कोरोना वायरस को दूर भगाने के लिए एक डॉक्‍टर ने कविता के जरिए दिया संदेश, कोरोना से बचने के दिए टिप्स

कोरोना वायरस पर एक डॉक्‍टर ने कविता लिखकर जागरूक करने और बचाव के उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं। 

सम्‍पादकीय विभाग
विविधWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Aug 26, 2020Updated at: Aug 27, 2020
कोरोना वायरस को दूर भगाने के लिए एक डॉक्‍टर ने कविता के जरिए दिया संदेश, कोरोना से बचने के दिए टिप्स

कोरोना वायरस महामारी से अब तक लाखों लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, अभी तक कोविड-19 के इलाज का पता भी नहीं चल सका है। फिलहाल, कोरोना वायरस से खुद को सुरक्षित रखने का एक मात्र विकल्‍प 'बचाव' ही है। ऐसे में कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक रहना बहुत जरूरी है। सरकार और सामाजिक संगठन लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस और डॉक्‍टर भी लोगों को जागरूक करने में पीछे नहीं है। हाल ही में केरल पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक्टिंग के माध्‍यम से साफ-सफाई रखने और मास्‍क पहनने की सीख दे रहे थे। वहीं कई पुलिस वाले गाना गाकर लोगों को जागरूक कर रहे थे। इसी कड़ी में एक डॉक्‍टर ने कविता लिखकर लोगों को कोराना वायरस से बचने के उपाय सुझाए हैं।

दरअसल, डॉक्‍टर शैलेश जगतप (Public Health and Nutrition Specialist) ने एक कविता साझा की है, जिसमें उन्‍होंने छोटे बच्‍चों, गर्भवती महिलाओं, नौजवानों और बुजुर्गों को भी कोरोना वायरस से बचने के उपाय बताएं हैं। आइए जानते हैं।

poem

कोरोना वायरस पर डॉक्‍टर शैलेश जगतप की कविता

आम जनता के मन मे है कई सवाल।

कोरोना पैनडमिक में गर्भवती महिला और बच्चो के पोषण का कैसे रखें ख्‍याल।        


1. क्या आप कोरोना से संक्रमित होने से बचना चाहते हो? 

आप घर पर ही रहकर सामाजिक दूरी से ही अपने और अपने परिवार को बचा सकते हो।

 

सेनिटाइज़र या साबुन से 20 सेकेण्ड तक हाथ अगर धोओगे।

मुंह, नाक और आंख से दूर अगर हाथ रखोगे। 

 

तो ही तुम कोरोना को अपने से दूर रखोगे।

और इसी से ही तुम कोरोना से संक्रमित होने से बचोगे।

 

जिसने सारे नियमों को है अपनाया।   

उसी ने कोरोना पर है विजय पाया।

 

चाहे बच्चे, बूढ़े हों या हों गर्भवती महिला।

सामाजिक दूरी और स्वच्छता का करें बोल बाला।

 

सामाजिक दूरी और स्वच्छता का करें डंके की चोट पर बोल बाला।


2. कोरोना संक्रमण के बारे में इतना कुछ है मैने सुना

क्या घर की गर्भवती महिला को होने की है कोई संभावना?

 

देश विदेशों के विशेषज्ञों का है यह कहना।

जितनी आम लोगों को है उतनी ही है गर्भवती महिला को भी संभावना।

 

सामाजिक दूरी और स्वच्छता के मंत्र को तुम ना भूलना।

घर पर रहकर सारे एहतिआत बरतना तो फिर करोना से क्या डरना।   

poem 

इसके साथ उसके आहार पर और जरूरत पड़नें पर जांच पर ध्यान दें।

दाल चावल रोटी के अलावा, हरी सब्ज़ी, दूध और पके फल उसे खाने में दें।

हर दिन के खाने में उसे पांच तरह के पौष्टिक पकवान अगर मिल जाएं।

किसी भी संक्रमण से लड़ने की प्रतिकार शक्ति उसकी बढ़ जाए।

 

अगर फ्लू या कोरोना जैसे लक्षण उसमें कहीं दिख जाएं।

नज़दीकी चिन्हित सरकारी अस्पताल में उसे जांच और इलाज के लिये ले जाएं।

 

गर्भवती महिला अगर संक्रमित हो जाए तो बच्चे पर इसका असर होगा क्या कोई?

ध्यान रहे गर्भ से बच्चे को संक्रमण होने का अबतक सबूत नहीं है कोई।

 

तकलीफ होने पर समय पर जांच, पौष्टिक आहार और अस्पताल में प्रसव ही है उपाय।

कोरोना संक्रमण से बचने के हैं यही सारे उचित उपाय।

 

कोरोना संक्रमण से बचने के हैं यही सारे उचित उपाय।


3.  तरह तरह के सवाल मन में आए।

मां क्या अपने बच्चे को अपना दूध पिलाए?

 

सामाजिक दूरी और स्वच्छता के नियमों को अगर अपनाएं।

तो बच्चे को दूध पिलाने में दिल क्यों घबराए?

 

डिलिवरी के बाद मां और बच्चे नहीं रहे अलग अलग।

इस बात के लिए तुम सारे रहो सजग।

 

एक घण्टे के अन्दर ही बच्चे को मां का दूध पिलाओ।

इस बात के लिए अपने आपको और पूरे परिवार को याद दिलाओ।

 

मां का दूध ही है बच्चे का पहला टीकाकरण।

कोरोना और कई संक्रमणों से मिलेगा उसे संरक्षण।

 

मां का दूध ही है उसका रक्षा कवच।

इस बात को ना समझों झूठा, है यह वैज्ञानिक सच।

 

मां के दूध के अलावा ऊपर से कुछ दिलाओगे, 

तो संक्रमण का खतरा तुम बढ़ाओगे।

 

छह माह तक सिर्फ मां का ही दूध पिलाइए दिन रात, बार बार, हर बार।

समझोगे अगर इस बात को तो कहलाओगे तुम समझदार।


4. अगर मांए फ्लू या कोरोना से ही संक्रमित हो जाए।

तो कैसे वह अपना दूध पिलाए?

 

सामाजिक दूरी और स्वच्छता का मन्त्र ना वह कभी भूल पाए।

अगर हो सर्दी, खांसी और सांस फूलने की शिकायत, मेडिकल मास्क पहनकर ही बच्चे के पास वह जाए।

 

दूध पिलाने से पहले और बाद में सेनिटाइज़र या साबुन से 20 सेकेण्ड तक हाथ वह धोएं।

मां की ममता में यह ज़रूरी बात वह भूल ना जाए।

 

दूध पिलाते वक्त अगर खांसी या छींक आ जाए।

ध्यान रहे यह बच्चे पर ना हो जाए।

 

तकलीफ बढ़ने पर दूध पिलाने में अगर अक्षमता वह दिखलाए।

ऐसे समय में धैर्य रखकर बिलकुल ना घबराएं।

 

मां अपने स्तन से दूध निकालकर स्वच्छ कटोरी चम्मच से पिलाएं।

हर स्थिति में बच्चे को मां का ही दूध मिले यह दृढ़ संकल्प आप बनाएं।

 

हर स्थिति में बच्चे को मां का ही दूध मिले यह दृढ़ संकल्प आप बनाएं।

Read More Articles On Miscellaneous In Hindi

Disclaimer