अंधेरे में यूज करते हैं स्मार्टफोन, तो हो सकती है ये बीमारी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 01, 2018
Quick Bites

  • रात को सोने से पहले 99 प्रतिशत लोग फोन पर लगे होते हैं।
  • मोबाइल फोन लगभग सभी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
  • इन दिनों चैट के तमाम विकल्प आ चुके हैं, जो खतरे से खाली नहीं हैं।

आजकल के समय में ना सिर्फ युवा बल्कि बुजुर्ग भी मोबाइल पर आश्रित होते जा रहे हैं। बिना फोन के लोग खुद को अधूरा और अकेला समझते हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक फोन सांस की तरह साथ रहता है। लेकिन इसके अधिक प्रयोग के कारण कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्य समस्‍यायें होती हैं। इसलिए जरूरी है कि फोन को अपनी जिंदगी में अधिक दखल देने से बचाया जाए। आज हम आपको कुछ ऐसी बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जो फोन का अधिक इस्तेमाल करने के चलते होती है।

डिप्रेशन का है बड़ा कारण

रात को सोने से पहले 99 प्रतिशत लोग फोन पर लगे होते हैं। कुछ चैटिंग करते हैं तो कुछ लोग गेम्स खेलते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में साफ हुआ है कि अंधेरे में फोन का अधिक इस्तेमाल करने से सिर दर्द, बेचैनी, कंपन, आंखें कमजोर और डिप्रेशन जैसी बड़ी बीमारियां हो सकती हैं। वैसे तो फोन से दूर ही रहना चाहिए। लेकिन अगर आप अंधेरे में फोन का इस्तेमाल करते हैं तो कोशिश करें कि कम से कम छोटी लाइट जरूर जला दें।

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नींद का है दुश्मन

अक्सर लोगों की आदत होती है कि जब वो सोने के लिए लेटते हैं तो फोन का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका मोबाइल फोन आपकी नींद का दुश्मन होता है? दरअसल, आपके स्मार्टफोन से निकलने वाला कृत्रिम प्रकाश अंधेरे में आपके शरीर की मेलाटोनिन उत्पादन करने के क्षमता को प्रभावित करता है। मेलाटोनिन आपको नींद दिलाने वाला रसायन होता है। तो जब आप सोने के समय फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो इसके प्रकाश के कारण आपकी नींद भाग जाती है।

पिंपल्स की समस्या

आज-कल मोबाइल फोन लगभग सभी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हम सभी दिन का काफी वक्‍त मोबाइल का उपयोग करते हुए बिताते हैं और इस बात से पूरी तरह अनजान होते हैं कि ऐसा करना हमारी त्वचा के लिए नुकदायक सबित हो रहा है। जी हां फोन का अधिक उपयोग करना एक्‍ने का एक कारण बन सकता है। एक अध्ययन से पता चला है कि लगातार गाल से फोन के चिपकाए रखने से त्वचा पर दाने व मुंहासे हो जाते हैं, फिर चाहे आपका फोन साफ और बेक्टीरिया मुक्‍त ही क्यों हो या न हो। दरअसल इसकी वजह से गर्मी और घर्षण उत्पन्न होता है, जिसकी वजह से मुंहासे निकल आते हैं।

झुर्रियों को देता है निमंत्रण

इन दिनों चैट के तमाम विकल्प आ चुके हैं। नई-नई ऐप्स और फिर इंटरनेट पर उपलब्ध टेक्स्ट को पढ़ना अब आम बात है। इस तरह के टेक्स्ट का फोंट अमूमन छोटा होता है। छोटे फोंट की वजह से लोग फोन को इस तरह से देखते हैं कि उनकी भौंहों के बीच झुर्रियां पड़ जाती हैं। इस समस्या से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन का फोंट बडा करें, साथ ही इसकी ब्राइटनेस को भी बढ़ा दें।

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पुरुष बांझपन की समस्या

इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. गौरी अग्रवाल के अनुसार बांझपन की समस्या के लिए मोबाइल फोन और लैपटॉप का ठीक प्रकार से इस्तेमाल न करना भी बड़ा कारण है। शर्ट की जेब में दिल के पास और पैंट की जेब में रखने पर मोबाइल से निकलने वाली रेज खतरनाक साबित होती हैं। यह पुरुषों के शुक्राणुओं पर बुरा प्रभाव डालती हैं और उनकी संख्या और क्षमता में बीस से तीस प्रतिशत तक की कमी कर देती हैं।

रेडियेशन है नुकसानदायक

टावर से सिग्नल, सिग्नल से फोन और फोन से आवाज आने तक की पूरी प्रक्रिया रेडियेशन पर निर्भर है। यह किरणें चारों तरफ हैं। जहां नहीं होना चाहिए वहां भी और जितनी मात्रा में नहीं होनी चाहिए उससे कहीं ज्यादा भी है। ये मोबाइल के जरिए हमारे शरीर को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाती हैं। इससे कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है। बिना बात के रेडीयेशन से निजात पाने के लिए फेक कॉल्स और एसएमएस के लिए डीएनडी कर दें।

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