50 से अधिक उम्र के लोगों के लिए बेस्ट हैं ये 5 व्यायाम, रखेंगे हरदम फिट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 10, 2018
Quick Bites

  • जब एक्सरसाइज कर रहे हों तो अपने शरीर की सुनें।
  • अत्यधिक श्रम वाला वर्कआउट करने के दो घंटे पहले कुछ ना खाएं।
  • आर्थराइटिस से जुड़े दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाले उम्र के हर पड़ाव पर अच्छे दिखते हैं और अच्छा महसूस करते हैं। बुजुर्गों के लिए सक्रिय जीवन जीना और भी जरूरी हो जाता है। इससे बुजुर्गो में हृदय रोगों, डायबिटीज और कुछ खास प्रकार के कैंसर से बचाव होता है। साथ ही आर्थराइटिस से जुड़े दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है। संतुलन बेहतर होता है, लचीलापन बढ़ता है, सहनशक्ति बढ़ती है, मजबूती आती है, साथ ही बुजुर्ग लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • अत्यधिक श्रम वाला वर्कआउट करने के दो घंटे पहले कुछ ना खाएं
  • वर्कआउट के पहले, बीच में और उसके बाद पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं
  • अपना एक्टिविटी लेवल मौसम के अनुसार तय करें और जब आप बीमार हों, थकान महसूस हो रही हो तो एक्सरसाइज कम कर दें

डॉक्टर से करें बात

जब एक्सरसाइज कर रहे हों तो अपने शरीर की सुनें। यदि वर्कआउट करने से सीने में दर्द, अनियमित धड़कनों, असामान्य थकान, मितली, अस्वाभाविक रूप से सांस लेने में परेशानी, सिर में हल्कापन महसूस होने जैसी समस्याएं हों तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें और उनकी सलाह पर ही एक्सरसाइज का सही रूप चुनें।

वॉर्म अप और कूल-डाउन

  • हरेक एक्सरसाइज का प्रमुख हिस्सा होता है वॉर्मिंग अप और कूलिंग डाउन। इससे शरीर आराम से सक्रिय होने की अवस्था में और सक्रिय से आराम की अवस्था में पहुंचता है। इससे सूजन या इंजुरी होने का खतरा कम हो जाता है, खासकर बुजुर्गों में।
  • एक्सरसाइज शुरू करने से पहले 5-10 मिनट वॉर्म अप एक्सरसाइज करें। वृद्धों को मांसपेशियों को वॉर्म अप करने में अधिक वक्त लगता है। शक्ति प्रदान करने वाले वर्कआउट और वॉकिंग बेहतर विकल्प हो सकते हैं। 
  • कूल डाउन होने के लिए धीरे-धीरे टहलें जब तक कि हार्ट रेट 10-15 बीट्स न हो जाएं। अचानक से किसी एक्टिविटी को बंद कर देने से ब्लड प्रेशर तेजी से कम होता है और यह बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन आने की समस्या हो सकती है। 
  • कूलिंग डाउन के लिए स्ट्रेचिंग सबसे उपयुक्त होता है, लेकिन वॉर्मिंग अप के लिए इस प्रक्रिया को संभलकर करें क्योंकि कोल्ड मसल्स के चोटिल होने का खतरा रहता है।

एरोबिक्स ट्रेनिंग

नियमित रूप से एरोबिक्स एक्सरसाइज की ट्रेनिंग हार्ट अटैक, स्ट्रोक, डायबिटीज, डिमेंशिया, डिप्रेशन, कोलन, ब्रेस्ट कैंसर और उम्र से पहले मृत्यु आदि से बचाव करता है। ये हैं इसके अन्य लाभ-

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  • सहनशीलता बढ़ती है
  • धड़कनें नियमित होती हैं
  • अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती हैं
  • सामान्य वजन को बनाए रखने में मददगार होते हैं

हफ्ते में 2 बार जरूरर करें

डॉक्टर्स के साथ ही कई शोधों में भी यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने का कोई नियत समय नहीं होता इसे किसी भी उम्र में किया जा सकता है। यदि बुजुर्ग हफ्ते में दो बार एक्सरसाइज करें तो उनकी शारीरिक शक्ति, लचीलापन, संतुलन और उम्र में वृद्धि हो सकती है।

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