गर्भधारण करने के बाद नौ महीने तक क्या करें क्या न करें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 18, 2013
Quick Bites

  • कैल्शियम, ब्लड शुगर , यूरीन, एचआईवी आदि की जांच अवश्‍य करायें।
  • समय पर टिटनेस के टीके, डायबिटीज, थैलीसीमिया की भी जांच करायें। 
  • नौ महीनों के दौरान अधिक भार न उठाएं और ज्‍यादा सीढि़यां भी न चढें। 
  • प्रेग्‍नेंट होने के बाद दूर की यात्रा करने से बचें और सकारात्‍मक सोच रखें।

हर महिला स्वस्थ रहकर स्वस्थ शिशु को जन्म देना चाहती है,इसके लिए महिला को अपनी सेहत और पर्सनैलिटी दोनों बरकरार रखनी होती है। महिलाओं को मां बनने के लिए गर्भावस्था के दौरान क्या करें, क्या न करें, किन चीजों का ख्याल रखें, डॉक्टर से कब मिलें जैसी तमाम चीजों का ख्याल रखना पड़ता है।

कोई भी महिला गर्भावस्था के दौरान क्या सोचती है, यह कहना मुश्किल हैं लेकिन एक बात तो तय है कि सभी महिलाएं चाहती हैं कि उनके होने वाला बच्चा एकदम स्वस्थ और हेल्दी है। आइए जानें गर्भवती महिलाएं नौ महीने क्या करें, क्या न करें जिससे उनका बच्चा एकदम स्वस्थ पैदा हो।

pregnancy in hndi

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गर्भावस्‍था के नौ महीने

क्‍या करें

  • गर्भधारण का पता चलते ही आपको किसी अच्छी डॉक्‍टर से मिलकर सलाह लेनी चाहिए।
  • गर्भधारण के बाद महीने में एक बार पूरा चेकअप जरूर करवाएं और अंतिम समय में 15-15 दिन बाद चेकअप करवाना चाहिए।
  • आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान हर तीन महीने बाद कैल्शियम, ब्लड शुगर, यूरीन और एचआईवी टेस्ट, अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए।
  • समय-समय पर डॉक्टर की सलाहानुसार टटनेस के टीके लगवाने चाहिए।
  • यदि गर्भवती महिला डायबिटीज, थैलीसीमिया या किसी और रोग से पीडि़त है तो सही समय पर सही इलाज लेना चाहिए इससे होने वाले बच्चे को इन बीमारियों से दूर रखा जा सकता है।
  • गर्भवती महिला को नौ महीनों के दौरान खानपान का खास ख्याल रखना होता है क्योंकि मां के माध्यम से ही बच्चे को कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य विटामिन मिलते है।
  • शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए क्योंकि डिलिवरी के वक्त काफी खून की जरूरत पड़ती है और बच्चा भी फ्लूइड में रहता है , इसलिए नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, जूस खूब पिएं।
  • गर्भावस्था में थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद खाती रहें क्योंकि बच्चे को पोषण मां से ही मिलता है।
  • तला और मसालेदार न खाएं। इनसे गैस, एसिडिटी, जलन हो सकती है। जो भी खाएं , फ्रेश खाएं। बाहर के खाने से इंफेक्शन का खतरा होता है।
  • किसी मां के लिए गर्भावस्था के नौ महीने बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। होने वाले बच्चे की सेहत और पर्सनैलिटी, गर्भवती मां क्या सोचती हैं,क्या खाती-पीती है इत्यादि बातों पर ही निर्भर करता है। ऐसे में मां को पहले से ही अपने आप को तैयार रखना चाहिए ताकि आपको बच्चा शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से स्वस्थ रहें।
  • आप चाहे तो गर्भधारण करने से पहले प्री कंसेप्शनल काउंसलिंग ले सकती हैं।
  • डॉक्टर की सलाह पर नौ महीने के दौरान हल्के-फुल्के व्यायाम करते रहें।
  • गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई नहीं लेनी चाहिए।

 

क्‍या न करें

  • नौ महीनों के दौरान अधिक भार न उठाएं।
  • संभंव हो तो दूर की यात्रा नौ महीनों के दौरान न करें।
  • गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक सीढि़या न चढ़े।
  • स्कूटर या तिपाहिया वाहन इत्यादि पर नौ महीनों के दौरान बैठता नजरअंदाज करें।
  • ऑफिस जाने के बावजूद भी बहुत अधिक देर तक काम न करें।
  • ऑफिस में अधिक तनाव के बीच काम न करें।
  • ऑफिस में तंग कपड़े और हाई हील इत्यादि न पहनें।
  • तैलीय भोजन और जंकफूड और मसालेदार भोजन को नौ महीनों के दौरान कम से कम खाएं।
  • गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक भागदौड़ और उछलकूद न करें।
  • हिंसा प्रधान या डरावनी फ़िल्में या धारावाहिक न देखें।

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Image Source : Getty

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