार एवं प्रसन्नता वाले केंद्रों को नियंत्रित करने में सहयोग देता है। अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के  केविन हाल के अनुसार भोजन चेतन की अपेक्षा अचेतन आदतों पर आधारित होता है, खासतौर पर तब जब स्वादिष्ट भोजन के संकेत व्यावहारिक रूप से हर जगह मौजूद हों। इस अध्ययन में मोटे शरीर वाली 43 महिलाओं और पुरुषों को शामिल किया गया था।

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Cravings Say About You in Hindi

 

दिमाग की वजह से खाते हैं ज्यादा

वैज्ञानिकों ने दिमाग में एक ऐसे भाग का पता लगाया जो ज्यादा खाने की आदत के लिए उत्तरदायी है। यह खोज इस विकार के प्रभावी उपचार की दिशा में उपयोगी भी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक ज्यादा खाने की आदत और चीनी की लत स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम है। विशेषज्ञों ने बताया कि चूहे पर किए गए प्रयोग में देखा गया कि दिमाग का न्यूरल सर्किट अधिक खाने या चीनी सेवन को नियंत्रित करता है। प्रमुख शोधकर्ता व मैसाचुसेट्स इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के के. टेय के अनुसार समाज की इस तल के कारण सबसे बड़ी समस्या मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज है।

मनमौजियों लोगों को लग जाती है खाने की लत

यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्ज के फ्रेंकलिन कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में मनोविज्ञान के सहायक प्रोफेसर जेम्स मैककिलोप के एक अध्ययन के अनुसार मनमौजी आचरण, मोटापे से आवश्यक रूप से नहीं जुडा है लेकिन मनमौजीपन खाने की लत का कारण हो सकता है। एक बात यह भी सामने आई है कि उच्च वसा, सोडियम व शर्करा वाले खाद्य मनमौजियों में नशीली दवाओं की तरह तलब पैदा करते हैं। मैककिलोप के मुताबिक, वे अब यह जानने की कोशिश करेंगे कि वे तीव्र लालसाएं मोटापा बढाने में कैसे भूमिका निभाती हैं।

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